दिग्गज फिल्म निर्माता आर बी चौधरी का मंगलवार का उदयपुर के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। खबरों के अनुसार, यह दुर्घटना मंगलवार (5मई 2026) की दोपहर करीब तीन बजे हुई। दुर्घटना के सटीक कारणों और इसमें शामिल अन्य लोगों की स्थिति के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। सुपर गुड फिल्म्स बैनर के संस्थापक आर बी चौधरी फिल्म निर्माता थे, जो 1988 से ही तमिल सिनेमा का एक जाना-माना नाम थे। उनके पार्थिव शरीर को चेन्नई ले जाया जा रहा है, जहां कल यानी बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आर बी चौधरी के परिवार में उनकी पत्नी महजबीन और दो बेटे, जिनमें अभिनेता जीवा और जिथन रमेश शामिल हैं। उनके बेटे जीवा ने अपनी ही पारिवारिक बैनर तले बनी कई फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें थिथिकुधे (2003), ई (2006) और कचेरी अरंबम (2010) आदि शामिल हैं। पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर व्याप्त है।
अर्चना कलपथी ने आरबी चौधरी के निधन पर गहरा सदमा व्यक्त करते हुए उन्हें एक "महान निर्माता" और "एक बहुत अच्छे इंसान" के रूप में याद किया। सुपरस्टार रजनीकांत ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "मेरे प्रिय मित्र आरबी चौधरी एक बेहतरीन निर्माता और एक अद्भुत इंसान थे। उन्होंने अनगिनत युवा निर्देशकों को फिल्मों में अवसर दिए। उनकी असमय मृत्यु ने मुझे गहरे सदमे और शोक में डाल दिया है।"
तमिल सिनेमा के दशकों तक फैली एक विरासत
आर बी चौधरी के पहले तमिल प्रोडक्शन, पुधु वसंतम (1990) से विक्रम ने निर्देशन की शुरुआत की और इसके लिए उन्हें तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने पुरियादा पुदिर (1990) के साथ केएस रविकुमार के डेब्यू को भी सपोर्ट किया। इन वर्षों में, उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें नट्टमई (1994), पूवे उनाक्कागा (1996), सूर्यवंशम (1997), थुल्लाथा मनमम थुल्लम (1999), और आनंदम (2001) शामिल हैं।
उनकी बाद की फिल्मों में जिला (2014), गॉडफादर (2021), और हाल ही में मारीसन (2025) शामिल हैं। चौधरी ने कई प्रतिभाओं को उद्योग जगत से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें लिविंगस्टन, रासु मधुरवन, एस. एझिल, पेरासु और राज कुमारन जैसे अभिनेता और फिल्म निर्माता शामिल हैं।
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