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Hindi News Explainers Explainer: पर्सनल लोन सेगमेंट में तेजी पर RBI क्यों रखना चाहता है निगरानी? क्रेडिट कार्ड खर्च रिकॉर्ड ऊंचाई पर

Explainer: पर्सनल लोन सेगमेंट में तेजी पर RBI क्यों रखना चाहता है निगरानी? क्रेडिट कार्ड खर्च रिकॉर्ड ऊंचाई पर

अगस्त 2023 में पर्सनल लोन सेगमेंट का कुल लोन 47.70 लाख करोड़ रुपये था, जबकि एक साल पहले समान अवधि यानी अगस्त 2022 में यह 36.47 लाख करोड़ रुपये था।

पर्सनल लोन के कुछ कम्पोनेंट बहुत अधिक ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं।- India TV Hindi Image Source : PIXABAY पर्सनल लोन के कुछ कम्पोनेंट बहुत अधिक ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं।

भारत में लोगों की परपंरागत तौर पर बचत करने की सोच रही है। लेकिन हाल के समय में एक अलग तरह का रुझान देखा जा रहा है। लोग पर्सनल लोन (personal loan) बड़ी संख्या में ले रहे हैं। पर्सनल लोन सेगमेंट का मार्केट का भी लगातार विस्तार हो रहा है। ऐसे में कुछ दिनों पहले ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा था कि पर्सनल लोन जो फाइनेंशियल टेंशन की शुरुआती संकेत होते हैं, के बाजार के कई तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की आरबीआई बारीकी से निगरानी कर रहा है। इसमें उन्होंने कहा था कि पर्सनल लोन के कुछ कम्पोनेंट बहुत अधिक ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं।

आरबीआई ने दी बैंकों को ये सलाह
रिजर्व बैंक गवर्नर (Shaktikanta Das) ने बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों को अपनी इंटरनल निगरानी सिस्टम को बढ़ाने और मजबूत करने,संभावित जोखिमों का सॉल्यूशन करने और उचित सुरक्षा उपायों को लागू करने की सलाह दी है। गौर करने वाली बात यह है कि गवर्नर ने यह बात तब कही है जब देश में बैंक अपने अनसेफ लोन पोर्टफोलियो, खासतौर से ज्यादा क्रेडिट कार्ड खर्च का विस्तार कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में कहा कि भारतीयों द्वारा क्रेडिट कार्ड (Credit Card) खर्च रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है, जिससे डिफॉल्ट का खतरा बढ़ गया है।

Image Source : FILEभारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास

बकाया पर्सनल लोन में 26% की बढ़ोतरी
आरबीआई (Reserve Bank of India) के आंकड़ों से पता चलता है कि बकाया क्रेडिट कार्ड (Credit Card) बैलेंस में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह बीते 25 अगस्त तक 2.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो एक साल पहले 1.68 लाख करोड़ रुपये थी। इतना ही नहीं, इसी अवधि के दौरान बकाया पर्सनल लोन (personal loan) में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय बैंक (RBI)ने कहा था कि समय की मांग मजबूत जोखिम प्रबंधन और मजबूत अंडरराइटिंग मानक हैं। जानकार का मानना है कि अगले कुछ सालों में, बैंक का असुरक्षित कारोबार, जो वर्तमान में 3-4 प्रतिशत है, 10 प्रतिशत हो सकता है।

भारत में पर्सनल लोन का बढ़ता ट्रेंड
जानकारों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को जरूरत पड़ने पर आखिरी ऑप्शन के तौर पर पर्सनल लोन (personal loan) को चुनना चाहिए। इसकी एक वजह बहुत हाई इंट्रेस्ट रेट है। इससे इस लोन का भार बहुत बढ़ जाता है, लेकिन इसके बावजूद भारत में लोग पर्सनल लोन लेने से नहीं चूक रहे। आरबीआई के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2023 में इस सेगमेंट का कुल लोन 47.70 लाख करोड़ रुपये था, जबकि एक साल पहले समान अवधि यानी अगस्त 2022 में यह 36.47 लाख करोड़ रुपये था।

Image Source : Reutersआखिरी ऑप्शन के तौर पर पर्सनल लोन (personal loan) को चुनना चाहिए।

क्रेडिट कार्ड का बढ़ रहा बकाया
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2023 में 8.6 करोड़ से ज्यादा क्रेडिट कार्ड बकाया (Credit Card outstanding) थे। यह अप्रैल 2022 में 7.5 करोड़ बकाया क्रेडिट कार्ड से लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा है। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि कैलेंडर ईयर के आखिर तक यह संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है। इसी तरह, अप्रैल 2022 की तुलना में क्रेडिट कार्ड पर बकाया कर्ज 1.54 लाख करोड़ रुपये से 30 प्रतिशत बढ़कर अप्रैल 2023 में 2 लाख करोड़ रुपये हो गया।