'बहुत याद आएंगे', नाना पाटेकर के निधन पर मनीषा कोइराला का भावुक पोस्ट, कभी दोनों के बीच था गहरा रिश्ता
नाना पाटेकर के निधन पर मनीषा कोइराला ने भावुक श्रद्धांजलि दी। दोनों ने 'अग्नि साक्षी' और 'खामोशी' जैसी फिल्मों में साथ काम किया था। कभी दोनों के रिश्ते की खबरों ने बॉलीवुड में खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से हिंदी सिनेमा ने एक बेहद प्रतिभाशाली और प्रभावशाली कलाकार खो दिया है। 75 साल की उम्र में नाना ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार उन्हें याद कर रहे हैं। इसी बीच अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने भी नाना पाटेकर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक श्रद्धांजलि दी। खास बात यह रही कि मनीषा के संदेश में उन पुरानी चर्चाओं का कोई जिक्र नहीं था, जो कभी दोनों के नाम को लेकर बॉलीवुड के गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरती थीं। उन्होंने अपने संदेश में केवल नाना के कलाकार के रूप में योगदान और उनकी प्रतिभा को याद किया। नाना पाटेकर का निधन गोवा स्थित उनके घर पर हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। डॉक्टरों ने काफी देर तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन करीब 45 मिनट के प्रयास के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सुबह करीब 5:20 बजे उनके निधन की पुष्टि हुई। उनके जाने की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया।
मनीषा ने नाना के लिए क्या लिखा?
नाना के निधन के बाद मनीषा कोइराला ने इंस्टाग्राम पर उन्हें याद किया। अभिनेत्री ने अपने पोस्ट में नाना को भारतीय सिनेमा का महान कलाकार बताते हुए उनके अभिनय कौशल की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि एक महान अभिनेता, शानदार व्यक्तित्व और अभिनय कला के सच्चे दिग्गज के निधन से वह बेहद दुखी हैं। मनीषा ने आगे नाना के सिनेमा में योगदान और अपने काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में नाना का योगदान और अभिनय के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। अपने संदेश के अंत में मनीषा ने उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हुए 'ओम शांति' लिखा। मनीषा का यह संदेश छोटा जरूर था, लेकिन इसके पीछे दोनों कलाकारों के बीच जुड़ा एक लंबा और चर्चित इतिहास रहा है। 1990 के दशक में नाना और मनीषा ने कुछ ऐसी फिल्मों में साथ काम किया, जो दोनों के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती हैं। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री और फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों के साथ-साथ ऑफ स्क्रीन उनकी कथित नजदीकियों की खबरों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
'अग्नि साक्षी' से शुरू हुआ था साथ
नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला ने पहली बार फिल्म 'अग्नि साक्षी' में साथ काम किया था। पार्थो घोष के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मनीषा ने शिवांगी का किरदार निभाया था, जबकि जैकी श्रॉफ सूरज और नाना पाटेकर विश्वनाथ की भूमिका में थे। फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसका अतीत अचानक उसकी नई जिंदगी के सामने आकर खड़ा हो जाता है। नाना ने फिल्म में एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया था, जो खुद को शिवांगी का लापता पति बताता है। उनका किरदार सामान्य खलनायक जैसा नहीं था। उसके जुनूनी व्यवहार और खौफनाक मौजूदगी ने फिल्म को एक अलग स्तर का तनाव दिया था। वहीं मनीषा का किरदार अपने अतीत और वर्तमान के बीच फंसी हुई महिला का था। फिल्म में दोनों कलाकारों के बीच के दृश्यों को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसी फिल्म के बाद दोनों के बीच ऑफ स्क्रीन रिश्ते को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हुआ।
स्क्रीनराइटर ने बताई थी सेट की कहानी
समय बीतने के बाद फिल्म के लेखक रणबीर पुष्प ने भी नाना और मनीषा के साथ काम करने के अनुभव को लेकर बात की थी। उनके मुताबिक दोनों कलाकार एक-दूसरे को अभिनय के स्तर पर अच्छी तरह समझते थे। वे अपने दृश्यों को लेकर पहले चर्चा करते थे और उस आपसी समझ की झलक उनके अभिनय में भी दिखाई देती थी। हालांकि लेखक ने यह भी स्पष्ट किया था कि उन्होंने दोनों के बीच किसी रोमांटिक रिश्ते को अपनी आंखों से नहीं देखा था। उनके अनुसार दोनों की नजदीकियों को लेकर चर्चाएं बाद में मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्मी गलियारों की बातों के जरिए ज्यादा सामने आईं। यही वजह है कि दोनों के कथित रिश्ते से जुड़ी कई बातें आज भी महज रिपोर्ट्स और चर्चाओं तक सीमित हैं।
'खामोशी' में बदला रिश्ता
'अग्नि साक्षी' के बाद नाना और मनीषा की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर नजर आई। इसी दौर में संजय लीला भंसाली की पहली निर्देशित फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' रिलीज हुई। हालांकि इस फिल्म में दोनों के किरदारों का रिश्ता बिल्कुल अलग था। फिल्म में मनीषा ने एनी ब्रैगांजा का किरदार निभाया था, जबकि नाना उनके पिता जोसेफ ब्रैगांजा की भूमिका में थे। सलमान खान ने फिल्म में राज का किरदार निभाया था, जिसे एनी से प्यार हो जाता है। फिल्म की कहानी गोवा में रहने वाले एक मूक-बधिर दंपति और उनकी बेटी के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। 'खामोशी' मनीषा के करियर की बेहद महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हुई। उनके अभिनय को समीक्षकों ने खूब सराहा और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस भी मिला। इस फिल्म ने यह भी दिखाया कि नाना और मनीषा की ऑन-स्क्रीन जोड़ी अलग-अलग तरह के किरदारों में कितनी प्रभावशाली हो सकती है।
दोनों के रिश्ते की खबरों ने खूब बटोरी सुर्खियां
पर्दे पर शानदार अभिनय करने वाली इस जोड़ी के निजी रिश्ते को लेकर 1990 के दशक में कई तरह की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट्स में दावा किया जाता रहा कि 'अग्नि साक्षी' में साथ काम करने के दौरान नाना और मनीषा एक-दूसरे के करीब आए थे। दोनों की उम्र में अंतर, नाना की शादीशुदा जिंदगी और दोनों का उस दौर में अपने-अपने करियर में बड़ा नाम होना इस कथित रिश्ते को मनोरंजन मीडिया के लिए और ज्यादा दिलचस्प बना देता था। हालांकि उनके रिश्ते को लेकर कही गई हर बात को तथ्य मानना सही नहीं होगा। दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध से जुड़ी ज्यादातर जानकारी उस दौर की मीडिया रिपोर्ट्स और बाद में सामने आए इंटरव्यू या संस्मरणों पर आधारित रही है। इसलिए इस रिश्ते से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई। नाना पाटेकर की शादी नीलकांती पाटेकर से हुई थी। दोनों लंबे समय से अलग-अलग रहने की खबरों के बावजूद कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं थे। उनकी निजी जिंदगी की इस जटिल स्थिति ने मनीषा के साथ कथित रिश्ते को लेकर सामने आने वाली चर्चाओं को और हवा दी।
नाना ने भी मनीषा को लेकर की थी बात
सालों बाद भी नाना पाटेकर ने कुछ मौकों पर मनीषा कोइराला के बारे में भावुक होकर बात की थी। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने मनीषा को बेहद संवेदनशील अभिनेत्री बताया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि दोनों के अलग होने के बाद उन्हें उनकी कमी महसूस होती थी। समय के साथ दोनों की जिंदगी और करियर अलग दिशाओं में आगे बढ़ गए। जिस रिश्ते को कभी बॉलीवुड की बड़ी गॉसिप स्टोरी माना जाता था, वह धीरे-धीरे अतीत का हिस्सा बन गया। मनीषा ने आगे चलकर 'दिल से..', 'कंपनी', 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया और अपनी अलग पहचान बनाई। वहीं नाना पाटेकर हिंदी फिल्मों के साथ-साथ मराठी सिनेमा और थिएटर में भी सक्रिय रहे।
अब सिर्फ कलाकार के रूप में याद किया जा रहा है रिश्ता
नाना के निधन के बाद मनीषा की श्रद्धांजलि ने दोनों के रिश्ते को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया। अभिनेत्री ने अपने संदेश में अतीत की चर्चाओं को जगह देने के बजाय नाना को एक कलाकार के तौर पर याद किया। उनका संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान कितना बड़ा था और अभिनय के प्रति उनका समर्पण किस तरह आने वाली पीढ़ियों के लिए यादगार रहेगा।
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