रियलिटी शो 'लॉक अप' अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और फिनाले वीक में अपनी जगह पक्की करने के लिए प्रतियोगी एक-दूसरे के गहरे राज उजागर कर रहे हैं। हाल ही के एक एपिसोड में प्रतियोगी हर्षद चोपड़ा ने राम कपूर को एलिमिनेशन में डालने के लिए उनके एक बेहद निजी राज को सबके सामने लाने का फैसला किया। इस दौरान राम कपूर ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा दर्दनाक और संवेदनशील किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर शो के बाकी सभी प्रतियोगी और दर्शक अपने आंसू नहीं रोक पाए।
'मैंने अपने पिता की इच्छा से उन्हें विदा होने में मदद की'
राम कपूर ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने गंभीर रूप से बीमार पिता की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए उनके अंतिम दिनों की योजना बनाने में उनकी मदद की थी। इस एक फैसले की वजह से उनकी मां और बहन पिछले पांच सालों से ज्यादा समय से उनसे बात नहीं कर रही हैं। राम ने बताया कि जब उनके पिता 63 वर्ष के थे, तब उन्हें पैंक्रियाटिक कैंसर हुआ था। कीमोथेरेपी के 18 सत्रों के बाद वे पूरी तरह ठीक हो गए थे और उन्होंने अगले 10 सालों तक एक बेहतरीन जिंदगी जी।
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कैंसर के दोबारा लौटने पर पिता का फैसला
राम ने आगे बताया कि उनके पिता एक बेहद अमीर बिजनेसमैन थे। करियर की अलग राह चुनने के कारण उनके और उनके पिता के बीच कभी खास पटरी नहीं बैठती थी और अक्सर बहस होती रहती थी। जब उनके पिता 73 वर्ष के थे, तब कोरोना काल और लॉकडाउन के दौरान उनका कैंसर दोबारा लौट आया। सिंगापुर में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने दोबारा कीमोथेरेपी का सुझाव दिया, लेकिन उनके पिता अब और दर्द नहीं सहना चाहते थे। उन्होंने फोन पर राम से बात की और बिना किसी इलाज के शांति से अंतिम सांस लेने की इच्छा जताई।
पिता की आखिरी इच्छा और परिवार से अलगाव
राम ने भावुक होते हुए साझा किया कि उनके पिता अकेले रहने से डरते थे और उन्होंने राम से वादा लिया कि वे यह बात किसी को नहीं बताएंगे। पिता ने उनसे कहा कि वे आईसीयू में उनका हाथ थामे रखें और उन्हें शांति से जाने में मदद करें। राम ने अपने पिता को दिए वादे को निभाया और उनके अंतिम क्षणों तक उनका हाथ थामे रहे। हालांकि इस फैसले के कारण उनकी मां और बहन उनसे इस कदर नाराज हुईं कि उन्होंने आज तक राम से दूरी बना रखी है। राम का मानना है कि परिवार की नाराजगी के बावजूद किसी संतान द्वारा अपने माता-पिता की अंतिम इच्छा पूरी करना सबसे निस्वार्थ काम है।
मौत को करीब से देखने के बाद बदला जीवन का नजरिया
इस घटना के बाद राम कपूर की जिंदगी को देखने की पूरी सोच ही बदल गई। उन्होंने कहा कि मौत से डरने की कोई जरूरत नहीं है और अपने पिता के जाने के बाद ही उन्होंने सही मायनों में ज़िंदगी को खुलकर जीना शुरू किया। राम की यह दुखद दास्तान सुनकर शो में मौजूद हर्षद चोपड़ा को भी कैंसर से अपनी मां को खोने का दर्द याद आ गया। इसके बाद घर के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर राम कपूर को गले लगाया और उनका हौसला बढ़ाया।
'लॉक अप' शो के बारे में
फराह खान और रितेश देशमुख द्वारा होस्ट किया जाने वाला रियलिटी शो 'लॉक अप' मशहूर हस्तियों को जेल जैसे माहौल में रखता है। यहां प्रतियोगी शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करते हैं और खुद को एलिमिनेशन से बचाने के लिए अक्सर अपने जीवन के सबसे गहरे और गुप्त राज दुनिया के सामने खोलते हैं। यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रसारित किया जा रहा है। हालिया एपिसोड में शो में एक ट्विस्ट आया था जिसमें हर्षद और सूफी की घर में वापसी हुई।
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