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Fact Check: मनोहरलाल धाकड़ मामले में फर्जी वीडियो और तस्वीरों को किया जा रहा वायरल

मनोहरलाल धाकड़ मामले में सोशल मीडिया पर आए दिन तमाम वीडियो और तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है। लेकिन जब इस चीज की पड़ताल की गई तो हमने पाया कि किया जा रहा दावा पूरी तरह से फर्जी और गलत है।

Fact Check Fake videos and pictures are being made viral in Manoharlal Dhakad case- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL फैक्ट चेक

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भाजपा नेता मनोहरलाल धाकड़ का बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था, जहां वह हाईवे पर महिला के साथ अश्लली हरकत करते दिख रहे थे। इसक बाद सोशल मीडिया पर उनके दो असंबंधित तस्वीरों और वीडियो को जोड़कर अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। एक महिला की तस्वीर को लेकर ये दावा किया जा रहा है कि यह भाजपा नेता के साथ शामिल आरोपी की तस्वीर है। हालांकि जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि ये दावा पूरी तरह गलत है। जबकि पहली तस्वीर ओडिशा की एक छात्रा की है, जबकि दूसरा वीडियो पाकिस्तान की एक ट्रांस महिला का है।

क्या किया जा रहा है दावा?

दरअसल फेसबुक पर एक तस्वीर को शेयर करते हुए उसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का बताया जा रहा है और इसे मनोहरलाल धाकड़ के साथ जोड़ा जा रहा है। तस्वीर में जो लड़की दिख रही है उसे लेकर दावा किया जा रहा है कि मनोहर लाल धाकड़ के साथ यही लड़की थी। यूजर आरती यादव ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ये है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे वाली धाकड़ छोरी। इन्हीं ने धाकड़ के साथ मिलकर रोड निर्माण का जायजा लिया था। वहीं एक दूसरे यूजर ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए दावा किया किय यह महिला ****** है जो भाजपा नेता मनोहरलाल धाकड़ केस में शामिल है।

पड़ताल

हमने जब इसकी पड़ताल की और तस्वीर में दिख रही इमेज को रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया तो हमें एक फेसबुक अकाउंट मिला, जहां संपर्क करने पर पता चला कि वायरल तस्वीर ओडिशा की एक छात्रा की है। बूम से बात करते हुए इस लड़की ने बताया कि उसकी असली तस्वीर को एडिट करके गलत दावे के साथ उसे शेयर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, लड़की ने बूम को बताया कि पहले भी उसकी तस्वीर का गलत इस्तेमाल गलत दावे के साथ किया जा चुका है। छात्रा ने इस मामले में कानूनी सहारा लेने की भी बात कही है। वहीं जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, गूंगल लेंस पर जब उसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि उस वीडियो को Duniya Mast नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 17 अगस्त 2013 को शेयर किया गया था। इसमें वायरल क्लिप भी दिखाई देती है, जबकि मनोहरलाल धाकड़ का केस मई 2025 का है। ऐसे में इस फैक्ट चेक में हमने पाया कि यह दावा पूरी तरह गलत और फर्जी है।