40W, 50W, 80W, 90W, 100W, 120W, 150W, 180W यहां तक की 200W फास्ट चार्जिंग वाले स्मार्टफोन लॉन्च हो चुके हैं। इन स्मार्टफोन की बैटरी महज कुछ मिनट में ही फुल चार्ज हो जाता है। हालांकि, कई ब्रांड अब 100W से ज्यादा फास्ट चार्जिंग वाले फोन लॉन्च नहीं कर रहे हैं। एप्पल, गूगल और सैमसंग जैसे बड़े ब्रांड्स के फोन भी ज्यादा से ज्यादा 45W फास्ट चार्जिंग फीचर के साथ ही आते हैं। ऐसें में यह सवाल आपके मन में भी उठ रहा होगा कि चीनी कंपनियां जहां 200W तक फास्ट चार्जिंग वाले फोन लॉन्च कर रही हैं, वहीं क्या इन कंपनियों के पास ये टेक्नोलॉजी नहीं है? क्या ज्यादा तेज चार्जिंग वाले फोन की बैटरी जल्दी खराब तो नहीं हो जाती है?
तेज चार्जिंग से बैटरी होती है खराब?
जैसे ही आप अपने स्मार्टफोन को चार्ज में लगाते हैं तो एक चार्ज साइकिल पूरी होती है। हर चार्ज साइकिल में फोन के बैटरी की क्षमता कम होती जाती है। हालांकि, यह अंतर इतना कम होता है कि आपको पता भी नहीं चलता है। फास्ट चार्जिंग के दौरान फोन की बैटरी में तेजी से हाई वोल्टेज करंट की सप्लाई होती है, जिसकी वजह से बैटरी का टेम्परेचर भी हाई हो जाता है। ज्यादा देर तक फास्ट चार्जिंग यूज करने पर बैटरी का तापमान इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स को प्रभावित करता है। यह बैटरी की हेल्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
Image Source : unsplashस्मार्टफोन चार्जिंग
कभी न करें ये गलती
इसलिए कहा जाता है कि फास्ट चार्जर से केवल उन स्मार्टफोन को ही चार्ज करना चाहिए, जो इसे सपोर्ट करता है। कई बार लोग फास्ट चार्जर में अपने नॉर्मल चार्जिंग फीचर वाले फोन को चार्ज में लगा देते हैं। यह फोन की बैटरी को बहुत तेजी से खराब कर सकता है। यही नहीं, फोन की बैटरी गर्म होकर उसमें ब्लास्ट भी हो सकता है। खास तौर पर गर्मी के दिनों में जब बाहर का तापमान पहले से ही ज्यादा रहता है, बैटरी के गर्म होने से यह उसे और प्रभावित कर सकता है।
कई ब्रांड्स अपने फोन में फास्ट चार्जिंग को बंद करने का फीचर भी देते हैं। यूजर्स फोन की सेटिंग्स में जाकर इस फीचर को इनेबल कर सकते हैं, जिसकी वजह से फोन मॉडरेड स्पीड में चार्ज होता है और बैटरी ही हेल्थ भी प्रभावित नहीं होती है।
गिमिक के तौर पर होता है इस्तेमाल
चीनी कंपनियों के फोन में फास्ट चार्जिंग को एक गिमिक के तौर पर दिया गया है। Vivo, Oppo, Xiaomi, OnePlus, Infinix जैसे ब्रांड्स अपने फोन में फास्ट चार्जिंग को प्रमोट करते हैं। फोन तेजी से चार्ज होता है, जिसकी वजह से यूजर इंप्रेस हो जाते हैं और फोन खरीद लेते हैं। हालांकि, फास्ट चार्जिंग वाले स्मार्टफोन की बैटरी की हेल्थ मॉडरेट चार्जिंग वाले फोन के मुकाबले जल्दी खराब हो जाती है। जिस बैटरी को 4 साल चलना चाहिए वो बैटरी 2 साल के बाद ही खराब होने लगती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- अगर, आप फास्ट चार्जिंग वाला स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं तो डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर अडैप्टिव चार्जिंग वाले फीचर को इनेबल कर लें। ऐसा करने से बैटरी की हेल्थ पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।
- वहीं, आप स्मार्टफोन के साथ आने वाले या फिर कम्पैटिबल चार्जर से ही फोन चार्ज करें।
- फास्ट चार्जिंग वाले फोन से रेगुलर फोन को चार्ज न करें।
- फोन को रातभर चार्ज में लगाकर न छोड़ें। ऐसा करने से बैटरी ज्यादा गर्म हो सकती है इसमें ब्लास्ट भी हो सकता है।
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