प्रकाश राज का आज एक बड़ा झूठ सामने आया। हाल ही में साउथ और बॉलीवुड में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए मशहूर प्रकाश राज ने एक वीडियो पोस्ट कर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। उन्होंने इस वीडियो में दावा किया था कि वह बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका जन्म इसी क्षेत्र में हुआ, यहीं उन्होंने पढ़ाई-लिखाई की और थिएटर में काम किया। इसके बावजूद उनका नाम लाखों अन्य नागरिकों के साथ मतदाता सूची से चुपचाप हटा दिया गया। हालांकि, प्रकाश राज का यह दावा झूठा निकाला। चुनाव आयोग ने प्रकाश राज के बेंगलुरु में रहने वाले दावे को वैरीफिकेशन के बाद गलत साबित कर दिया है।
झूठ पड़ा प्रकाश राज पर भारी
चुनाव आयोग ने प्रकाश राज के इस दावे को गलत बताया। उन्होंने पूरे फैक्ट्स के साथ ये साबित कर दिया कि प्रकाश राज ने बेंगलुरु का जो पता दिया है। उस एड्रेस पर वो रहते ही नहीं हैं। पूरे वैरीफिकेशन के बाद ही उनका नाम वोटर लिस्ट से काटा गया है। असल में प्रकाश राज ने 11 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए चुनाव आयोग पर तंज किया था कि वो उन 65 लाख वोटर्स में शामिल हैं, जिनका नाम SIR के बाद वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। प्रकाश राज ने यह भी कहा कि वे बेंगलुरु से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन अब वो बेंगलुरु में वोट भी नहीं डाल सकते। प्रकाश राज ने तंज कसते हुए कहा कि अब वो देखेंगे कि उन्हें कौन से कागज दिखाने होंगे, क्योंकि खेल शुरू हो गया है।
चुनाव आयोग ने प्रकाश राज का बैंगलूरू वाला दावा बताया गलत
प्रकाश राज सोच रहे होंगे कि आरोप लगाने के बाद निकल जाएंगे, लेकिन चुनाव आयोग ने उनके वीडियो को गंभीरता से लिया। लोकल BLO को कुछ अफसरों के साथ बैंगलूरू के उस एड्रेस पर भेजा जो प्रकाश राज के पते के तौर पर दर्ज था, लेकिन प्रकाश राज वहां नहीं मिले। चुनाव आयोग के अफसरों ने आसपास रहने वालों से बात की और पूछा कि क्या प्रकाश राज इस पते पर रहते हैं तो पड़ोस में रहने वालों ने बताया कि पहले प्रकाश राज यहां रहते थे, लेकिन पिछले चार साल से वो कहीं और शिफ्ट हो गए हैं। ये घर चार साल से खाली है। यहां कोई नहीं रहता और चार साल से प्रकाश राज भी यहां नहीं आए हैं। चुनाव आयोग के अफसरों ने पड़ोसियों का वीडियो बनाया। साथ ही सबकी बात रिकॉर्ड की और ये वीडियो जारी करके प्रकाश राज के दावे को झूठा और बेबुनियाद बताया है।
प्रकाश राज के दावे पर चुनाव आयोग का पलटवार
प्रकाश राज सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हैं। बड़ी बड़ी बातें करते हैं। हमेशा दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं और उपदेश देते हैं, लेकिन अब वो खुद झूठ बोलते पकड़े गए। प्रकाश राज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे थे। उन्हें लगा होगा कि अगर अपना एक्जाम्पल देकर SIR के प्रोसेस पर उंगली उठाएंगे तो लोग यकीन कर लेंगे, लेकिन इलेक्शन कमीशन ने कैमरे के साथ अफसरों को मौके पर भेज दिया और दूध का दूध पानी का पानी हो गया। प्रकाश राज का झूठ पकड़ा गया।
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