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पाकिस्तान को कैसे भारी पड़ रहा इमरान की पार्टी का प्रोटेस्ट? कंगाली में बुरी तरह गीला हुआ आटा

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के प्रस्तावित लॉन्ग मार्च को टालने से सुरक्षा व्यवस्था का खर्च बढ़ गया है। कंटेनरों, पुलिस, खाना, होटल और परिवहन पर सरकारी खर्च 1 अरब पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है।

पीटीआई के प्रस्तावित...- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV/AP पीटीआई के प्रस्तावित लॉन्ग मार्च के चलते पाकिस्तान पर जबरदस्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

Highlights

  • PTI का प्रदर्शन टला तो पाकिस्तान में सुरक्षा खर्च एक अरब रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है।
  • 1,550 कंटेनरों का किराया ही दो हफ्तों में 65.1 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा।
  • पुलिस, होटल, खाना और वाहनों के अतिरिक्त खर्च से सरकारी खजाने पर बढ़ेगा दबाव।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी कि PTI के प्रस्तावित प्रदर्शन ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च को करीब एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के लिए पहले से की गई तैयारियों का खर्च अब और बढ़ने वाला है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था पर सरकारी खर्च 1 अरब पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है। सबसे बड़ा खर्च उन 1,550 कंटेनरों का है, जिन्हें इस्लामाबाद में रास्ते रोकने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए लगाया गया है। इन कंटेनरों का किराया ही रोजाना 4.65 करोड़ पाकिस्तानी रुपये है।

पहले एक हफ्ते की तैयारी थी, अब खर्च दो हफ्ते का

PTI ने पहले 27 सितंबर से इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था। इसके लिए पुलिस ने करीब 820 मिलियन पाकिस्तानी रुपये यानी 82 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी। इस रकम में कंटेनरों का किराया, बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों के रहने, खाने और परिवहन का खर्च शामिल था। पुलिस को उम्मीद थी कि प्रदर्शन करीब एक सप्ताह में खत्म हो जाएगा। लेकिन PTI ने मार्च को अब 4 अक्टूबर तक टाल दिया है। ऐसे में पहले से की गई सुरक्षा व्यवस्था को ज्यादा समय तक बनाए रखना होगा। डॉन के मुताबिक, इसी वजह से कुल खर्च 1 अरब रुपये से ऊपर जाने का अनुमान है। बता दें कि पाकिस्तान इस समय भारी कंगाली के दौर से गुजर रहा है और वहां 3 महीने के लिए लॉकडाउन जैसे हालात हैं।

1,550 कंटेनरों का 4.65 करोड़ रुपये किराया

ऑल पाकिस्तान गुड्स अलायंस के चेयरमैन निसार हुसैन जाफरी के मुताबिक, शुरुआत में 40 फुट के कंटेनर के लिए रोजाना 40,000 रुपये और 20 फुट के कंटेनर के लिए 20,000 रुपये किराया मांगा गया था। बाद में दोनों तरह के कंटेनरों के लिए 30,000 रुपये प्रतिदिन की मांग रखी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 1,550 कंटेनरों का रोजाना किराया 4.65 करोड़ रुपये बैठता है। यानी:

  1. 1 दिन: 4.65 करोड़ रुपये
  2. 1 सप्ताह: 32.55 करोड़ रुपये
  3. 2 सप्ताह: 65.10 करोड़ रुपये

PTI के मार्च को एक सप्ताह टालने के बाद इन कंटेनरों का खर्च भी लगभग दोगुना हो जाएगा।

Image Source : India TVप्रोटेस्ट में कंटेनरों का किराया एक बड़ा खर्च है।

18 हजार पुलिसकर्मियों की हुई है तैनाती

सुरक्षा के लिए पंजाब से 16,000 और सिंध से 2,000 पुलिसकर्मियों को बुलाने का अनुरोध किया गया था। सिंध पुलिस के 2,000 जवान इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनके ठहरने का इंतजाम पुलिस लाइंस मुख्यालय, फैसल मस्जिद और कम्युनिटी सेंटर G-13 में बने मार्की में किया गया है। इन जवानों को रोजाना तीन वक्त का खाना दिया जा रहा है। एक पुलिसकर्मी के खाने पर 600 रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं। इस हिसाब से सिर्फ 2,000 सिंध पुलिसकर्मियों के खाने पर:

  1. रोजाना: 12 लाख रुपये
  2. एक सप्ताह: 84 लाख रुपये
  3. 2 सप्ताह: 1.68 करोड़ रुपये

खर्च होने का अनुमान है।

पंजाब पुलिस अभी पहुंची भी नहीं, खर्च शुरू

पंजाब से आने वाले 16,000 पुलिसकर्मियों का दल 25 सितंबर तक इस्लामाबाद पहुंचना था, लेकिन शुक्रवार शाम तक यह दल राजधानी नहीं पहुंचा था। इसके बावजूद इनके लिए खाने का अनुमानित खर्च 96 लाख रुपये प्रतिदिन है। एक सप्ताह में यह रकम 6.72 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यानी जिस पुलिस बल की पूरी तैनाती अभी हुई भी नहीं है, उसके लिए भी बड़ी रकम का इंतजाम करना पड़ रहा है।

Image Source : India TVPTI समर्थक पहले भी जोरदार प्रदर्शन कर चुके हैं।

पुलिस के आने-जाने पर भी लाखों का खर्च

पुलिसकर्मियों को उनके ठहरने की जगह से ड्यूटी प्वाइंट तक पहुंचाने के लिए करीब 70 कोस्टर, 30 डबल-कैबिन वाहन और बसें भी लगाई गई हैं। 70 कोस्टर का रोजाना किराया 10.5 लाख रुपये है, जबकि 30 डबल-केबिन वाहनों पर 3 लाख रुपये रोजाना खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए 13 होटलों में 175 कमरे बुक किए गए हैं। इनमें 11 होटलों के 157 कमरों में इंस्पेक्टर से SP रैंक तक के अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था है। इन कमरों का किराया 7.545 लाख रुपये प्रतिदिन और एक सप्ताह के लिए 52.815 लाख रुपये बताया गया है। DIG और SSP स्तर के अधिकारियों के लिए दो होटलों में बुक किए गए 18 कमरों का किराया इसमें शामिल नहीं है, क्योंकि उसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं बताया गया है।

2700 वाहन और उनके ड्राइवर पुलिस के कब्जे में

सुरक्षा व्यवस्था का एक और बड़ा पहलू सामने आया है। निसार हुसैन जाफरी के मुताबिक, इस्लामाबाद और पंजाब पुलिस ने करीब 2,700 कंटेनर वाहनों को उनके तीन-तीन सदस्यों वाले चालक दल के साथ कब्जे में लिया है। करीब 400 वाहन और उनके चालक दल अभी नहीं मिले हैं। बाकी वाहनों के चालक दल को पुलिस थानों में रखा गया है। जाफरी के मुताबिक, पुलिस ने ड्राइवरों और दूसरे कर्मचारियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया है, लेकिन उन्हें खाने के अलावा पुलिस स्टेशन से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। उनके मोबाइल फोन, वाहन के कागजात और चाबियां भी ले ली गई हैं। पुलिस के मुताबिक, बड़े कंटेनर ट्रकों को चलाने के लिए स्पेशल स्किल की जरूरत होती है। इसलिए कंटेनर छोड़ने का फैसला होने तक उनके चालक दल को थानों में रखा गया है।

Image Source : APपुलिस पर भी पाकिस्तान को काफी खर्च करना पड़ रहा है।

कई अन्य शहरों में भी जब्त किए गए वाहन

कंटेनर और वाहन इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर, झंग, हसन अब्दाल, अटक, कामोके, टैक्सिला, झेलम, मियांवाली, चकवाल, फैसलाबाद और गुजरात में जब्त किए गए हैं। इन 2,700 वाहनों में करीब 450 वाहन ऐसे हैं, जिनमें सामान लदा हुआ था। इनमें दवाइयां, खाद्य सामग्री और केमिकल जैसी चीजें शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि सुरक्षा इंतजाम का असर सिर्फ सरकारी खर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि माल ढुलाई और कारोबार पर भी पड़ सकता है।

आखिर PTI क्यों कर रही है प्रदर्शन?

PTI ने यह प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च अपने संस्थापक और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर बुलाया है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है। PTI नेतृत्व ने अब मार्च की शुरुआत 27 सितंबर के बजाय 4 अक्टूबर को करने का फैसला किया है। पार्टी के मुताबिक, मार्च का उद्देश्य इमरान खान की रिहाई समेत अपनी राजनीतिक मांगों को आगे बढ़ाना है।

इमरान के बेटे ने समर्थकों को क्या चेतावनी दी?

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने शुक्रवार को समर्थकों से अपील की कि वे PTI के 27 सितंबर वाले प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान अदियाला जेल की तरफ मार्च न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थकों की ऐसी लामबंदी को पाकिस्तानी अधिकारी जेल पर किसी 'जवाबी हमले' के बहाने के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। उनके मुताबिक, इससे उनके पिता की जान खतरे में पड़ सकती है।

पाकिस्तान के लिए यह एक्स्ट्रा खर्च क्यों भारी है?

यह खर्च ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान की वित्तीय गुंजाइश पहले से सीमित बताई जा रही है। IMF ने अप्रैल 2026 की अपनी समीक्षा में कहा था कि पाकिस्तान की fiscal space यानी सरकारी खर्च की गुंजाइश बहुत सीमित है और आर्थिक झटकों की स्थिति में खर्च को प्राथमिकताओं के हिसाब से नियंत्रित करना जरूरी होगा। IMF ने यह भी कहा था कि क्षेत्रीय संघर्ष से महंगाई और बाहरी खाते पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए PTI के प्रदर्शन को रोकने के लिए कंटेनर, पुलिस, होटल, खाना और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च सिर्फ एक सुरक्षा बिल नहीं है। यह ऐसे समय में सरकारी खजाने पर अतिरिक्त दबाव है, जब सरकार को सीमित संसाधनों में दूसरे जरूरी खर्च भी संभालने हैं।

अगर प्रदर्शन एक हफ्ते और टला है तो क्या होगा?

अगर प्रदर्शन एक सप्ताह और टलता है तो सरकार को पहले से की गई तैयारियों को बनाए रखने के लिए और पैसे खर्च करने पड़ेंगे। सिर्फ कंटेनरों का दो सप्ताह का किराया 65.1 करोड़ रुपये है। इसके ऊपर पुलिस का खाना, होटल, वाहन और दूसरे सुरक्षा इंतजाम हैं। यानी एक राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर तैयार की गई सुरक्षा व्यवस्था जितनी लंबी चलेगी, सरकारी खजाने पर उतना ही अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। पाकिस्तान की मौजूदा सीमित राजकोषीय गुंजाइश को देखते हुए इसे सरकार के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय दबाव के तौर पर देखा जा सकता है।

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