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Explainer:पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से क्या मिला...जो दुनिया का कोई और नेता हासिल नहीं कर सका?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में सबसे लंबी राजकीय विदेश यात्रा की। उन्होंने 2 से 9 जुलाई तक 8 दिनों में 5 देशों का दौरा किया। इसमें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना भी शामिल है। इस दौरान कई बड़ी उपलब्धियां हासिल हुईं।

पीएम नरेंद्र मोदी। - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पीएम नरेंद्र मोदी।
PM Modi visit to 5 countries: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिक्स समेत 5 देशों की हालिया यात्रा से ऐसी कौन-कौन सी बड़ी उपलब्धियां मिलीं...जिसे दुनिया का कोई और नेता अब तक हासिल नहीं कर सका?...यह सब जानने से पहले आइये आपको सबसे पहले बताते हैं कि पीएम मोदी ने अपने 8 दिवसीय दौरे में किन-किन देशों की यात्रा की और इसकी शुरुआत कब से हुई?

PM मोदी की सबसे लंबी विदेश यात्रा

पीएम मोदी की यह सबसे लंबी विदेश यात्रा थी, जिसमें एक साथ उन्होंने 5 देशों का दौरा किया। इसके साथ ही रियो-डी-जेनेरियो के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई से की, जो कि 9 जुलाई को संपन्न हो गई। इस दौरान उन्होंने क्रमशः  घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा की।
 

देशवार यात्रा और हासिल उपलब्धियां

1.  घाना यात्रा (2-3 जुलाई 2025)
  • 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा।
  • राष्ट्रपति जॉन महामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता।
  • इसके अलावा  व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, और साइबर सुरक्षा में सहयोग पर चर्चा। 
  • चार समझौतों पर हस्ताक्षर, जिसमें भारत द्वारा घाना को फिनटेक (UPI), सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ, और वोकेशनल एजुकेशन के लिए सहयोग शामिल।
  • भारत-घाना व्यापार को अगले 5 वर्षों में दोगुना करने (25,000 करोड़ रुपये से अधिक) का लक्ष्य।
  • आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य और संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर सहमति।

 

द्विपक्षीय समझौते

  1. सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) पर समझौता: कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और विरासत में अधिक सांस्कृतिक समझ और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
  2. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और घाना मानक प्राधिकरण (जीएसए) के बीच समझौता: मानकीकरण, प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से।
  3. घाना के पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा संस्थान (आईटीएएम) और भारत के आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) के बीच समझौता: पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में सहयोग करना।
  4. संयुक्त आयोग की बैठक पर समझौता: उच्च स्तरीय संवाद को संस्थागत बनाना और नियमित आधार पर द्विपक्षीय सहयोग तंत्र की समीक्षा करना।

 

2.  त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा (3-4 जुलाई 2025)

मुख्य बिंदु
  •    1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा।
  •    भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ का उत्सव।
  •    राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर (दोनों भारतीय मूल की) से मुलाकात।
  •    त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।
  •    सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर।
 
द्विपक्षीय समझौता
  1. भारतीय फार्माकोपिया पर समझौता ज्ञापन।
  2. त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) के कार्यान्वयन के लिए भारतीय अनुदान सहायता पर समझौता।
  3. 2025-2028 की अवधि के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान का कार्यक्रम। 
  4. खेलों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
  5. राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग पर समझौता ज्ञापन। 
  6. वेस्टइंडीज विश्वविद्यालय (यूडब्ल्यूआई), त्रिनिदाद और टोबैगो में हिंदी और भारतीय अध्ययन की दो आईसीसीआर पीठों की पुनर्स्थापना पर समझौता ज्ञापन। 

 

प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं

  1. त्रिनिदाद और टोबैगो (टीएंडटी) में भारतीय समुदाय सदस्यों की छठी पीढ़ी तक ओसीआई कार्ड सुविधा का विस्तार: पहले, यह सुविधा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय के सदस्यों की चौथी पीढ़ी तक उपलब्ध थी। 
  2. त्रिनिदाद और टोबैगो में विद्यालय के छात्रों को 2000 लैपटॉप उपहार में दिए गए। 
  3. कृषि प्रसंस्करण मशीनरी (1 मिलियन अमरीकी डॉलर) का औपचारिक हस्तांतरण एनएएमडीईवीसीओ को किया गया।
  4. त्रिनिदाद और टोबैगो में 800 लोगों के लिए 50 दिनों के लिए कृत्रिम अंग फिटमेंट शिविर (पोस्टर-लॉन्च) का आयोजन।
  5. ‘हील इन इंडिया’ कार्यक्रम के अंतर्गत भारत में विशेष चिकित्सा उपचार की पेशकश की जाएगी। 
  6. स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान में सहायता के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो को बीस (20) हेमोडायलिसिस इकाइयों और दो (02) समुद्री एम्बुलेंस का उपहार। 
  7. छत पर फोटोवोल्टिक सौर पैनल प्रदान करके त्रिनिदाद और टोबैगो के विदेश और कैरीकॉम मामले मंत्रालय के मुख्यालय का सौरीकरण। 
  8. पोर्ट ऑफ स्पेन में महात्मा गांधी सांस्कृतिक सहयोग संस्थान में गीता महोत्सव का आयोजन, यह भारत में गीता महोत्सव के आयोजन के समरूप है
  9. भारत में टीएंडटी और कैरेबियाई क्षेत्र के पंडितों का प्रशिक्षण। 
  10. त्रिनिदाद और टोबैगो ने घोषणा की कि वह भारत की वैश्विक पहलों जैसे आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) में शामिल हो रहा है।

 

3.  अर्जेंटीना यात्रा (3-5 जुलाई)

प्रमुख बिंदु
  • 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा।
  • द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापार, रक्षा, और प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा।
  • चीन के प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति का हिस्सा।  

 

इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान

महत्वपूर्ण खनिजों, तेल और गैस, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृषि में ड्रोन के उपयोग, मत्स्य पालन और बिजली पारेषण लाइनों की निगरानी, ​​आईसीटी, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, यूपीआई, अंतरिक्ष, रेलवे, फार्मा, खेल और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। भारत-मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौते के विस्तार पर भी चर्चा की।

 

4.  ब्राजील (5-8 जुलाई 2025)

प्रमुख बिंदु

  • 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी; पीएम मोदी की चौथी ब्राजील यात्रा।
  • रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक शासन, शांति, सुरक्षा, AI के जिम्मेदार उपयोग, जलवायु कार्रवाई, और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा।
  • पहलगाम हमले की निंदा को शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में शामिल करवाया।
  • राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के साथ ब्रासीलिया की राजकीय यात्रा में व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य सहयोग पर वार्ता।
  • व्यापार, वाणिज्य और निवेश की निगरानी के लिए मंत्रिस्तरीय तंत्र की स्थापना। 
 
 
उपलब्धियां
  1. ब्राजील के साथ रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना, जो दक्षिण अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
  2. ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने में भारत की भूमिका पर जोर।  

 

इन द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर

  1. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने में सहयोग पर समझौता।
  2. डिजिटल कायाकल्प के लिए सफल बड़े पैमाने पर डिजिटल समाधानों के आदान-प्रदान के लिए सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
  3. नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
  4. ईएमबीआरएपीए और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच कृषि अनुसंधान पर समझौता ज्ञापन।
  5. गोपनीय सूचना के आदान-प्रदान और पारस्परिक संरक्षण पर समझौता।
  6. भारत के डीपीआईआईटी और ब्राजील के एमडीआईसी के प्रतिस्पर्धात्मकता और विनियामक नीति सचिवालय के बीच बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन। 

5.  नामीबिया यात्रा (8-9 जुलाई 2025)

एमओयू / समझौते

  1. नामीबिया में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना पर एमओयू
  2. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू
घोषणाएं
  1. नामीबिया ने सीडीआरआई (आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन) में शामिल होने के लिए स्वीकृति पत्र प्रस्तुत किया। 
  2. नामीबिया ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने के लिए स्वीकृति पत्र प्रस्तुत किया। 
  3. नामीबिया यूपीआई तकनीक अपनाने के लिए लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला विश्व का पहला देश बन गया। 

अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

पीएम मोदी को इस 8 दिवसीय दौरे के दौरान 5 देशों की यात्रा में 5 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। इससे उन्हें मिले कुल अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की संख्या 27 हो चुकी है। इस यात्रा में मिले पुरस्कारों की सूची...
  1. घाना:  द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना - घाना का सर्वोच्च सम्मान।
  2. त्रिनिदाद और टोबैगो: द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो - पहली बार किसी विदेशी नेता को यह सम्मान।  
  3. ब्राजील: ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस - ब्राजील का सर्वोच्च सम्मान।
  4. अर्जेंटीनाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में ‘Key to the City’ सम्मान दिया।  यह सम्मान विश्व के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को ही दिया जाता है।
  5. नामीबिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस' से सम्मानित किया गया। 

 

Image Source : India Tvपीएम मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की लिस्ट।

हालिया यात्रा के कूटनीतिक प्रभाव

  • पीएम मोदी की इस 8 दिवसीय यात्रा से भारत ने ग्लोबल साउथ विशेष रूप से अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भारत की स्थिति मजबूत की ।
  • चीन के कर्ज में फंसे घाना, अर्जेंटीना और नामीबिया में उसके प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति को आगे बढ़ाया।  
  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख मजबूत हुआ।  
  • पहलगाम आतंकी हमले की निंदा को ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा पत्र में शामिल करवाने में कूटनीतिक सफलता पाई।
  • यूपीआई को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बनाने की दिशा में बड़ी सफलता। इस यात्रा में लगभग पांचों देशों के साथ यूपीआई समझौता किया। 

 

द्विपक्षीय संबंध

  • भारत-अफ्रीका संबंधों को नई दिशा, विशेष रूप से घाना और नामीबिया के साथ।
  • त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ सांस्कृतिक और प्रवासी संबंधों को बढ़ावा।
  • ब्राजील के साथ व्यापार और रक्षा सहयोग में वृद्धि।

 

बने कई रिकॉर्ड

Image Source : India Tvपीएम मोदी के हालिया दौरे ने बनाया कई रिकॉर्ड।

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