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'पदयात्रा' का ट्रेलर रिलीज, ममूटी बने डॉक्टर, अब अडूर गोपालकृष्णन की फिल्म से मचाएंगे धूम

'पदयात्रा' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। मशहूर फिल्ममेकर अडूर गोपालकृष्णन के साथ अपनी चौथी फिल्म में ममूटी एक डॉक्टर का किरदार निभा रहे हैं।

Mammootty- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/@MAMMOOTTYKAMPANY ममूटी

मलयालम सुपरस्टार ममूटी ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'पदयात्रा' का ट्रेलर रिलीज किया है। इस फिल्म के लिए एक्टर 32 साल के लंबे अंतराल के बाद मशहूर फिल्ममेकर अडूर गोपालकृष्णन के साथ फिर से काम करने जा रहे हैं। 'पदयात्रा' का ट्रेलर भी चर्चा में बना हुआ है, जो 1 मिनट 14 सेकंड का है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि पद्म भूषण से सम्मानित ममूटी फिल्म में एक डॉक्टर का किरदार निभा रहे हैं। गोपालकृष्णन की 13 फिल्मों में से 4 में ममूटी काम कर चुके हैं और अब दोनों 5वीं फिल्म में साथ नजर आएंगे।

'पदयात्रा' के ट्रेलर में क्या है?

ट्रेलर की शुरुआत ममूटी के किरदार के सुबह उठने और स्ट्रेचिंग करने के बाद घर से निकलने से होती है, जब काम की जगह पर कोई उन्हें याद दिलाता है कि समय बदल रहा है और इसके लिए कुछ समझौते करने पड़ते हैं तो ममूटी मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, 'समय नहीं बदलता, हम बदलते हैं।' इसके बाद हम एक गांव के लोगों को यह अंदाजा लगाते हुए देखते हैं कि ममूटी के डॉक्टर वाले किरदार के पास इतना पैसा कैसे है।

इस बीच डॉक्टर अपना काम करते रहते हैं और एक महिला मरीज को सलाह देते हैं कि वह बदलाव को अपने इलाज के तौर पर अपनाए। वे कहते हैं, 'जब तुम्हें भागने का मौका मिले तो पीछे मुड़कर मत देखना।' माओवादी हमले के शक के कारण कई घटनाएं होती हैं, जिनमें पुलिस का डॉक्टर से भी पूछताछ करना शामिल है। एक पुलिसकर्मी कहता है, 'जब कोई शिकायत आती है तो हम जांच करने के लिए बाध्य होते हैं' और इसी दौरान पुलिस ममूटी के चेहरे पर टॉर्च की रोशनी डालती है। ट्रेलर के आखिर में इशारा मिलता है कि उन पर लगे आरोप देशद्रोह तक पहुंच जाते हैं।

ममूटी और गोपालकृष्णन 33 साल बाद फिर साथ आए

ममूटी और अडूर गोपालकृष्णन ने पहली बार 1987 में साइकोलॉजिकल ड्रामा 'अनंतराम' के लिए साथ काम किया था। इस फिल्म में अशोकन और शोभना भी थे और इसने गोपालकृष्णन को दो नेशनल अवॉर्ड दिलाए- बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए। तीन साल बाद उन्होंने मलयालम लेखक और आजादी की लड़ाई लड़ने वाले वाइकोम मुहम्मद बशीर की जिंदगी पर बनी फिल्म 'मथिलुकल' के लिए फिर से साथ काम किया। इस फिल्म ने न सिर्फ गोपालकृष्णन को बेस्ट डायरेक्शन का नेशनल अवॉर्ड दिलाया, बल्कि ममूटी को भी उनका पहला नेशनल अवॉर्ड मिला। 'मथिलुकल' ने बेस्ट रीजनल फिल्म (मलयालम) का नेशनल अवॉर्ड भी जीता।

गोपालकृष्णन की निर्देशन में वापसी

अडूर गोपालकृष्णन ने बताया कि 'पिन्नेयुम' के बाद फिर से निर्देशन में लौट रहे हैं। दिग्गज फिल्ममेकर ने हाल ही में 'इंडिया टुडे' को बताया, 'मुझे शक था कि जब फिल्म सिनेमा हॉल में नहीं दिखाई जा सकती तो मैं फिल्म क्यों बनाऊं। मैंने फिल्म बनाने के बारे में सोचना लगभग छोड़ ही दिया था।' उन्होंने ममूटी के साथ पिछले चार दशकों के अपने शानदार सहयोग का जिक्र करते हुए कहा, 'शायद वह अकेले ऐसे एक्टर हैं, जिन्हें मैंने अपनी कई फिल्मों में बार-बार लिया है मेरी बनाई 13 फिल्मों में से चार में।'

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