1. Hindi News
  2. Explainers
  3. "बालेन दाई को चश्मा" नेपाल के PM बालेन शाह का सनग्लास प्रेम, काले चश्मे का रहस्य क्या है

"बालेन दाई को चश्मा" नेपाल के PM बालेन शाह का सनग्लास प्रेम, काले चश्मे का रहस्य क्या है

नेपाल के पीएम बालेन शाह अक्सर काले चश्मे में नजर आते हैं, जिसकी वजह से बालेन दाई को चश्मा काफी प्रचलित है। क्या ब्लैक सनग्लासेज उनकी पसंद हैं या मजबूरी, जानें क्या है काले चश्मे का रहस्य?

नेपाल के पीएम का काला चश्मा- India TV Hindi
नेपाल के पीएम का काला चश्मा

Highlights

  • नेपाल के पीएम का सनग्लास प्रेम
  • पीएम बालेन शाह क्यों पहनते हैं काला चश्मा
  • काला चश्मा बना पीएम बालेन शाह की पहचान

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की तस्वीरों पर अगर आपने ध्यान दिया होगा तो एक बात खास दिखी होगी कि वो काले चश्मे में ही ज्यादातर नजर आते हैं। सवाल ये है कि आखिर वो हमेशा काला चश्मा क्यों पहनते हैं? दिन हो या रात, यहां तक कि संसद में भी वो काले चश्मे में ही नजर आते हैं और अब काला चश्मा उनकी पब्लिक इमेज का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं नेपाल के पीएम को सनग्लासेज पहनने की वजह क्या है, जिसकी वजह से फ़ेडरल पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट ने शाह को सदन के अंदर भी अपने सिग्नेचर सनग्लासेस पहनने की मंज़ूरी दे दी है। बता दें कि नेपाल की संसद में पहले सनग्लासेज पहनने पर रोक थी। जानें नेपाल के पीएम के सनग्लास प्रेम की पूरी कहानी.....

काला चश्मा बना बालेन की सियासी पहचान
बालेन शाह के सनग्लासेज पहनने के लिए उनके ऑफ़िस ने फ़ेडरल पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट में एक मेडिकल रिपोर्ट जमा की थी जिसमें कहा गया है कि उन्हें सलाह दी गई थी कि उन्हें सनग्लासेस पहनने चाहिए क्योंकि तेज़ रोशनी में उन्हें परेशानी होती है। यह छूट स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल के उस निर्देश के कुछ ही दिनों बाद मिली है जिसमें उन्होंने सांसदों से संसदीय कार्यवाही के दौरान डार्क ग्लास नहीं पहनने को कहा था। इसलिए, यह विवाद सिर्फ़ धूप के चश्मे के बारे में नहीं है। बालेन शाह के लिए, अब यही काला चश्मा उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन गया है।

Image Source : twitterबालेन शाह का काला चश्मा

बालेन शाह को काले चश्मे की ज़रूरत क्यों है?
हाल ही में, तेज़ रोशनी में देखने में परेशानी की शिकायत के बाद शाह ने काठमांडू के बीरेंद्र मिलिट्री हॉस्पिटल में अपनी आंखों की जांच करवाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेत्र रोग विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. सचित ढकाल ने प्रधानमंत्री को ज़रूरत पड़ने पर धूप का चश्मा (सनग्लास) पहनने और ज़रूरत होने पर आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। इसके बाद शाह के ऑफिस ने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की सलाह फेडरल पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट को भेज दी।

Image Source : twitter बालेन शाह

पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट के प्रवक्ता एकराम गिरी ने कहा कि इन दस्तावेज़ों से साबित होता है कि शाह के चश्मा पहनने के पीछे मेडिकल कारण था, खासकर "तेज़ रोशनी में देखने में होने वाली परेशानी"। इसके बाद डिप्टी प्रवक्ता अनंत प्रसाद कोइराला ने इसे और साफ़ तौर पर कहा, "सेक्रेटेरिएट को एक रिपोर्ट सौंपी गई है जिसमें बताया गया है कि सम्मानित प्रधानमंत्री को धूप का चश्मा पहनने की ज़रूरत क्यों है, और इसके पीछे मेडिकल कारण हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर तेज़ रोशनी में मेडिकल तौर पर ज़रूरी हुआ, तो शाह को चश्मा पहनने की इजाज़त दी जाएगी।" तो, ऐसे में भले ही पीएम शाह यह ऐलान नहीं कर रहे हैं कि वे संसद के ड्रेस कोड के नियमों को नहीं मानेंगे, लेकिन मेडिकल छूट का असल मतलब यह है कि वे सदन की कार्यवाही के दौरान चश्मा पहने रह सकते हैं।

नेपाल की संसद में धूप के चश्मे पर रोक क्यों थी?
यह मामला इस महीने की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब स्पीकर अर्याल ने पार्टी व्हिप को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सांसद सदन के अंदर गहरे रंग के धूप के चश्मे न पहनें। स्पीकर ने कहा कि इस चलन पर बार-बार सवाल उठाए गए और आलोचना हुई है, और संसद ने फैसला किया कि कार्यवाही के दौरान गहरे रंग के चश्मे पहनने की इजाज़त नहीं होगी, सिवाय तब जब कोई मेडिकल कारण हो।

Image Source : twitter बालेन शाह

शाह 26 अगस्त को सांसदों के साथ सीधे सवाल-जवाब सत्र में शामिल हुए। प्रधानमंत्री बनने के बाद हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के नियमों के तहत यह उनकी ऐसी पहली उपस्थिति थी। ग्यारह सांसदों ने उनके लिए सवाल दर्ज कराए। बता दें कि पीएम यह उपस्थिति संसद में उनकी उपस्थिति को लेकर हो रही आलोचना के बीच भी हो रही है। सांसदों द्वारा संसदीय बैठकों से उनकी अनुपस्थिति पर चिंता जताए जाने के बाद स्पीकर ने पहले उन्हें सदन के सामने पेश होने का निर्देश दिया था।

बालेन शाह के धूप के चश्मे
36 साल के रैपर से नेता बने बालेन शाह के लिए, आयताकार काले चश्मे काठमांडू के मेयर रहने के समय से ही उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहे हैं। राजनीति में आगे बढ़ने के दौरान उन्हें शायद ही कभी बिना काले चश्मे के देखा गया। अक्सर पूरी तरह काले कपड़ों के साथ पहने जाने वाले ये चश्मे नेपाल के पारंपरिक राजनीतिक ढांचे को चुनौती देने वाले एक बाहरी व्यक्ति के तौर पर उनकी छवि से गहराई से जुड़ गए। यह क्रेज़ फ़ैशन की दुनिया तक भी पहुंच गया। समर्थक इस लुक को "बालेन दाई को चश्मा" कहने लगे, और काठमांडू की दुकानों में ऐसे ही काले आयताकार फ़्रेम वाले चश्मों की मांग बढ़ गई, जिन्हें "बालेन सनग्लासेज़" के नाम से बेचा जाने लगा।

Image Source : File photo (indiaTV)रैपर बालेन शाह

फिलहाल, इस मामले पर मेडिकल आधार पर फ़ैसला हो गया है। बालेन शाह नेपाल की संसद में वही सनग्लास पहनकर जा सकते हैं जो काठमांडू की सड़कों से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक उनके साथ रहे हैं। और जब वह सांसदों के सामने होंगे, तो देश सिर्फ़ यह नहीं देखेगा कि वह क्या कहते हैं, बल्कि यह भी देखेगा कि क्या उन काले चश्मों के पीछे छिपा इंसान आख़िरकार संसद में खुलकर बात करता है या नहीं।

ये भी पढ़ें:
नेपाल में अचानक क्यों आया इतना खतरनाक सैलाब? सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आई वजह, भारत में भी मंडराया बाढ़ का खतरा