SBI करेगा 12,000 कर्मचारियों की भर्ती, 250 नई ब्रांच खोलने की भी प्लानिंग

मार्च, 2026 तक एसबीआई के कुल कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से ज्यादा थी। बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एसबीआई ने कुल 25,633 कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, देश का ये सबसे बड़ा सरकारी बैंक अपने ब्रांच नेटवर्क को भी बढ़ाने की प्लानिंग में जुटा हुआ है। एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने ये जानकारी दी। शेट्टी ने बैंक की 200 से 250 नई ब्रांच खोलने की योजना है।
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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, देश का ये सबसे बड़ा सरकारी बैंक अपने ब्रांच नेटवर्क को भी बढ़ाने की प्लानिंग में जुटा हुआ है। एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने ये जानकारी दी। शेट्टी ने बैंक की 200 से 250 नई ब्रांच खोलने की योजना है।
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चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने कहा कि रिटायरमेंट और उभरती जरूरतों के आधार पर भर्ती किए जाने वाले कर्मचारियों की ये संख्या कुछ कम या ज्यादा हो सकती है, लेकिन उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक करीब 12,000 लोगों की भर्ती हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल बैंक ने बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की थीं, जिसमें 1,500 एक्सपर्ट आईटी अधिकारी भी शामिल हैं। इस साल आईटी के लिए इतनी बड़ी संख्या में भर्तियों की जरूरत नहीं है।
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मार्च, 2026 तक एसबीआई के कुल कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से ज्यादा थी। बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एसबीआई ने कुल 25,633 कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। चेयरमैन ने कहा कि बड़ा ब्रांच नेटवर्क होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अब भी बैंक के लिए विस्तार की गुंजाइश है। नई कॉलोनियों के डेवलप होने के साथ-साथ कमर्शियली एक्टिव जिलों में भी बैंक अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है। एसबीआई चेयरमैन ने कहा कि बैंक कुछ ब्रांच का युक्तिकरण भी कर रहा है और इसके बावजूद ब्रांच की संख्या में हर साल करीब 200 से 250 की शुद्ध वृद्धि होने की उम्मीद है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में हिस्सेदारी के प्रस्तावित विनिवेश के बारे में शेट्टी ने कहा कि एसबीआई और उसकी सब्सिडरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अपनी करीब 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इसमें एसबीआई 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। हालांकि, अन्य शेयरधारकों के भी हिस्सेदारी बेचने की स्थिति में एसबीआई ग्रुप का विनिवेश एक प्रतिशत से कम रह सकता है।
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वर्तमान में एसबीआई के पास एनएसई में 3.23 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एनएसई को पिछले सप्ताह 30,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए नियामकीय मंजूरी मिल गई। यह आईपीओ देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले 2024 में हुंदै मोटर इंडिया का 27,858.75 करोड़ रुपये का आईपीओ सबसे बड़ा था। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 2022 में 20,557.23 करोड़ रुपये, पेटीएम ने 2021 में 18,300 करोड़ रुपये, टाटा कैपिटल ने 2025 में 15,511.87 करोड़ रुपये और कोल इंडिया ने 2010 में 15,200 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।