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कोलकाता की रंग बिरंगी सड़कें देखीं? सुंदरता और सुरक्षा पर क्यों उठे सवाल, क्या कहते हैं नियम

कोलकाता की रंग बिरंगी सड़कें सबका मन मोह रही हैं, लेकिन इन सड़कों पर पिछले दिनों हुई दुर्घटना की खबर ने इन सड़कों को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या सड़कों को सुंदर बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाया जा सकता है? जानें इस एक्सप्लेनर में....

कोलकाता की रंग बिरंगी सड़कें- India TV Hindi
कोलकाता की रंग बिरंगी सड़कें

Highlights

  • कोलकाता की रंग बिरंगी सड़कें
  • सुरक्षा को लेकर क्यों उठे सवाल
  • जानें सड़कों को रंग करवाने के नियम

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के मौके पर राज्य सरकार की पहल पर कोलकाता को नए सिरे से सजाया जा रहा है। कहीं रोशनी की चमक, तो कहीं रंगोली। वहीं, इस बीच कोलकाता के कई फ्लाईओवर और ब्रिज को भी नए रंग में सजाने का इंतजाम किया है कोलकाता नगर निगम और हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर्स (HRBC) ने। पहले से ही गड़ियाहाट और चिंगरीघाटा फ्लाईओवर की सड़क पर रंग करने का काम चल रहा है। हालांकि पहल सामने आते ही जहां कई लोगों ने इस पहल की तारीफ की, वहीं कई लोगों को आशंका है कि इन रंग बिरंगी सड़कों  पर गाड़ी चलाते समय विजन की समस्या हो सकती है, इससे दुर्घटना होने की आशंका भी है। 

बुधवार दोपहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें देखा जा रहा है कि सड़क पर ऑयल पेंट करने की वजह से और साथ में बारिश की वजह से फिसलकर एक के बाद एक, तीन बाइक स्किड करके गिर गईं और दुर्घटना का शिकार हो गईं। इसी को लेकर अब अग्निमित्रा पॉल के नगर विकास विभाग को विरोधियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

कोलकाता की रंग बिरंगी सड़क, देखें वीडियो

कोलकाता के 'रेनबो फ्लाईओवर' पर क्या हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें कोलकाता के एक फ्लाईओवर पर कई बाइक सवार चमकीले रंगों से रंगे और बारिश से भीगे हिस्से पर फिसलते हुए दिखाई दिए। 14 अक्टूबर को छपी रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में देखा जा सकता है कि एक के बाद एक कई बाइक सवार अपना संतुलन खो बैठे। इन घटनाओं के दौरान क्या हुआ, और क्या कोई घायल हुआ, यह शुरुआती रिपोर्टों से स्पष्ट नहीं हो सका। फुटेज की असलियत और फिसलने के सटीक कारण की अभी पुष्टि होनी बाकी है।

Image Source : IndiaTVसुंदर और सुरक्षित सड़क

पॉल ने बताया कि अधिकारियों को इस घटना की जांच करने और कारण का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर 'एंटी-स्किड' (फिसलन रोकने वाला) पेंट का इस्तेमाल किया गया था, और अगर इस कोटिंग की वजह से सड़क उपयोगकर्ताओं को कोई दिक्कत आती है, तो प्रशासन इसमें बदलाव करने पर विचार करेगा। जांच से यह पता चलने की उम्मीद है कि क्या फिसलने की वजह पेंट था, सड़क का गीला होना था, या फिर कोई और कारण था।

रंग बिरंगी सड़क को लेकर सियासत तेज

कुणा घोष ने कहा, अगर आपको अनसाइंटिफिक और खतरनाक पेंट हटाना ही है, तो इतनी बचकानी हरकत क्यों की? हादसे की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? किसके पैसे बर्बाद हुए? चिंगरीहाट हादसे और गरियाहाट में पेंट हटाने की तस्वीरें रहने दीजिए।

टीएमसी ने आरोप लगाया, बंगाल में जनता के जनादेश को चुराकर सत्ता में आई भाजपा सरकार अब लोगों की जान जोखिम में डाल रही है! हाल ही में पेंट किया गया फ्लाईओवर एक 'मौत का जाल' बन गया है; पहली ही बारिश में यहां बाइकें फिसल रही हैं और हादसे हो रहे हैं। इस घोर लापरवाही के लिए मंत्री @paulagnimitra1 को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बंगाल की जनता को सुरक्षित सड़कें चाहिए, न कि खतरनाक बुनियादी ढांचा!

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सजावटी रंग-रोगन टायरों की पकड़ (ग्रिप) को कम कर सकते हैं और एक सामान्य सफर को दुर्घटना का कारण बना सकते हैं। पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे उस जगह का निरीक्षण करें और पता लगाएं कि आखिर किस वजह से गाड़ियां गिरीं।

अग्निमित्रा पॉल का कहना है कि सौंदर्यीकरण के काम में 'एंटी-स्किड' (फिसलन रोकने वाले) पेंट का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि अगर इन रंगों की वजह से देखने में दिक्कत आती है या वाहन चालकों को कोई परेशानी होती है, तो अधिकारी वैकल्पिक इंतजामों पर विचार करेंगे।

सड़कों पर पेंट करने से फिसलेंगे वाहन? 
जब किसी वाहन के टायर सड़क पर अच्छी पकड़ (ग्रिप) बनाए रखते हैं, तो वह सुरक्षित रूप से चलता है। यह पकड़ टायर के रबर और सड़क की सतह के बीच होने वाले घर्षण (फ्रिक्शन) से मिलती है। इसी की मदद से चालक वाहन की गति बढ़ा सकता है, ब्रेक लगा सकता है, दिशा बदल सकता है और संतुलन बनाए रख सकता हैं, खासकर घुमावदार रास्तों पर। जब सड़क पर पेंट किया जाता है, तो यह कोटिंग सड़क की सतह के बनावट (टेक्सचर) को बदल सकती है। पेंट के प्रकार, उसमें इस्तेमाल सामग्री, उसकी फिनिश और सड़क की मौजूदा हालत के आधार पर, नई सतह पर पुरानी डामर वाली सड़क की तुलना में कम पकड़ मिल सकती है।

Image Source : IndiaTVसड़कों को पेंट कराने के नियम

सड़क गीली होने पर खतरा और बढ़ सकता है। पानी, टायर और सड़क के बीच के संपर्क और घर्षण को कम कर सकता है। वहीं, चिकनी या खराब बनावट वाली कोटिंग भी कम पकड़ दे सकती है। अगर सड़क पर इतनी पकड़ नहीं है कि चालक की ब्रेक लगाने, दिशा बदलने या मोड़ काटने की जरूरतों को पूरा कर सके, तो टायर फिसल सकते हैं। हालांकि, सभी सड़क कोटिंग्स एक जैसे जोखिम पैदा नहीं करतीं। 

क्या सड़कों को सुरक्षित रखते हुए सुंदर बनाया जा सकता है?

  • सड़क पर कलाकृतियों को ऐसी जगहों पर लगाना चाहिए, जहां वाहनों की पकड़ पर कोई असर न पड़े।
  • कोलकाता की अल्पना जैसी पारंपरिक डिज़ाइनों को फुटपाथों, पैदल यात्री चौकों, सड़क किनारे की दीवारों, ट्रैफिक-आइलैंड की सतहों और मुख्य वाहन मार्ग से दूर अन्य क्षेत्रों पर चित्रित किया जा सकता है। 
  • अधिकारियों को विशेष रूप से वाहनों के लिए डिज़ाइन और परीक्षित उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। व्यापक उपयोग से पहले उनकी गीली सतह पर फिसलन प्रतिरोध क्षमता, टिकाऊपन, दृश्यता और मौजूदा सड़क सतह के साथ अनुकूलता की जांच की जानी चाहिए।
  •  विशेष उच्च-घर्षण वाली सतहों में एक उपयुक्त बाइंडर को टिकाऊ एग्रीगेट के साथ मिलाकर एक बनावट वाली सतह बनाई जा सकती है। ऐसे सिस्टम का चयन और इंस्टॉलेशन इंजीनियरिंग विनिर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए, विशेष रूप से मोड़ों, जंक्शनों के पास और अन्य स्थानों पर जहां ब्रेकिंग या स्टीयरिंग की आवश्यकता अधिक होती है।
  • उपयुक्त रूप से डिजाइन किए गए कर्ब, ऊंचे पैदल यात्री क्षेत्र और कम गति वाले क्षेत्रों में पैटर्न वाली सतहों के माध्यम से रंग का उपयोग कर सकते हैं। ये पूरी हाई-स्पीड सड़क को पेंट करने की तुलना में अधिक टिकाऊ विकल्प प्रदान कर सकते हैं।
  •  रिटेनिंग दीवारों पर भित्ति चित्र, रंगीन खंभे, कलात्मक प्रकाश व्यवस्था, सजावटी रेलिंग और सार्वजनिक कला प्रतिष्ठान वाहनों के चलने वाली सतह को बदले बिना फ्लाईओवरों को नया रूप दे सकते हैं। 
  • सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी, परावर्तक लेन चिह्न, स्पष्ट संकेत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और नियमित रखरखाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सजावटी कार्य सड़क की खामियों को छिपाना नहीं चाहिए और न ही चालकों का ध्यान यातायात संकेतों और लेन सीमाओं से भटकाना चाहिए।
  • किसी भी रंगी हुई सड़क को नियमित यातायात के लिए खोलने से पहले, अधिकारियों को उसकी गीली और सूखी फिसलन प्रतिरोध क्षमता, सतह की बनावट, जल निकासी, दृश्यता और स्थायित्व का मूल्यांकन करना चाहिए। यातायात और मौसम की स्थितियों को देखते हुए निगरानी करनी चाहिए।

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