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Hindi News Explainers Explainer: रूस के साथ मिसाइल डील से कांप उठेंगे दुश्मन, जानें क्या है S-400 'सुदर्शन' और कैसे बनेगा भारत की ढाल?

Explainer: रूस के साथ मिसाइल डील से कांप उठेंगे दुश्मन, जानें क्या है S-400 'सुदर्शन' और कैसे बनेगा भारत की ढाल?

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 डिफेंस सिस्टम ने शानदार कामयाबी दिलाई थी। इस डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के 6-7 फाइटर जेट और जासूसी विमानों को मार गिराया था।

S-400, sudarshan- India TV Hindi Image Source : X@ALPHA_DEFENSE एस-400

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष के बाद इंडियन आर्म्ड फोर्स अपनी ताकत को और बढ़ाने में जुटा है। इसी कड़ी में भारत रूस से बड़े पैमाने पर मिसाइल खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। भारतीय सेना रूस से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की मिसाइलों की बड़ी खेप खरीदने की तैयारी में है। ये मिसाइलें सुदर्शन चक्र S-400 डिफेंस सिस्टम के लिए होंगी।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई ताकत

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 डिफेंस सिस्टम ने शानदार कामयाबी दिलाई थी। इस डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के 6-7 फाइटर जेट और जासूसी विमानों को मार गिराया था। रक्षा सूत्रों की मानें तो भारतीय वायु सेना अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए इन मिसाइलों को बड़ी संख्या में खरीदना चाहती है ताकि देश की लंबी दूरी की हवाई मारक क्षमता और इंटरसेप्शन क्षमता को और मजबूत किया जा सके। इस संबंध में रूस के साथ पहले से ही बातचीत चल रही है और जल्द ही अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि भारत और रूस ने 2018 में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के 5 स्क्वाड्रन खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से तीन स्क्वाड्रन निर्धारित समय पर पहुँच गए, लेकिन चौथे स्क्वाड्रन की डिलीवरी से ठीक पहले रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ गया। इस बीच, रक्षा मंत्रालय 23 अक्टूबर को होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव पर अनुमोदन के लिए विचार कर सकता है।भारत और रूस ने विभिन्न स्तरों पर और अधिक S-400 और S-500 एयर डिफेंस सिस्टम को शामिल करने की भारत की योजनाओं पर भी चर्चा की है। 

क्या है एस-400 सुदर्शन चक्र?

S-400 मिसाइल सिस्टम रूस द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है। यह सिस्टम अपनी उच्च क्षमता और आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया की सबसे शक्तिशाली और प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। महाभारत में भगवान विष्णु के पौराणिक अस्त्र सुदर्शन चक्र से प्रेरित यह नाम इसकी सटीकता, गति और मारक क्षमता को दर्शाता है। रूस के अल्माज़-एंटे द्वारा डिज़ाइन किया गया यह सिस्टम 400 किलोमीटर तक की दूरी पर विमान, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों सहित हवाई खतरों को रोक सकता है।

Image Source : ANIएस-400

आइए जानते हैं कि S-400 मिसाइल सिस्टम खास क्यों है?

मल्टी लेयर डिफेंस सिस्टम

S-400 एक मल्टी लेयर डिफेंस सिस्टम है। यह विभिन्न प्रकार की मिसाइलों को एक साथ संचालित करने में सक्षम है। S-400 सिस्टम छोटी दूरी, मध्यम दूरी और लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग करके एक व्यापक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

लंबी दूरी तक लक्ष्य को भेदने की क्षमता

S-400 सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह लंबी दूरी तक लक्ष्य को भेदने की क्षमता से लैस है। यह सिस्टम 400 किलोमीटर तक की दूरी पर और 30 किलोमीटर की ऊचाई तक के टरगेट को निशाना बना सकता है और 600 किलोमीटर तक के लक्ष्यों का पता लगा सकता है।

किस तरह के खतरों से निपटने में सक्षम

S-400 सिस्टम  न केवल हवाई जहाजों, बल्कि क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और यहां तक कि स्टील्थ (Stealth) विमानों को भी निशाना बनाने में सक्षम है। इस प्रकार यह विविध प्रकार के खतरों के खिलाफ सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

रडार और डिटेक्शन प्रणाली कैसी है?

S-400 में उन्नत रडार और डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। इसकी खासियत है कि यह बहुत ही तेजी से लक्ष्यों की पहचान और ट्रैकिंग कर सकते हैं। यह डिफेंस सिस्टम एक साथ 80 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और उनमें से 36 पर एक ही समय में अटैक भी कर सकता है।

किन मिसाइलों का हो सकता है इस्तेमाल?

S-400 सिस्टम  विभिन्न प्रकार की मिसाइलों का उपयोग कर सकती है, जैसे कि 40N6, 48N6, 9M96E2 और 9M96E। ये मिसाइलें अलग-अलग रेंज और ऊंचाई पर काम करती हैं, जिससे यह प्रणाली कई परतों में सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

कठिन हालात में भी ऑपरेट की क्षमता

S-400 की एक और खासियत यह है कि इसे किसी भी मौसम में और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया जा सकता है।