A
  1. Hindi News
  2. Explainers
  3. F-15E और A-10 Warthog की ताकत, ट्रंप के अरमानों को ईरान ने कैसे हवा में धुआं धुआं कर दिया, जानें

F-15E और A-10 Warthog की ताकत, ट्रंप के अरमानों को ईरान ने कैसे हवा में धुआं धुआं कर दिया, जानें

ईरान ने अमेरिका के आधुनिक जेट फाइटर्स को मार गिराया है और इस तरह से अपनी सैन्य क्षमता का परिचय दिया है। ईरान ने F-15E और A-10 Warthog को मार गिराया है। जानें तेहरान ने ये कैसे किया?

अमेरिका का F-15E जेट फाइटर- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL MEDIA (TWITTER) अमेरिका का F-15E जेट फाइटर

ईरान ने अमेरिकी विमानों पर सीधा हमला करना शुरू कर दिया है है। तेहरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के एक एफ-15 वॉर एयर फाइटर को मार गिराया है। अमेरिका ने कहा है कि विमान में सवार दो सदस्यों में से एक को बचा लिया है, दूसरा अभी भी लापता है। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने खाड़ी में एक अमेरिकी ए-10 जेट फाइटर को भी मार गिराया है और इसे लेकर अमेरिकी मीडिया ने बताया कि विमान के पायलट को बचा लिया गया है। इसके बाद ईरान ने एक के बाद बचाव अभियान में लगे विमानों पर भी हमला किया है। ईरान द्वारा मार गिराए गए लापता चालक दल के सदस्य की खोज में लगे अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर ईरान ने हमला किया, लेकिन वे ईरानी हवाई क्षेत्र से निकलने में कामयाब रहे।

अमेरिका की ओर से व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। बाद में ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज़ को बताया कि एफ-15 के नुकसान से बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, उन्होंने कहा: नहीं, बिल्कुल नहीं। नहीं, यह युद्ध है। हम युद्ध में हैं।

Image Source : social media (twitter)अमेरिका का F-15E जेट फाइटर

जानें कितना ताकतवर था अमेरिका का एफ-15ई स्ट्राइक ईगल

  • अमेरिका की एफ-15ई स्ट्राइक ईगल एक शक्तिशाली लड़ाकू विमान है जिसे हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों को अंजाम देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
     
  • एबीसी न्यूज़ के अनुसार, एफ-15 बनाने की शुरुआत एफ-15ए से हुई थी, जिसने पहली बार जुलाई 1972 में उड़ान भरी थी।
     
  • इसके बाद एफ-15 के बी वेरिएंट, सिंगल-सीट सी वर्जन और 1979 में दो-सीट डी मॉडल आए हैं। बाद में फिर इसका ई वेरिएंट आया और अप्रैल 1988 में ल्यूक एयर फोर्स बेस पर पहुंचा।
     
  • अमेरिका का यह विमान काफी शक्तिशाली बनाया गया है। इसका इंजन थ्रस्ट-टू-वेट अनुपात बहुत अधिक है, जिससे यह किसी भी तरह की चढ़ाई के दौरान गति पकड़ सकता है।
     
  • यह अत्यधिक पैंतरेबाज़ी करने में सक्षम है, जिससे यह एयर स्पीड खोए बिना मुड़ सकता है।
     
  • F-15E जेट फाइटर 1,875 मील प्रति घंटे की गति प्राप्त कर सकता है और 60,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।
     
  • यह मिसाइलें ले जा सकता है और 500 राउंड गोला बारूद वाली 20 मिमी बंदूक से लैस है।
     
  • विमान की एक प्रमुख विशेषता इसकी दो-सीट संरचना है। पायलट आगे के कॉकपिट से संचालन करता है, जबकि एक हथियार प्रणाली अधिकारी पीछे के कॉकपिट में बैठता है, जो विभिन्न प्रकार के डेटा प्रदर्शित करने वाली चार स्क्रीन से सुसज्जित है।
     
  • पायलट कॉकपिट में नीचे देखे बिना महत्वपूर्ण जानकारी की निगरानी के लिए हेड-अप डिस्प्ले का उपयोग कर सकता है।
     
  • यह विमान सभी मौसम स्थितियों में संचालन करने और कई प्रकार के मिशनों को अंजाम देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह अमेरिकी वायु सेना के प्रमुख स्ट्राइक प्लेटफॉर्मों में से एक बन गया है।

अमेरिका का A-10 वॉर्थोग क्या है?

  • ए-10 थंडरबोल्ट II, जिसे वॉर्थोग के नाम से जाना जाता है, निकटवर्ती हवाई सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है और एफ-15ई जैसे तेज़ जेट विमानों की तुलना में कम ऊंचाई पर उड़ान भरता है।
     
  • अमेरिकी वायु सेना के अनुसार, इस विमान की अधिकतम गति लगभग 420 मील प्रति घंटा है। गति में कमी को इसकी मज़बूती से पूरा किया गया है।
     
  • ए-10 23 मिमी तक के कवच-भेदी और उच्च-विस्फोटक प्रक्षेपास्त्रों के सीधे हमले को झेल सकता है।
     
  • इसके स्व-सील होने वाले ईंधन कक्ष आंतरिक और बाहरी फोम से सुरक्षित हैं।
     
  • इसमें मैनुअल सिस्टम द्वारा समर्थित रिडंडेंट हाइड्रोलिक उड़ान नियंत्रण प्रणाली है, जो पायलटों को हाइड्रोलिक पावर खत्म होने पर भी उड़ान भरने और लैंडिंग करने की अनुमति देती है।
     
  • पायलट और उड़ान नियंत्रण प्रणाली टाइटेनियम कवच से सुरक्षित हैं, जबकि रिडंडेंट संरचनात्मक खंडों के माध्यम से इसकी उत्तरजीविता क्षमता बढ़ाई गई है।
     
  • विमान को रखरखाव में आसानी के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, जिसमें दोनों तरफ विनिमेय पुर्जे हैं, और यह विभिन्न परिस्थितियों में काम कर सकता है।
     
  • इसमें एक गैटलिंग तोप लगी है जो प्रति मिनट 3,900 गोले दागने में सक्षम है और इसे बख्तरबंद लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 
     
  • अमेरिकी वायु सेना के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी युद्ध के दौरान इसने 8,000 से अधिक उड़ानें भरीं और 95.7 प्रतिशत की मिशन क्षमता दर बनाए रखी।

 

 

Image Source : social media (twitter)अमेरिका का F-15E जेट फाइटर

 

ईरान ने ट्रंप के अरमानों को कैसे धुआं धुआं किया

ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F‑15E और A‑10 को मार गिराया है। खुरासान प्रांत और फारस की खाड़ी से लगे इलाकों में विमानों में आग लगने के बाद उसके मलबे की तस्वीरें और वीडियो ईरानी मीडिया ने जारी की हैं।  ईरान ने आखिर इतनी आधुनिक 4th जनरेशन एयरक्राफ्ट को निशाना कैसे बनाया और ट्रंप के अरमानों पर पानी कैसे फेर दिया। तो बता दें कि सामने आए वीडियो से पता चलता है कि इन हमलों में ईरान ने इन्फ्रारेड‑आधारित सतह‑से‑हवा मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया है।

Image Source : social media (twitter)ईरान की इंफ्रारेड तकनीक

इन्फ्रारेड सिस्टम की खासियत क्या होती है 

इन्फ्रारेड सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें किसी रडार का इस्तेमाल नहीं होता है और ये सिस्टम सीधे विमान के इंजन से निकलने वाली हीट सिग्नेचर को पकड़ते हैं और अटैक करते हैं। फाइटर जेट के इंजन आसमान में सबसे ज्यादा गर्मी छोड़ते हैं और इन्फ्रारेड सिस्टम का कूल्ड थर्मल सीकर उस गर्मी को स्कैन करता है और जैसे ही सबसे ताकतवर हीट सोर्स लॉक होता है, मिसाइल खुद‑ब‑खुद उस लक्ष्य का पीछा करती है और लक्ष्य को हिट करती है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई रडार सिग्नल का काम नहीं होता जिससे दुश्मन को कोई अलर्ट नहीं मिलता है। 

Image Source : social media (twitter)ईरान की इंफ्रारेड तकनीक
ईरान का अनोखा सिस्टम
खाड़ी में जारी युद्ध में ईरान ने इन हमलों में स्वदेशी सिस्टम ‘Majid' का प्रयोग किया है जो सतह से हवा में मारने वाली मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल हो सकता है। यह सिस्टम खास तौर पर लो‑फ्लाइंग एयरक्राफ्ट, ड्रोन, हेलिकॉप्टर को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो कम ऊंचाई पर उड़ रहे फाइटर जेट्स की तकनीक को हिट करता है। लेकिन कहा जा रहा है कि ईरान ने शायद इस युद्ध में नई पीढ़ी के हाई‑रिज़ॉल्यूशन इन्फ्रारेड सीकर्स, साइलेंट एयर‑डिफेंस नेटवर्क और लो‑फ्लाइंग फ्लाइट प्रोफाइल के जरिए अमेरिका की महंगी और अत्याधुनिक मशीनरी को चुनौती दी है और इस तरह से ट्रंप के अरमानों पर पानी फेर दिया है।