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'महाराज' के लिए जयदीप अहलावत को मिला अवॉर्ड तो 'गाली' देने लगे विजय वर्मा, एक्टर से कही थी ये बात

जयदीप अहलावत और विजय वर्मा सालों से दोस्त हैं, दोनों की दोस्ती उन दिनों से है जब दोनों FTII पुणे में स्टूडेंट थे। हाल ही में जयदीप अहलावत ने विजय वर्मा को लेकर एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया और बताया कि कैसे एक बार विजय उन्हें अवॉर्ड मिलने पर गालियां देने लगे थे।

Vijay Varma- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM FTII पुणे के दिनों से दोस्त हैं विजय वर्मा और जयदीप अहलावत

जयदीप अहलावत और विजय वर्मा काफी अच्छे दोस्त हैं और दोनों की दोस्ती सालों से कायम है। दोनों FTII पुणे के दिनों से एक दूसरे को जानते हैं। दोनों ने 'चितगोंग', 'बागी 3' और 'जाने जान' जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। हाल ही में जयदीप अहलावत ने विजय वर्मा से जुड़ा एक किस्सा याद किया और बताया कि कैसे अभिनेता उन्हें एक अवॉर्ड के चलते गालियां देने लगे थे। जयदीप ने बताया कि नेटफ्लिक्स की 'महाराज' के लिए जब उन्हें अवॉर्ड मिला तो विजय उन्हें 'गाली' देने लगे।

विजय वर्मा और जयदीप अहलावत की दोस्ती

जयदीप अहलावत ने पूजा तलवार के शो में बात करते हुए विजय के साथ अपनी दोस्ती पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे के साथ हेल्दी और फनी केमेस्ट्री शेयर करते हैं, लेकिन जब दोनों में से कोई एक, दूसरे से आगे निकल जाता है तो बुरा महसूस करने से खुद को रोक नहीं पाते। ऐसे ही जब जयदीप को महाराज के लिए अवॉर्ड मिला तो विजय ने उन्हें मजाकिया अंदाज में गाली दी।

अगले दिन गालियां दे रहे थे विजय

जयदीप अहलावत कहते हैं- "विजय और मुझे हाल ही में एक ही केटेगरी में नॉमिनेशन मिला था और महाराज के लिए मुझे अवॉर्ड मिला। वो उस दिन तो मेरे लिए खुश थे, लेकिन अगले दिन मुझे गालियां दे रहा था कि ये मेरा अवॉर्ड खा गया। यह बहुत हेल्दी और मजेदार है। यह आपके सिस्टम को अलाइन करता है।'

एक यादगार किरदार की तलाश

जयदीप अहलावत कहते हैं कि हर अभिनेता को उस दिन का बेसब्री से इंतजार होता हैजब वह सफल हो जाता है। इस बीच, वह उस अवसर के लिए खुद को तैयार करता है कि जब उसे बस एक यादगार किरदार निभाने को मिल जाए। उन्होंने आगे कहा, "शायद एक दशक पहले, मैं पाताल लोक नहीं कर पाता। आज हम तीनों (राजकुमार राव, विजय और खुद जयदीप) को पुरस्कारों के लिए नामांकित होते देखना, यहां तक ​​कि इसे एक-दूसरे को देना, हममें से किसी ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी।"