1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. ओटीटी
  4. 2023 की मास्टरपीस, 8.3 IMDb रेटिंग वाली फिल्म देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे, ढाई घंटे में बहने लगेंगे आंसू

2023 की मास्टरपीस, 8.3 IMDb रेटिंग वाली फिल्म देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे, ढाई घंटे में बहने लगेंगे आंसू

3 साल पहले एक सच्ची घटना पर आधारित एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसे 8.3 की IMDb रेटिंग मिली है। इस फिल्म की कहानी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है।

2018 Everyone Is A Hero- India TV Hindi
Image Source : IMDB 2018 का एक सीन।

भारतीय सिनेमा में मलयाली फिल्मों ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। बिना किसी भारी-भरकम तामझाम या अरबों के बजट के ये फिल्में अपनी सादगी और दिल को छू लेने वाली कहानियों से दर्शकों को अपना मुरीद बना लेती हैं। अगर आप एक ऐसे सिनेमाई अनुभव की तलाश में हैं जो आपकी रूह को झकझोर दे और मानवीय संवेदनाओं को जगा दे तो दक्षिण भारत की एक ऐसी फिल्म है जिसे मास्टरपीस कहना गलत नहीं होगा। यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक पूरे राज्य के जज्बे और साहस की गौरवगाथा है।

क्या है फिल्म का प्लॉट?

निर्देशक ज्यूड एंथनी जोसफ की यह फिल्म साल 2023 में पर्दे पर आई, जिसका शीर्षक है '2018: एवरीवन इज अ हीरो'। यह फिल्म केरल में साल 2018 में आई भीषण और विनाशकारी बाढ़ की वास्तविक त्रासदी पर आधारित है। फिल्म की शुरुआत बहुत ही शांत तरीके से होती है, जहां विभिन्न किरदारों की साधारण जिंदगी को दिखाया गया है, लेकिन जैसे ही मानसूनी बारिश अपना रौद्र रूप धारण करती है, पूरी कहानी एक सर्वाइवल थ्रिलर में बदल जाती है। फिल्म का मूल मंत्र इंसानियत है। जब प्रकृति का प्रकोप जाति, धर्म और राजनीति की सीमाओं को तोड़ देता है, तब कैसे आम लोग एक-दूसरे के लिए ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं, यही इस फिल्म की जान है। विशेष रूप से उन अनसंग हीरोज मछुआरों का चित्रण, जो अपनी नावों को ट्रकों में लादकर लोगों की जान बचाने निकलते हैं, रोंगटे खड़े कर देने वाला है।

अभिनय और निर्देशन की जुगलबंदी

फिल्म की स्टारकास्ट में मलयाली सिनेमा के दिग्गज नाम शामिल हैं। टोविनो थॉमस, कुंचाको बोबन और आसिफ अली ने अपने किरदारों में ऐसी जान फूंकी है कि वे अभिनेता नहीं, बल्कि उसी आपदा में फंसे आम नागरिक लगते हैं। टोविनो थॉमस का किरदार एक भगोड़े सैनिक से एक निस्वार्थ नायक बनने के सफर को बहुत ही भावनात्मक तरीके से दर्शाता है। निर्देशक ज्यूड एंथनी जोसफ ने सीमित संसाधनों में जिस तरह से बाढ़ के दृश्यों को फिल्माया है, वह तकनीकी रूप से किसी हॉलीवुड फिल्म से कम नहीं लगता।

ऑस्कर तक पहुंची फिल्म

177 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वाली यह फिल्म केरल की सबसे सफल फिल्मों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका VFX और साउंड डिजाइन है। बारिश की बूंदों की आवाज से लेकर बांधों के फटने का खौफनाक शोर, आपको ऐसा महसूस कराता है जैसे आप खुद उस प्रलय के बीच खड़े हों। इसकी सिनेमैटोग्राफी और क्रिस्प एडिटिंग कहानी की गति को कहीं भी धीमा नहीं होने देती। यही कारण है कि इस फिल्म को 2024 के ऑस्कर्स के लिए भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया था।

कहां देखें ये फिल्म

फिल्म की शानदार कहानी का अंदाजा इसकी IMDb रेटिंग से लगाया जा सकता है, जहां 16 हजार से अधिक लोगों ने इसे 8.3/10 की शानदार रेटिंग दी है। यह फिल्म समीक्षकों की भी चहेती रही है। यदि आप इस रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी का गवाह बनना चाहते हैं तो यह सोनी लिव और Airtel Xstream जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखने के लिए उपलब्ध है।

क्लाइमैक्स और भावनात्मक अंत

फिल्म का दूसरा हिस्सा किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते दर्शक खुद को किरदारों की सुरक्षा के लिए दुआ मांगते हुए पाते हैं। अंत में फिल्म यह गहरा संदेश छोड़ जाती है कि सबसे बड़ी आपदा के सामने भी अगर कुछ जीतता है तो वह है सामूहिक एकता। अगर आपने अब तक मलयाली सिनेमा का जादू नहीं देखा है तो '2018' आपके लिए सबसे बेहतरीन शुरुआत हो सकती है। यह फिल्म आपको रुलाएगी भी और अंत में एक गर्व की अनुभूति के साथ मुस्कुराने पर मजबूर भी कर देगी।

ये भी पढ़ें: 7 एपिसोड वाली केके मेनन की क्राइम थ्रिलर, सस्पेंस से भरी गैंगस्टर की दुनिया, Mirzapur से तगड़ा है वेब सीरीज का क्लाइमैक्स

ग्लैमर वर्ल्ड से ब्यूटी क्वीन ने किया किनारा, पहले IIM, फिर 10 महीने में ही क्रैक की UPSC परीक्षा, लेकिन IAS की जगह चुना IFS बनना