कौन थे महेश तिनैकर? दिग्गज रॉकस्टार के निधन से टूटे विशाल ददलानी, फरहान अख्तर ने भी जताया दुख
इंडस क्रीड के दिग्गज गिटारिस्ट महेश तिनैकर का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। विशाल ददलानी और फरहान अख्तर ने भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारतीय रॉक संगीत को नई पहचान दिलाई।

भारतीय रॉक म्यूजिक की दुनिया से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर रॉक बैंड इंडस क्रीड के गिटारिस्ट महेश तिनैकर का 15 अक्टूबर 2026 को 63 साल की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। उनके निधन की खबर से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है। महेश उन संगीतकारों में शामिल थे, जिन्होंने भारत में रॉक म्यूजिक को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके जाने से संगीत की दुनिया ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसका योगदान आने वाली पीढ़ियों के रॉक संगीतकारों के लिए भी प्रेरणा बना रहेगा। अभिनेता और फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी। वहीं गायक और संगीतकार विशाल ददलानी भी उनके निधन से बेहद दुखी नजर आए।
महेश तिनैकर के निधन से टूटे विशाल ददलानी
महेश तिनैकर के निधन की खबर सामने आने के बाद संगीत जगत से जुड़े लोग उन्हें याद कर रहे हैं। गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी उनके जाने पर गहरा दुख जाहिर किया। उन्होंने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'मुझे ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने मेरे सीने पर जोर से लात मार दी हो।' विशाल के इन शब्दों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि महेश के निधन ने उन्हें कितना प्रभावित किया है। विशाल ने महेश के योगदान को याद करते हुए कहा कि रॉक मशीन के दौर से लेकर अब तक भारत में रॉक म्यूजिक से जुड़े हर कलाकार को उनके प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने उस रास्ते को तैयार करने में मदद की, जिस पर चलना कभी असंभव सा लगता था। महेश की संगीत यात्रा और उनके काम ने भारतीय रॉक संगीत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फरहान अख्तर ने भी दी भावुक श्रद्धांजलि
अभिनेता और फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने भी महेश तिनाइकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिवंगत गिटारिस्ट की तस्वीर साझा की और उनके लिए ‘RIP brother’ लिखकर श्रद्धांजलि दी। फरहान की इस पोस्ट के बाद प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के बीच महेश के योगदान को लेकर चर्चा तेज हो गई। महेश के निधन से भारतीय स्वतंत्र रॉक संगीत जगत में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। संगीतकारों और प्रशंसकों के लिए वह सिर्फ एक गिटारिस्ट नहीं थे, बल्कि ऐसे कलाकार थे जिन्होंने भारतीय संगीत में रॉक की पहचान को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया।
कौन थे महेश तिनैकर?
महेश तिनैकर भारतीय रॉक संगीत के अग्रणी संगीतकारों में गिने जाते थे। वह रॉक मशीन नाम के बैंड के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। यही बैंड आगे चलकर इंडस क्रीड के नाम से मशहूर हुआ। महेश ने गिटारिस्ट के तौर पर बैंड की संगीत यात्रा में अहम भूमिका निभाई और भारतीय रॉक संगीत को एक अलग पहचान दिलाने में योगदान दिया। उनकी पहचान केवल एक बेहतरीन गिटारिस्ट के रूप में नहीं थी, बल्कि वह उस दौर के संगीतकारों में शामिल थे, जिन्होंने भारत में रॉक संगीत के लिए नए अवसर पैदा किए। उनके काम ने कई कलाकारों को इस शैली में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि उनके निधन पर संगीत जगत से जुड़े लोग उन्हें भारतीय रॉक संगीत का महत्वपूर्ण स्तंभ बता रहे हैं।
1984 में बना था रॉक मशीन, बाद में कहलाया इंडस क्रीड
इंडस क्रीड भारत के पुराने और चर्चित रॉक बैंड्स में से एक है। इसकी शुरुआत साल 1984 में रॉक मशीन के नाम से हुई थी। बैंड के प्रमुख सदस्यों में उदय बेनेगल, महेश तिनैकर और जुबिन बालापोरिया शामिल थे। समय के साथ बैंड ने अपनी अलग पहचान बनाई और बाद में इसका नाम इंडस क्रीड हो गया। रॉक मशीन से इंडस क्रीड तक का सफर भारतीय रॉक संगीत के विकास की कहानी का अहम हिस्सा रहा है। महेश तिनाइकर इस यात्रा के महत्वपूर्ण सदस्य थे। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने गिटार और संगीत के जरिए रॉक म्यूजिक की दुनिया में खास जगह बनाई। उनकी विरासत और योगदान संगीत प्रेमियों के बीच लंबे समय तक याद किए जाएंगे।