सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले तो कब से हो रहे, लेकिन अमेरिका अचानक अब क्यों भड़क गया? समझिए इनसाइड स्टोरी
हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर हमलों को लेकर अमेरिका अचानक भड़क गया है। अमेरिका ने अब हूती विद्रोहियों को अंजाम भुगतने की धमकी दी है। जानिए इसकी पीछे की वजह क्या है।

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों ने सबसे बड़ा हमला किया है। इसमें रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 2 टर्मिनल तबाह हो गए हैं। हूती के हमले में एक अमेरिकी समेत 8 देशों के 12 नागरिक मारे गए हैं। हूती फाइटर्स ने रियाद के अलावा दम्माम और घावर तेल-गैस फील्ड पर भी अटैक किया है। अमेरिका ने हूती को सख्त चेतावनी दी है। सऊदी अरब ने पलटवार करते हुए हूती के कब्जे वाले कई शहरों में भारी बमबारी की है। मक्का पीस पैक्ट करने वाले पाकिस्तान ने भी हूती के हमलों की कड़ी निंदा की है। उधर, हूती ने सऊदी अरब का एयरस्पेस इस्तेमाल करने वाली एयरलाइंस को वॉर्निंग दी है। सऊदी के सिविलियन एयरपोर्ट को हूती निशाना बना सकते हैं। ट्रंप ने भी तीन B-25 बॉम्बर रवाना किए हैं, जिससे मिडिल-ईस्ट में युद्ध और भड़कने का खतरा है। इधर, अब ट्रंप ने भी हूती विद्रोहियों को चेतावनी दे दी है। जानें अब ट्रंप को क्यों गुस्सा आ गया।
अमेरिका ने हूती विद्रोहियों को कड़ी चेतावनी
दरअसल, सऊदी अरब के घावों पर कई बार नमक छिड़क चुके ट्रंप ने अब मलहम लगाने की कोशिश की है। अमेरिका ने हूती को वॉर्निंग दी है कि अगर सऊदी पर हमले नहीं रोके तो हूती को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी सऊदी को सांत्वना दी है और हूती को कड़ी चेतावनी दी है कि वो लिमिट क्रॉस न करें। अब सवाल उठता है अमेरिका का गुस्सा क्या एक अमेरिकी की मौत की वजह से है? रियाद पर 4 बड़े हमले हो चुके हैं तब अमेरिका को गुस्सा नहीं आया? सऊदी क्राउन प्रिंस बार-बार ट्रंप के आगे गिड़गिड़ा चुके हैं फिर भी ट्रंप ने मदद नहीं की।
हूती विद्रोहियों के हाथ लगे अमेरिकी हथियार
गौरतलब है कि हूती ने अमेरिका के टैंक, बख्तरबंद वाहन, तोपें हाल ही की लड़ाई में कब्जा कर ली थीं, तब भी ट्रंप ने उनके खिलाफ हमले के आदेश नहीं दिए। हूती के हाथ लगे हथियार अमेरिका के कोई कबाड़ हो चुके वेपन नहीं हैं। इनमें ओशकोश जैसे माइन रेजिस्टेंस वाहन हैं जो बारूदी सुरंगों और बमों के हमले भी झेल सकते हैं। Humvees जैसे हल्के बख्तरबंद वाहन हैं जिन्हें अमेरिकी ग्राउंड फोर्स मिडिल ईस्ट में इस्तेमाल करती है। लंबी दूरी तक मार करने वाली अमेरिकी मोबाइल आर्टिलरी गन हैं। इन हथियारों की कीमत करीब 4 करोड़ डॉलर के आसपास है। तो ट्रंप को अब गुस्सा इसीलिए आया है क्योंकि हूती के हमले में एक अमेरिकी की जान गई है।
एयरपोर्ट के 2 टर्मिनल हूती विद्रोहियों ने उड़ाए
बता दें कि हूती ने रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल 3 और 4 को उड़ाया है, जिस वक्त हमला किया गया एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और 4 में काफी भीड़ थी। मिसाइल टारगेट पर गिरते ही कांच के बड़े-बड़े टुकड़े फर्श पर आंधी तूफान की तरफ गिरे। कई लोगों को चोटें आईं। एयरपोर्ट के एक हिस्से में खून के निशान काफी दूर तक देखे गए। रियाद अटैक में 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें सऊदी अरब के 4 और 2 बांग्लादेशी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, इजिप्ट, जॉर्डन, सीरिया, सूडान और फिलिस्तीनी नागरिक शामिल हैं। कोई पाकिस्तानी, इंडियन और इजरायली इस हमले की चपेट में नहीं आया है। 309 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अभी जीत से कोसों दूर हैं डोनाल्ड ट्रंप
दरअसल, अमेरिकी नाकेबंदी की वजह से ईरान अपना तेल बेच नहीं पा रहा है। ईरान के जहाजों को अमेरिका उड़ा रहा है। ईरान इसीलिए ट्रंप पर दबाव बनाने के लिए सऊदी अरब के तेल को हूती के जरिए रोकने की लड़ाई लड़ रहा है। ये गेम बहुत लंबा है। ट्रंप इसे जीतने का दावा बार-बार कर चुके हैं। मगर जीत से कोसों दूर हैं।
मिडिल-ईस्ट में फिर हो सकता है बड़ा हमला
उधर, ट्रंप ने अब नई चाल चली है। ब्रिटेन के RAS फेयरफोर्ड एयरपोर्ट से बी-52 बॉम्बर रवाना किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 बॉम्बर रवाना हो चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर मिडिल-ईस्ट में बहुत बड़ा हमला करने वाले हैं। देखना होगा कि ये हमला हूती पर होगा या हूती की युद्ध मशीनरी को चलाने वाले ईरान पर।
इससे पहले खबर सामने आई थी कि सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा घायल हो गए।ट
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