टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा सख्त, अक्षय कुमार भी अलर्ट, ढाई महीने पहले बिछाया गया था साजिश का जाल
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद मुंबई में अक्षय कुमार समेत कई सितारों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस के मुताबिक हमले की साजिश ढाई महीने पहले रची गई थी और तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है। जुहू और बांद्रा इलाके में फिल्मी सितारों के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, इसमें अक्षय कुमार का नाम शामिल है। बांद्रा में पुलिस की तैनाती में भी इजाफा किया गया है। वहीं अक्षय कुमार समेत कई अभिनेताओं की टीमें भी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं। इस बीच मामले की जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक कथित गैंगस्टर अनिल पंडित ने हमले की साजिश करीब ढाई महीने पहले रची थी। आरोप है कि उसने इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन युवकों को अपने साथ जोड़ा और उनमें से एक, 18 वर्षीय रेहान अंसारी को 37 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की भूमिका और साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
ढाई महीने पहले रची गई थी हमले की साजिश
जांच के मुताबिक, अगस्त 2026 में हरियाणा के सोनीपत में रहने वाले रेहान अंसारी को अनिल पंडित ने वीओआईपी कॉल के जरिए संपर्क किया था। आरोप है कि इसी बातचीत के दौरान टाइगर श्रॉफ पर हमले की योजना को अंतिम रूप दिया गया। अनिल पंडित ने कथित तौर पर रेहान को 37 हजार रुपये भी भेजे। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाने की जरूरत है कि क्या आरोपियों ने टाइगर के अलावा किसी अन्य बड़े सेलिब्रिटी को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। आरोप है कि साजिश से जुड़ी बातचीत इंटरनेट के जरिए कॉल करने वाली तकनीक वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) के माध्यम से की गई।
7 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर को रेहान अंसारी और उसका साथी फूल सिंह, दोनों 18 वर्षीय, मुंबई पहुंचे। यहां उन्होंने अनिल पंडित के कथित सहयोगी ऋतिक रोशन (22) से संपर्क किया। आरोप है कि पंडित ने तीनों युवकों को अमेरिका में बेहतर भविष्य का सपना दिखाया था। इसके बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों को अभिनेता की दिनचर्या और कार्यक्रम की जानकारी किस तरह मिली थी।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई फायरिंग
18 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे तीनों आरोपी जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क पहुंचे, जहां टाइगर श्रॉफ एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। आरोप है कि तीनों भीड़ में शामिल होकर अभिनेता का इंतजार करने लगे। शाम करीब 7 बजे फूल सिंह ने कथित तौर पर पांच राउंड फायरिंग की। वहीं, रेहान की पिस्तौल जाम हो गई और दो जिंदा कारतूस जमीन पर गिर गए। फायरिंग के दौरान दो गोलियां कार के बोनट पर लगीं और एक गोली उमेश चौहान को लगी। इसके अलावा तीन गोलियां अभिनेता की कार में जा घुसीं, जिनमें से एक ड्राइवर के हाथ में लगी। घटना के बाद तीनों आरोपी बाइक से मौके से फरार हो गए। पुलिस अब फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों और वारदात के दौरान आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
बाइक छोड़कर टैक्सी से सूरत पहुंचे आरोपी
घटना के करीब 15 मिनट बाद, शाम 7:15 बजे तीनों अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां बाइक छोड़ दी। इसके बाद वे ट्रेन से कांदिवली गए। शाम करीब 7:45 बजे उन्होंने कांदिवली से सूरत जाने के लिए एक कैब एग्रीगेटर की टैक्सी ली। 19 अक्टूबर की रात 1:31 बजे सूरत पहुंचने के बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए। बताया जा रहा है कि बिना टिकट यात्रा करने पर टीटीई ने उन पर जुर्माना भी लगाया था। इस बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस को आरोपियों की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज भेजे, ताकि उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।
कोटा स्टेशन पर पुलिस ने तीनों को पकड़ा
19 अक्टूबर की सुबह करीब 10:15 बजे ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी आरोपियों के कोच में दाखिल हुए। शुरुआत में तीनों को लगा कि वे टीटीई हैं और उन्होंने पुलिसकर्मियों को जुर्माने की रसीदें भी दिखाईं। हालांकि, कुछ ही देर में उन्हें एहसास हो गया कि सामने पुलिस टीम है। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कोटा पहुंची और तीनों आरोपियों को ट्रांजिट कस्टडी में लेकर मुंबई रवाना हुई। अब तीनों आरोपियों को मुंबई की किला कोर्ट में पेश किया जाना है। पुलिस उनसे पूछताछ कर कथित साजिश, आर्थिक लेन-देन, हथियारों की व्यवस्था और हमले के पीछे के मकसद से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।
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