पंजाब की राजनीति में लंबे वक्त से खुद को मजबूत आधार देने का प्रयास कर रही BJP को स्थानीय निकाय चुनाव में ऐसा नतीजा मिला है, जिसने राजनीतिक पंडितों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। पंजाब के पिछले Local Body Elections में जहां BJP को महज 49 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी, वहीं इस बार BJP ने 172 सीटें जीतकर अपने परफॉर्मेंस में साढ़े तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह कामयाबी पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में BJP के लिए 'संजीवनी' साबित हो सकती है।
अबोहर का परिणाम BJP के लिए अप्रत्याशित
आंकड़ों को देखें तो BJP की परफॉर्मेंस कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक रही है। सबसे चर्चित रिजल्ट अबोहर नगर परिषद का रहा, जहां BJP ने 50 में से 28 वार्ड जीतकर बड़ी बढ़त हासिल कर ली। यह परिणाम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पंजाब में BJP को लंबे वक्त तक कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित पार्टी के तौर पर देखा जाता रहा है।
पश्चिम बंगाल की कहानी पंजाब में दोहरा पाएगी BJP!
BJP नेताओं का दावा है कि यह परिणाम पंजाब में पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता का इशारा है। इस बीच, पश्चिम बंगाल का उदाहरण भी दिया जा रहा है। दावा है कि पश्चिम बंगाल में BJP ने 2016 में 3 सीटों के साथ काफी सीमित सियासी मौजूदगी से शुरुआत की थी, लेकिन कुछ ही साल बाद विधानसभा में पहले 77 और अब 208 तक अपनी सीटों की संख्या बढ़ा ली है। माना जा रहा है कि पंजाब में भी इसी प्रकार के राजनीतिक विस्तार पर BJP काम कर सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने जताई 2027 में BJP के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
पंजाब के स्थानीय निकाय चुनाव में BJP के प्रदर्शन पर रिएक्शन देते हुए केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'पंजाब के इतिहास को देखें तो नगर निगम चुनावों में सबसे कम सीटें और वोट शेयर हासिल करने वाली सत्ताधारी पार्टी AAP है। अगर सरकार की पूरी मशीनरी लगाने के बाद भी AAP का यही हाल है, तो 2027 में लोग आपको गांव में कदम भी नहीं रखने देंगे- मेरी बात याद रखना, लिख लेना।'
Image Source : ravneet singh bittu/Xकेंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने AAP पर साधा निशाना।
सुनील जाखड़ ने BJP की जीत को बताया ऐतिहासिक
वहीं, BJP के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष Sunil Jakhar ने अबोहर की विजय को ऐतिहासिक बताया। सुनील जाखड़ ने एक वीडियो पोस्ट कर, उसमें कहा, 'मेरे पास शब्द ही नहीं हैं कि मैं कैसे अबोहर के लोगों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करूं। बीजेपी के पक्ष में ये रिजल्ट जिस गुंडागर्दी, माफिया राज और बिगड़े हालातों के बीच आया है उसके लिए सराहना होनी चाहिए। ये ऐतिहासिक है। अब सुनील जाखड़ और बीजेपी पार्टी की जिम्मेदारी है कि अबोहर और इसके लिए लोगों के विश्वास को और मजबूत करे।'
BJP के सामने पूरे पंजाब में विस्तार की चुनौती
हालांकि, निकाय चुनावों के परिणाम को सीधे विधानसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देख सकते। पंजाब में लोकल मुद्दे, उम्मीदवारों की पर्सनल इमेज, उनकी पकड़ और इलाके के समीकरण अक्सर अलग रोल निभाते हैं। फिर भी 49 से 172 सीटों तक की BJP की छलांग पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर है। अगर BJP इस प्रदर्शन को पंजाब के अन्य क्षेत्रों में विस्तार देने में कामयाब रहती है, तो विधानसभा चुनाव 2027 में वह पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावशाली चुनौती दूसरी पार्टियों के सामने पेश कर सकती है।
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