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Explainer: दिनाकरन की AMMK फिर हुई NDA में शामिल, जानें कैसे बदल जाएगी तमिलनाडु की सियासत

टीटीवी दिनाकरन की AMMK ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले फिर NDA जॉइन कर लिया है। इससे तमिलनाडु में NDA मजबूत होगा, खासकर दक्षिणी जिलों में, जिससे DMK के लिए खतरा पैदा हो गया है। थेवर वोट बैंक के साथ विपक्ष का एकीकरण DMK के लिए चुनौती बन सकता है।

टीटीवी दिनाकरन का...- India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK.COM/TTV.DHINAKARAN.AMMK टीटीवी दिनाकरन का दक्षिणी तमिलनाडु में अच्छा-खासा प्रभाव है।

Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु में अगले कुछ महीनों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम यानी कि AMMK के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने बुधवार को अपनी पार्टी को फिर से NDA में शामिल कर लिया है। बता दें कि यह फैसला चुनाव से पहले NDA को मजबूत करने वाला कदम है, जिसमें बीजेपी और AIADMK जैसे दल पहले से हैं। दिनाकरन ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल से चेन्नई में मुलाकात के दौरान अपनी पार्टी के NDA में फिर से शामिल करने का ऐलान किया।

पुराना है AMMK और NDA का रिश्ता

AMMK की स्थापना टीटीवी दिनाकरन ने 2018 में की थी। यह पार्टी AIADMK से अलग होकर बनी थी। दिनाकरन पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के भतीजे हैं और दक्षिण तमिलनाडु में मुक्कुलथोर यानी कि थेवर समुदाय में उनका अच्छा प्रभाव है। 2021 के विधानसभा चुनाव में AMMK ने AIADMK को नुकसान पहुंचाया था, क्योंकि उसने कई सीटों पर पार्टी के वोट काटे थे। सितंबर 2025 में AMMK ने NDA से अपना रास्ता अलग कर लिया था, लेकिन अब 2026 के चुनाव से पहले उसका एक बार फिर NDA में आना सत्तारुढ़ DMK के लिए बुरी खबर है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों में इस बार NDA, DMK-कांग्रेस गठबंधन और एक्टर विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा।

Image Source : ANIटीटीवी दिनाकरन ने चेन्नई में पीयूष गोयल से मुलाकात की।

दिनाकरन ने दिया बेहद अहम बयान

टीटीवी दिनाकरन ने आज चेन्नई में पीयूष गोयल से मुलाकात के दौरान कहा कि पुरानी असहमतियों को पार्टी के बड़े हितों के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु की भलाई के लिए आंतरिक विवादों को सुलझाने की बात की। दिनाकरन ने कहा कि अम्मा (जयललिता) के कैडर के रूप में हम एक साथ आएंगे और मजबूती से खड़े होंगे ताकि अम्मा का शासन तमिलनाडु में वापस आए, जनता का शासन बहाल हो, और प्रशासन अच्छा हो। दिनाकरन का यह बयान इस बात का सबूत माना जा रहा है कि AIADMK नेताओं और उनके बीच रिश्ते सामान्य हो चुके हैं।

तमिलनाडु की सियासत पर बड़ा असर

टीटीवी दिनाकरन का NDA में आना तमिलनाडु की राजनीति को काफी प्रभावित करेगा। AMMK का मुख्य आधार दक्षिण तमिलनाडु में थेवर समुदाय है, जहां से AIADMK को पिछले चुनावों में काफी नुकसान हुआ था। अब यह वोट NDA को मजबूत कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, AMMK के शामिल होने से NDA का वोट प्रतिशत 8-10% बढ़ सकता है। सत्तारुढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ विपक्ष तेजी से एकजुट हो रहा है, जो कि पहले बिखरा हुआ था। PMK जैसे अन्य दल पहले से NDA में हैं, और अगर ओ पन्नीरसेल्वम के साथ-साथ DMDK भी एनडीए में वापस आते हैं तो गठबंधन काफी मजबूत हो जाएगा। कुल मिलाकर, यह तमिलनाडु में एंटी-इनकंबेंसी को NDA की तरफ मोड़ सकता है।

Image Source : PTIदिनाकरन का NDA के साथ आना स्टालिन के लिए झटका साबित हो सकता है।

CM स्टालिन के लिए कितना बड़ा झटका?

दिनाकरन की NDA में वापसी को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी पार्टी DMK के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। DMK अभी सत्ता में है, लेकिन AMMK का NDA में शामिल होना विपक्ष को मजबूत बनाता है। 2021 के विधानसभा चुनावों में में AMMK ने AIADMK के वोट काटकर DMK को फायदा पहुंचाया था, और तमाम ऐसी सीटें थीं जहां AMMK के वोटों की वजह से AIADMK की हार हुई थी। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे एनडीए अपने आपको मजबूत करने की कोशिश करता जाएगा। 

चुनावों पर क्या असर डालेंगे दिनाकरन?

दिनाकरन के NDA के साथ आने से 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पहले से ज्यादा रोचक हो गया है। यहां NDA, DMK-कांग्रेस और TVK के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। AMMK के शामिल होने से NDA को दक्षिण तमिलनाडु में फायदा मिलेगा, जहां थेवर वोट निर्णायक हैं। माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में TVK के लिए मुश्किल होगी, क्योंकि विजय की पार्टी अकेली पड़ सकती है। कुल मिलाकर, दिनाकरन का NDA में लौटना तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ है। यह इस बात का संकेत है कि NDA के घटक दल पुरानी दुश्मनी भुलाकर एक नए लक्ष्य के साथ आगामी विधानसभा चुनावों को जीतने के लिए अपने कदम बढ़ा रहे हैं।