Explainer: ट्रंप की सलाह से पुतिन जेलेंस्की छोड़ देंगे अपनी जिद? रूस यूक्रेन युद्ध में क्या होगा आगे
रूस और यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रयासरत हैं। उन्होंने पुतिन से बात की और उसके बाद अब जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। पुतिन और जेलेंस्की अपनी अपनी जिद पर अड़े हैं। जानें क्या होगा इस युद्ध का...

Explainer: अलास्का में हुए शिखर सम्मेलन के बाद रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर कई तरह की संभावनाएं बन रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता करना चाहिए क्योंकि "रूस एक बहुत बड़ी शक्ति है, और यूक्रेन नहीं हैं।" इस शिखर सम्मेलन में व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध समाप्त करने के लिए यूक्रेन से डोनेट्स्क देने की मांग की थी, लेकिन जेलेंस्की जिद पर अड़े हैं और उन्होंने कहा, हम ऐसा नहीं करेंगे। दोनों देशों के राष्ट्रपति अपनी अपनी जिद पर अड़े हैं और ट्रंप युद्ध को रोकने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
पुतिन ने मांगा डोनेस्ट्क, जेलेंस्की ने किया इनकार
ट्रंप से बातचीत में पुतिन ने कहा, "यूक्रेन को डोनबास छोड़ना होगा" जो पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुगांस्क क्षेत्रों से मिलकर बना है। इसके बदले में, रूसी सेना दक्षिणी यूक्रेन के काला सागर बंदरगाह क्षेत्र खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में अपना आक्रमण रोक देगी, जिनके मुख्य शहर अभी भी यूक्रेनी नियंत्रण में हैं। बता दें कि, सितंबर 2022 में रूस ने दावा किया था कि उसने सभी चार यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया है, हालांकि उसके सैनिकों का अभी भी उनमें से किसी पर भी पूर्ण नियंत्रण नहीं है। पुतिन की इस बात पर जेलेंस्की ने कहा, "हम डोनबास नहीं छोड़ेंगे।"
नाटो देशों की भूमिका अहम
ट्रंप ने अलास्का में पुतिन से मुलाकात के बाद कहा कि वह पुतिन के साथ इस बात पर सहमत हैं कि युद्धविराम के बिना ही शांति समझौता किया जाना चाहिए। यूरोपीय सहयोगियों ने ट्रंप के इन प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन यूक्रेन का समर्थन करने और रूस पर प्रतिबंध कड़े करने का भी संकल्प लिया है। ऐसे में अब नाटो देशों की भूमिका भी अहम हो जाती है, सूत्रों के मुताबिक यूरोपीय नेताओं को भी सोमवार की व्हाइट हाउस में जेलेंस्की के साथ होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
ट्रंप ने कह दी है बड़ी बात
पुतिन के साथ हुई बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, "सभी ने यह तय किया कि रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है, सीधे शांति समझौता करना, जिससे युद्ध समाप्त हो जाएगा, न कि केवल युद्धविराम समझौता कारगर होगा, जो अक्सर टिक नहीं पाता।" डोनाल्ड ट्रंप को पुतिन के साथ हुई शिखर वार्ता में कोई स्पष्ट सफलता नहीं मिली और इसके कुछ घंटों बाद ही उनका यह बड़ा बयान आया है।
अलास्का में ट्रंप और पुतिन की हुई इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले, रूस यूक्रेन जंग को तत्काल समाप्त करना ही ट्रंप की मुख्य मांग थी, लेकिन वार्ता के बाद युद्ध को लेकर ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर युद्ध नहीं रूका तो रूस को "गंभीर परिणाम" भुगतने होंगे।
तो क्या पुतिन हावी रहे ट्रंप पर
ट्रंप के अथक प्रयास के बावजूद युद्धविराम पर समझौता नहीं करने का कदम पुतिन के पक्ष में प्रतीत होता है, पुतिन लंबे समय से अंतिम शांति समझौते पर बातचीत की वकालत करते रहे हैं। उनकी यह एक ऐसी रणनीति है, जिसकी यूक्रेन और नाटो देशों ने रूस की युद्धक्षेत्र में बढ़त को बढ़ाने के तरीके के रूप में आलोचना की है। पुतिन से बात करने के बाद ट्रंप ने वाशिंगटन वापस लौटते समय ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बात की।
यूरोपीय देशों ने पुतिन पर लगाया आरोप
ट्रम्प ने यह भी कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के लिए तैयार है, इस आश्वासन को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सही कदम बताया, लेकिन यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने शिखर सम्मेलन के नतीजों की तीखी आलोचना की और पुतिन पर रक्तपात को समाप्त करने की कोई प्रतिबद्धता न जताते हुए "वार्ता को लंबा खींचने" का आरोप लगाया। कल्लास ने कहा, "कड़वी सच्चाई यह है कि रूस का इस युद्ध को जल्द खत्म करने का कोई इरादा नहीं है।"
अब फिर से व्हाइट हाउस में होंगे ज़ेलेंस्की
सोमवार को एक बार फिर से ज़ेलेंस्की व्हाइट हाउस में होंगे, साथ ही कई यूरोपीय नेताओं को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फरवरी में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की व्हाइट हाउस गए थे और उनकी यात्रा बेहद चर्चित और विवादास्पद रही थी। इस यात्रा के दौरान हुई बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी सहायता के लिए पर्याप्त आभार नहीं दिखाने के लिए ज़ेलेंस्की को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी।
अलास्का शिखर सम्मेलन में पुतिन के साथ ट्रंप की हुई वार्ता के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह अपनी वाशिंगटन यात्रा और "हत्या और युद्ध को समाप्त करने से संबंधित सभी विवरणों" पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं। पुतिन के साथ बैठक के बाद फॉक्स न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में, ट्रम्प ने कहा, "यह वास्तव में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पर निर्भर है कि वे इसे पूरा करें और मैं यह भी कहूंगा कि यूरोपीय देशों को भी इसमें थोड़ा-बहुत शामिल होना होगा, लेकिन यह राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पर निर्भर है कि युद्ध कैसे रोकना है।"
यूरोपीय दबाव से युद्ध पर असर होगा
फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं ने अपने एक बयान में, ट्रंप-पुतिन-ज़ेलेंस्की के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन की योजना का स्वागत किया और कहा, "जब तक न्यायसंगत और स्थायी शांति नहीं हो जाती, हम रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों और व्यापक आर्थिक उपायों को मज़बूत करते रहेंगे।"
पुतिन ने मास्को पहुंचकर दी धमकी
मास्को वापस आकर, पुतिन ने कहा कि ट्रंप के साथ उनकी शिखर वार्ता "बहुत उपयोगी" रही। बातचीत बहुत स्पष्ट और सार्थक रही और मेरे विचार से, यह हमें आवश्यक निर्णयों के करीब ले जाती है। अलास्का में शिखर सम्मेलन के बाद दिए गए अपने बयान में पुतिन ने यूक्रेन और यूरोपीय देशों को चेतावनी दी थी कि वे "पर्दे के पीछे की किसी भी साजिश" में शामिल न हों, जिससे युद्ध रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास में बाधा उत्पन्न हो। इस बीच, यूक्रेन में युद्ध जारी है। शनिवार को रूस ने रात में 85 हमलावर ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी।