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Explainer: India-EU ट्रेड डील से पाकिस्तान-बांग्लादेश में क्यों है डर का माहौल, आखिर क्या है माजरा?

यूरोपीय देश अभी तक भारतीय कपड़ों के निर्यात पर 9 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत तक की ड्यूटी लगाते हैं। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय कपड़े के निर्यात पर ये ड्यूटी घटकर शून्य हो जाएगी।

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Image Source : AFP India-EU ट्रेड डील से पाकिस्तान-बांग्लादेश में क्यों है डर का माहौल

India-EU FTA: एक के बाद एक बड़े-बड़े देशों के साथ ट्रेड डील करते हुए भारत पूरी दुनिया में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। पिछले साल ओमान, न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंगडम के साथ ट्रेड डील करने के बाद भारत ने इस साल यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए नए ट्रेड डील ने दक्षिण एशिया के व्यापारिक समीकरण को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। 

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई इस डील की वजह से बांग्लादेश और पाकिस्तान टेंशन में आ गए हैं। दोनों पड़ोसी देशों की सारी टेंशन टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़ी हुई है। यहां हम जानेंगे कि भारत और ईयू के बीच हुए इस समझौते से बांग्लादेश और पाकिस्तान को कैसे नुकसान होगा?

भारत को कैसे होगा फायदा

यूरोपीय देश अभी तक भारतीय कपड़ों के निर्यात पर 9 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत तक की ड्यूटी लगाते हैं। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय कपड़े के निर्यात पर ये ड्यूटी घटकर शून्य हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश को LDC और पाकिस्तान को GSP+ दर्जे के तहत यूरोपीय देशों में छूट मिलती है। इसके अलावा, भारत के पास अपना कपास और धागा है। ऐसे में, टैक्स खत्म होने के बाद यूरोपीय देशों में भारतीय कपड़ों की कीमत बांग्लादेश के कपड़ों से भी कम हो जाएगी या बराबर हो जाएगी।

बांग्लादेश के लिए क्या है सबसे बड़ी टेंशन

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ों का एक्सपोर्टर है। हालांकि, बांग्लादेश 2029 के बाद LDC यानी कम विकसित देश का दर्जा खो देगा। ऐसे में 2029 के बाद उसे यूरोपीय देशों में सामान निर्यात करने के लिए ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। जहां एक तरफ भारत के कपड़े ड्यूटी-फ्री रहने की वजह से सस्ते होंगे, तो वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के कपड़ों पर ड्यूटी लगने से वो महंगे हो जाएंगे। ऐसी परिस्थितियों में यूरोपीय कंपनियां बांग्लादेश के कपड़ों की तुलना में भारत कपड़ों को ज्यादा तवज्जो देंगी।

पाकिस्तान क्यों घबरा रहा है

पाकिस्तान को यूरोप में GSP+ (Generalised Scheme of Preferences Plus) के तहत टैरिफ में छूट मिलती है। यही वजह है कि पाकिस्तान के लिए यूरोप ही सबसे बड़ा बाजार है। अभी पाकिस्तान को GSP+ के तहत टैरिफ में छूट मिलने की वजह से कम लागत में अच्छा मुनाफा हो रहा है। लेकिन, जब भारत का माल जीरो ड्यूटी पर यूरोप पहुंचेगा तो पाकिस्तान के मुनाफे पर बुरा असर पड़ेगा। पाकिस्तान के मुकाबले, भारत के पास जबरदस्त टेक्नोलॉजी और ज्यादा पैसा है, जिसका इस्तेमाल यूरोपीय बाजारों में अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जिसका मुकाबला करना पाकिस्तान के लिए काफी मुश्किल होगा।

India-EU ट्रेड डील से इसलिए पाकिस्तान-बांग्लादेश में है डर का माहौल

भारत के साथ डील फाइनल होने के बाद यूरोप में सस्ते और बढ़िया माल की मांग बढ़ जाएगी, जिसका सबसे ज्यादा फायदा भारत को मिलेगा। भारत के पर्याप्त कच्चा माल भी है और उसे निर्यात पर कोई टैक्स भी नहीं चुकाना होगा। जबकि, बांग्लादेश LDC का दर्जा खोने वाला है, जिससे उसकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे उसके माल की कीमतें बढ़ेंगी और नतीजन उनके माल की डिमांड में गिरावट आएगी, जिससे मुनाफा कम हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान को जहां GSP+ की वजह से ज्यादा मुनाफा हो रहा है, बाजार में कॉम्पिटीशन बढ़ने से वो भी बहुत कम हो जाएगा।