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Fact Check: नवरात्रि पर पुलिस ने नहीं बरसाए पुजारी पर डंडे, 5 साल पुरानी घटना फर्जी दावे के साथ हो रही वायरल

सोशल मीडिया में नवरात्रि के दिनों में पुलिस द्वारा मंदिर के पुजारी को पीटने का दावा वायरल हो रहा है। जांच में पता चला कि पुजारी को पीटने की घटना अप्रैल, 2020 की है। ये घटना कोरोना काल में लॉकडाउन से जुड़ी हुई है।

सोशल मीडिया में वायरल...- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL MEDIA सोशल मीडिया में वायरल हो रही फोटो

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में कई तरह के वीडियो और फोटो वायरल होते हैं। इनमें से कई वीडियो और फोटो गलत दावों के साथ अपलोड किए जाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इन वीडियो को सच मानकर अपनी टाइमलाइन में शेयर करते हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम इन्हीं भ्रामक वीडियो और फोटो के सत्यता की जांच पड़ताल करती है। 

क्या हो रहा वायरल?

सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सांप्रदायिक दावे के साथ एक फोटो वायरल हो रही है। वायरल फोटो में दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नवरात्र के दिन एक पुजारी दीपक जलाने आया, इस दौरान रीवा के एसपी आबिद खान ने पुजारी की बेरहमी से पिटाई कर दी। वायरल फोटो में एक पुलिसकर्मी पुजारी को पीटते हुए दिख रहा है।

फेसबुक पर अश्विनी द्विवेदी नाम के यूजर ने 10 अप्रैल को फोटो अबलोड करते हुए भ्रामक कैप्शन लिखा है। फेसबुक यूजर ने लिखा, 'माँ के नवरात्रि का अंतिम दिन था आज, दीपक जलाने आया हूं साहब रामनवमी है सर। मध्यप्रदेश रीवा : मंदिर में अकेले पूजा कर रहे पुजारी को बेरहमी से पीटा। जल से भरा बर्तन लात मार कर फेंक दिया और पूजा क्षेत्र को बूंट पहन के तबियत से कुचला गया। ये गुण्डा है रीवा पुलिस का SP आबिद खान। प्रत्येक हिंदु का यह कर्तव्य है कि इस आरोपी को बर्खास्त कराने के लिए अपना योगदान दें।

Image Source : FBफेसबुक हो वायरल हो रहा ये दावा

अप्रैल 2020 की है घटना

वायरल फोटो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस का एक एक्स पोस्ट मिला। इसे 3 अप्रैल 2020 को साझा किया गया था। एमपी कांग्रेस के एक्स हैंडल में कई फोटो हैं। इसमें एक वायरल फोटो भी है। इस पोस्ट में लिखा गया, 'शिवराज जी, रामनवमी के दिन एक अकेले पंडित पर हमला करवाकर आपकी सरकार कौन सा संदेश देना चाहती है..? जब सरकार पूजा की थाली, मंदिर का कलश, आरती का दिया और भगवान के फूल पर डंडा चलाने लगे, तो समझ लीजिए कि सरकार और शासक का अस्त नजदीक है।

Image Source : X/INCMPमध्य प्रदेश कांग्रेस का एक्स हैंडल

लॉकडाउन के नियमों का का पालन न करने पर हुई कार्रवाई

जांच के दौरान 'ईटीवी भारत' की हिंदी वेबसाइट की खबर मिली। ये खबर 3 अप्रैल 2020 को वेबसाइट में प्रकाशित की गई। इस खबर में वायरल तस्वीर भी है।  रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पदमधर कॉलोनी में पुजारी और श्रद्धालुओं को हटाया गया। पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन लागू था। इसके बावजूद शहर के एक मंदिर का पट खुला मिला। थाना पुलिस द्वारा पहले पुजारी को समझाइश दी गई थी, लेकिन दोबारा मंदिर खुलने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा और आरक्षक मौके पर पहुंचे और सभी श्रद्धालुओं को वहां से हटाया। इसके बाद पुजारी को चेतावनी दी गई कि मंदिर दोबारा खुला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Image Source : ETV Bharatलॉकडाउन में नियम तोड़ने पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने भी जारी किया था स्पष्टीकरण

साल 2020 में इस मामले को लेकर फेक न्यूज फैलाई गई थी। उस समय रीवा पुलिस ने स्पष्ट किया था कि पुजारी के साथ मारपीट तत्कालीन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने की थी, न कि पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने।

Image Source : X/JansamparkMPरीवा पुलिस ने जारी किया बयान

फर्जी निकला वायरल दावा

वायरल फोटो की जांच पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल दावा फर्जी है। ये घटना हाल की न होकर 5 साल पुरानी है। ये घटना अप्रैल, 2020 की है। उस समय देशभर में कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू था। एक पुजारी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ पूजा कर रहा था। उसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने पुजारी के साथ मारपीट की थी। उस समय रीवा के पुलिस अधीक्षक आबिद खान थे, जबकि वर्तमान में रीवा जिले के एसपी विवेक सिंह हैं। अप्रैल 2020 में ये मामला बढ़ने के बाद रीवा पुलिस निरीक्षक राजकुमार मिश्रा को लाइन अटैच कर दिया गया था।