A
  1. Hindi News
  2. Explainers
  3. Explainer: "केरल" राज्य का नाम बदलकर "केरलम" क्यों किया जा रहा है? इसका मतलब भी जानिए

Explainer: "केरल" राज्य का नाम बदलकर "केरलम" क्यों किया जा रहा है? इसका मतलब भी जानिए

केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में लोग ये जानने में उत्सुक हैं कि केरल का नाम केरलम क्यों किया जा रहा है।

Kanthalloor - India TV Hindi
Image Source : X/KERALA TOURISM केरल के पहाड़ी गांव कंथलूर का एक दृश्य

तिरुवनंतपुरम: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि केरल का नाम बदलकर केरलम ही क्यों किया गया और इसका अर्थ क्या होता है!

केरलम ही क्यों?

दरअसल मलयालम भाषा का प्रयोग करने वाले लोग केरल को पहले से ही केरलम कहते रहे हैं। इसके पीछे की वजह ये मानी जाती है कि मलयालम में "केरा" का अर्थ "नारियल का पेड़" होता है और "अलम" का अर्थ भूमि होता है। यानी "केरलम" का अर्थ "नारियल के पेड़ों" की भूमि हुआ। ये नाम राज्य की पहचान को संदर्भित करता है। 

एक वजह ये भी है कि कुछ इतिहासकार मानते हैं कि ये नाम प्राचीन राजवंश "चेर" से आया है। अशोक के शिलालेखों में "चेरापुत्र" का जिक्र है। मान्यता है कि "चेरम" को ही समय के साथ "केरलम" में तब्दील कर दिया गया।

केरल नाम कैसे चलन में आया था?

जानकार मानते हैं कि इस मामले की शुरुआत 1 नवंबर 1956 से होती है। दरअसल उस समय ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के तहत भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया जा रहा था। जो लोग मलयालम बोलते थे, उनके लिए एक नया राज्य बनाया गया। इस दौरान नौकरशाहों ने इसका अंग्रेजी में अनुवाद "Kerala" किया। इस शब्द को हिंदी पट्टी के लोग "केरल" कहने लगे, जो समय के साथ प्रचलन में आ गया।

खुद मूल रूप से केरल के लोग ये चाहते थे कि उनके राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाए क्योंकि वह भी इसे केरलम ही कहते हैं। लेकिन केरल के लोग इस बात को लेकर असंतुष्ट थे कि आधिकारिक तौर राज्य का नाम केरल है। इसीलिए राज्य सरकार ने केरल को केरलम करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। ये प्रस्ताव भेजने का मूल मकसद ही केरल के मूल लोगों की भावनाओं का सम्मान करना है।

किसी राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया क्या है?

  • पहला स्टेप: किसी राज्य का नाम बदलने के लिए उस राज्य की विधानसभा द्वारा प्रस्ताव पास किया जाता है।
  • दूसरा स्टेप: इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार विचार करती है।
  • तीसरा स्टेप: इसके बाद संसद में संशोधन बिल लाया जाता है।
  • चौथा स्टेप: जब दोनों सदनों से बिल पारित हो जाता है तो उसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलती है।
  • पांचवां स्टेप: ये सारे स्टेप होने के बाद आधिकारिक राजपत्र में नया नाम प्रकाशित किया जाता है।

पीएम मोदी ने केरल का नाम बदलने के फैसले पर किया पोस्ट

केरल का नाम केरलम करने के फैसले पर पीएम मोदी का बयान भी सामने आया। पीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम बदलकर केरलम करने का निर्णय राज्य की जनता की इच्छा को दर्शाता है। यह हमारी गौरवशाली संस्कृति से जुड़ाव को मजबूत करने के हमारे प्रयासों के अनुरूप है।"