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साम, दाम, दंड, भेद से रावण ने हथियाई थीं 4 चीजें, जिसने बनाया उसे महाबली, 'रामायण' के ट्रेलर में दिखी इनकी साफ झलक

नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर में रावण का भव्य रूप नजर आया। रावण ने अपनी शक्तियों और साम, दाम, दंड, भेद के बल पर कई ऐसी चीजें हासिल की थीं, जिसने उसे और अधिक महाबली बना लिया था।

ravana ramayana- India TV Hindi
Image Source : WORLD OF RAMAYANA YOUTUBE रावण।

नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही रावण के भव्य और शक्तिशाली रूप ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण कोई साधारण योद्धा नहीं, बल्कि एक परम ज्ञानी और अपार शक्तियों का स्वामी था। उसने अपनी कूटनीति और साम, दाम, दंड, भेद के बल पर चार अत्यंत बहुमूल्य वस्तुएं हासिल की थीं, सोने की लंका, पुष्पक विमान, यक्षों का अपार खजाना और भगवान शिव की अजेय तलवार 'चंद्रहास'। अपने ही सौतेले भाई कुबेर को हराकर और महादेव को अपनी भक्ति से प्रसन्न कर रावण ने ये दिव्य शक्तियां प्राप्त की थीं। ट्रेलर में इन चारों चीजों की भव्य झलक देखने को मिलती है, जो रावण के महाबली स्वरूप को जीवंत करती हैं।

सोने की लंका को रावण ने कैसे हासिल किया?

पौराणिक कथाओं के अनुसार सोने की लंका का निर्माण मूल रूप से विश्वकर्मा जी ने भगवान शिव और माता पार्वती के निवास स्थान के लिए किया था। जब लंका में गृह प्रवेश का पूजन संपन्न हुआ, तो आचार्य के रूप में आमंत्रित महाज्ञानी ऋषि विश्रवा ने दक्षिणा के रूप में शिव जी से वही लंका मांग ली। इस प्रकार लंका ऋषि विश्रवा और उनके पुत्र कुबेर (धन के देवता) के अधिकार में आ गई। आगे चलकर विश्रवा के दूसरे पुत्र रावण ने अपनी कठोर तपस्या से अपार शक्तियां प्राप्त कीं। अहंकार और महत्वाकांक्षा के वश में आकर रावण ने 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति अपनाई। उसने अपने ही सौतेले भाई कुबेर पर आक्रमण कर दिया, उन्हें लंका से खदेड़ दिया और छल-बल से सोने की लंका पर अपना आधिपत्य जमा लिया। ट्रेलर की शुरुआत में ही सोने की लंका में रावण की एंट्री देखने को मिलती है, जहां से वो खुद को तीनों लोकों का स्वामी घोषित करता है।

पुष्पक विमान को रावण ने कैसे हासिल किया?

पौराणिक कथाओं के अनुसार पुष्पक विमान का निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा ने भगवान ब्रह्मा के लिए किया था। बाद में, भगवान ब्रह्मा ने धन के देवता कुबेर की कठिन तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर यह अद्भुत विमान उन्हें भेंट स्वरूप दे दिया। पुष्पक विमान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह मन की गति से उड़ सकता था और यात्री की इच्छा के अनुसार इसका आकार छोटा या बड़ा हो जाता था।कुबेर और रावण सौतेले भाई थे। जब रावण ने ब्रह्मा जी से वरदान पाकर अपार शक्तियां प्राप्त कर लीं तो उसकी महत्वाकांक्षाएं बढ़ गईं। लंका पर अधिकार करने के बाद उसने अलकापुरी पर आक्रमण कर कुबेर को युद्ध में पराजित कर दिया। रावण ने बलपूर्वक कुबेर से पुष्पक विमान भी छीन लिया और उस पर अपना अधिकार जमा लिया। टीजर के बाद ट्रेलर में भी कमल जैसे दिखने वाले पुष्पक विमान क झलक साफ दिखाई गई है।

यक्षों के धन को रावण ने कैसे हासिल किया?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यक्षों का अपार धन मूल रूप से यक्षों के राजा और धनपति कुबेर का था। भगवान ब्रह्मा से अमरता और अतुलनीय शक्तियों का वरदान प्राप्त करने के बाद रावण की शक्ति और राज्य विस्तार की लालसा चरम पर पहुंच गई। कुबेर और रावण सौतेले भाई थे, लेकिन रावण ने कुबेर के अधिकार वाले समृद्ध नगर अलकापुरी पर चढ़ाई कर दी। भीषण युद्ध में रावण ने यक्षों की सेना और कुबेर को पराजित कर दिया। इसके बाद रावण ने छल और बाहुबल के प्रयोग से कुबेर के खजाने, यक्षों की निधि तथा उनके दिव्य आभूषणों पर पूरी तरह कब्ज़ा कर लिया। इस प्रकार, यक्षों की समस्त धन-संपदा रावण के अधिकार में आ गई और उसने इसका उपयोग लंका का वैभव बढ़ाने के लिए किया। आभूषणों से सजा रावण पूरे ट्रेलर में देखने को मिलता है, जो उसने यक्षों से हासिल किए।

भगवान शिव की तलवार रावण ने कैसे हासिल की?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रहास नाम की यह अजेय और दिव्य तलवार स्वयं भगवान शिव की थी। जब अहंकार में डूबे रावण ने भगवान शिव के निवास स्थान कैलाश पर्वत को उठाने का दुस्साहस किया, तब महादेव ने अपने पैर के अंगूठे से पर्वत को दबा दिया। इसके नीचे रावण के हाथ दब गए और वह पीड़ा से व्याकुल हो उठा। अपनी भूल का अहसास होने पर रावण ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए वहीं पर 'शिव तांडव स्तोत्र' की रचना की और वर्षों तक कठिन तपस्या व स्तुति की। रावण की इस अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मुक्त कर दिया और पुरस्कार स्वरूप अपनी अलौकिक तलवार 'चंद्रहास' भेंट की। हालांकि, शिव जी ने यह चेतावनी भी दी थी कि अधर्म या अन्याय के कार्य में प्रयोग करने पर यह तलवार स्वतः उनके पास वापस लौट आएगी। इसकी झलक ट्रेलर की शुरुआत में देखने को मिल रही है, जिससे वो लोगों का सर्वनाश करता नजर आ रहा है।

फिल्म से जुड़ी जानकारी

इससे पहले हमने 'रामायण' ट्रेलर में नजर आए 5 पौराणिक राज के बारे में भी विस्तार से बात की थी, जिसकी झलक भी ट्रेलर में देखने को मिली। बात करें, ट्रेलर रिलीज की तो ये ब्रह्म महूर्त में 30 जुलाई को जारी किया गया। इसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। ये फिल्म दो भाग में रिलीज की जाएगी, पहला भाग इसी साल दिवाली के मौके पर रिलीज किया जाएगा, जबकि दूसरा भाग आने वाले साल 2027 में दिवाली के मौके पर रिलीज होगा। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा और यश कर रहे हैं, वहीं इसका निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं। फिल्म में राम के रूप रणबीर कपूर, रावण के रूप में यश, सीता के रूप में साई पल्लवी, दशरथ के रूप में अरुण गोविल, हनुमान के रूप में सनी देओल और लक्ष्मण के रूप में रवि दुबे नजर आ रहे हैं।

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