जिस हादसे के बाद ममूटी को घेरने की थी आशंका, वहां बच्चे ने मुस्कुराकर बदला पूरा मंजर, जेब में रखी दो बॉल ने बचाई जान, दोस्त ने बताया किस्सा
अभिनेता वीके श्रीरामन ने ममूटी से जुड़ा 40 साल पुराना किस्सा साझा किया है। ऊटी से कोयंबटूर जाते समय उनकी कार से 10 साल का बच्चा टकराया था, जो चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया।

मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी अपनी शानदार अदाकारी के साथ-साथ अपनी शख्सियत के लिए भी जाने जाते हैं। इस साल एक्टर को नेशनल अवॉर्ड और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनसे जुड़े कई पुराने किस्से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब अभिनेता और लेखक वीके श्रीरामन ने ममूटी से जुड़ा करीब चार दशक पुराना एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसे पढ़कर लोग हैरान भी हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं। इस किस्से में ममूटी की कार से एक 10 साल के बच्चे को टक्कर लग गई थी। हालांकि, इसके बाद जो कुछ हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। श्रीरामन ने सोशल मीडिया पर इस घटना को याद करते हुए बताया कि उस समय वह ममूटी के साथ कार में मौजूद थे और दोनों फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में ऊटी से कोयंबटूर जा रहे थे।
ममूटी की कॉन्टेसा कार से हुआ था हादसा
वीके श्रीरामन के मुताबिक यह घटना उस समय की है, जब निर्देशक पवित्रन की फिल्म 'उत्तरम' की शूटिंग ऊटी में चल रही थी। ममूटी और श्रीरामन अपनी यात्रा के दौरान अभिनेता की मशहूर 369 नंबर वाली कॉन्टेसा कार में सवार थे। कार खुद ममूटी चला रहे थे। दोनों ऊटी से पहाड़ी रास्ते से नीचे उतरते हुए कोयंबटूर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक कॉन्वेंट स्कूल के सामने अचानक एक 10 साल का बच्चा सड़क पार करके बस में चढ़ने के लिए दौड़ा। तभी ममूटी की कार उससे टकरा गई। श्रीरामन ने बताया कि मम्मूटी ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे वह आगे की सीट पर बैठे होने के कारण कार के शीशे से टकरा गए। हादसे के तुरंत बाद ममूटी कार से बाहर निकले और उनके पीछे श्रीरामन भी उतर आए। उस वक्त उन्हें लगा कि स्थानीय लोग गुस्से में आकर कार में तोड़फोड़ कर सकते हैं और उनके साथ मारपीट भी हो सकती है, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने जो नजारा देखा, वह उनकी उम्मीद से बिल्कुल अलग था।
हादसे के बाद बच्चे को देखकर हैरान रह गए दोनों
श्रीरामन ने बताया कि कार की टक्कर से बच्चा सड़क किनारे बनी नाली की तरफ जा गिरा था। कुछ लोग उसे उठाकर उनकी ओर ला रहे थे। हालांकि सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि बच्चा बिल्कुल ठीक था और मुस्कुरा रहा था। इसके बाद स्कूल के सिक्योरिटी चीफ ने हादसे के बारे में जो जानकारी दी, उसने सभी को राहत पहुंचाई। वीके श्रीरामन के मुताबिक स्कूल के सिक्योरिटी चीफ ने बताया कि कार की टक्कर बच्चे की दाईं जांघ पर लगी थी। संयोग से बच्चे की पैंट की उसी जेब में दो क्रिकेट बॉल रखी हुई थीं। इन गेंदों की वजह से टक्कर का असर कम हो गया। साथ ही बच्चा सड़क किनारे मौजूद बेलों और झाड़ियों पर गिरा, जिससे उसे गंभीर चोट नहीं आई। सिक्योरिटी चीफ ने इस पूरे घटनाक्रम को किसी फिल्म के स्टंट सीन जैसा बताया। उन्होंने ममूटी की ओर हाथ बढ़ाते हुए उन्हें असली हीरो भी कहा। ममूटी ने भी मुस्कुराते हुए उनसे हाथ मिलाया।
ममूटी ने श्रीरामन से पूछा- डर गए थे क्या?
इस घटना के बाद जब दोनों दोबारा कार में बैठे तो ममूटी ने श्रीरामन से पूछा कि क्या वह डर गए थे। इस पर श्रीरामन ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उन्हें डर था कि कहीं स्थानीय लोग ममूटी को छोड़कर उन्हें ही ड्राइवर समझकर न पकड़ लें। उन्होंने सोचा था कि लोग उनसे सवाल करेंगे कि स्कूल के पास बच्चे मौजूद होने के बावजूद वह इतनी तेज गाड़ी क्यों चला रहे थे। इस पर ममूटी ने भी हाजिरजवाबी दिखाते हुए कहा कि उनके कपड़ों में श्रीरामन बिल्कुल ड्राइवर जैसे लग रहे थे। श्रीरामन ने लिखा कि इसके बाद कोयंबटूर पहुंचने तक वह बार-बार पीछे मुड़कर देखते रहे कि कहीं हादसे में घायल बच्चा और उसके साथ आए लोग उनका पीछा तो नहीं कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया पुराना किस्सा
वीके श्रीरामन की यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रही है। उन्होंने करीब 40 साल पुरानी घटना को जिस सहजता और हास्य के साथ याद किया है, वह लोगों को पसंद आ रही है। ममूटी के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और उस दिन के अनुभव का यह किस्सा एक अप्रत्याशित हादसे के बाद सामने आए राहत भरे पल को बयां करता है।