'मन्या सुर्वे मेरा भाऊ था,' क्या था गैंगस्टर से रिश्ता, मां न करती नाना पाटेकर को दूर तो सुपरस्टार बन जाता अंडरवर्ल्ड डॉन
नाना पाटेकर ने खुलासा किया था कि अगर वह अभिनेता नहीं बनते तो शायद अंडरवर्ल्ड की दुनिया में चले जाते। उन्होंने गैंगस्टर मन्या सुर्वे को अपना मामेरा भाई बताया और मां के त्याग को याद किया।

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी जिंदगी से जुड़े कई अनसुने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाले नाना ने निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव देखे थे। आज भले ही अभिनेता हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके पुराने इंटरव्यू और बेबाक बयान उनकी जिंदगी के कई ऐसे पहलुओं से रूबरू कराते हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। नाना ने एक बातचीत में अपने गुस्सैल स्वभाव, बचपन के माहौल और परिवार से जुड़े उस रिश्ते का जिक्र किया था, जिसने उनकी जिंदगी को एक अलग दिशा दे सकती थी। उन्होंने कहा था कि अगर वह फिल्मों में नहीं आते तो शायद अंडरवर्ल्ड की दुनिया में चले जाते। इतना ही नहीं, उन्होंने मुंबई के कुख्यात गैंगस्टर मन्या सुर्वे को अपना मामेरा भाई भी बताया था।
निधन के बाद फिर चर्चा में नाना का पुराना बयान
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े पुराने इंटरव्यू और किस्से सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा में आ रहे हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने ऐसे कई किरदार निभाए, जिनमें उनका गुस्सा, आक्रामकता और तीखा अंदाज नजर आया। हालांकि, एक बातचीत में नाना ने बताया था कि पर्दे पर दिखने वाला उनका यह तेवर सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं था। वह असल जिंदगी में भी कभी बेहद गुस्सैल और आक्रामक स्वभाव के हुआ करते थे। सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में नाना ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि उन्होंने जिंदगी में कई झगड़े किए थे। कुछ घटनाएं तो ऐसी थीं, जिन्हें वह बाद में ठीक से याद भी नहीं कर पाते थे। इसी दौरान उन्होंने अपने जीवन की एक चौंकाने वाली संभावना का जिक्र किया था। नाना ने कहा था कि अगर उनका एक्टिंग करियर नहीं चलता तो शायद वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में चले जाते।
'एक्टर नहीं बनता तो शायद अंडरवर्ल्ड में होता'
नाना का यह बयान उनके प्रशंसकों के लिए काफी चौंकाने वाला था। जिस अभिनेता ने आगे चलकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्म श्री जैसे सम्मान हासिल किए, उन्होंने खुद माना था कि जिंदगी की शुरुआत में उनके आसपास का माहौल और उनका स्वभाव उन्हें किसी दूसरी दिशा में ले जा सकता था। हालांकि नाना ने इसे किसी अपराध में अपनी भागीदारी के तौर पर पेश नहीं किया था। उनका इशारा उस दौर के माहौल और अपने स्वभाव की ओर था। वह मानते थे कि गुस्सा और आक्रामकता अगर सही दिशा न मिले तो इंसान को गलत रास्ते पर ले जा सकती है। अभिनय ने उन्हें अपनी ऊर्जा को रचनात्मक काम में लगाने का मौका दिया और यही उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
मन्या सुर्वे को बताया था अपना 'भाऊ'
नाना पाटेकर की जिंदगी का यह किस्सा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि उन्होंने मुंबई के कुख्यात गैंगस्टर मन्या सुर्वे से अपने पारिवारिक रिश्ते का जिक्र भी किया था। एक पुराने इंटरव्यू में नाना ने बताया था कि मन्या सुर्वे उनके मामेरे भाई थे। उन्होंने उन्हें अपना 'भाऊ' यानी भाई बताया था। मन्या सुर्वे का नाम मुंबई के अंडरवर्ल्ड इतिहास में चर्चित रहा है। ऐसे में नाना के इस पारिवारिक कनेक्शन ने लोगों का ध्यान खींचा था। हालांकि, नाना की जिंदगी और करियर को देखते हुए यह साफ है कि उन्होंने अपने परिवार की उस पृष्ठभूमि से खुद को अलग रखा और अपनी पहचान एक अभिनेता के रूप में बनाई।
मां ने उठाया था बड़ा फैसला
नाना ने अपनी मां को याद करते हुए बताया था कि उन्होंने बच्चों को उस माहौल से दूर रखने के लिए बड़ा फैसला लिया था। उनकी मां बच्चों को लेकर मुरुड-जंजीरा चली गई थीं। उनका मकसद था कि परिवार के उस हिस्से और आसपास के माहौल का असर बच्चों की जिंदगी पर न पड़े। नाना के मुताबिक उनकी मां चाहती थीं कि उनके बच्चे एक बेहतर जिंदगी जिएं और किसी गलत रास्ते पर न जाएं। इसके लिए उन्होंने कई मुश्किलें सहीं और बच्चों को मुंबई से दूर रखकर पाला। नाना का मानना था कि अगर उनकी मां ने उस समय यह कदम नहीं उठाया होता तो उनकी जिंदगी भी शायद उसी माहौल से प्रभावित हो सकती थी।
सिनेमा ने बदल दी नाना की जिंदगी
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका यह पुराना किस्सा उनकी जिंदगी के एक अहम पहलू को सामने लाता है। जिस शख्स ने कभी खुद को बेहद गुस्सैल और आक्रामक बताया था, वही आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल हुआ। उन्होंने अभिनय के जरिए न सिर्फ अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने जीवन को भी एक नई दिशा दी।
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