इराक से आई हसीना, बॉलीवुड में कमाया नाम, बनी रोल्स रॉयस खरीदने वाली पहली बॉलीवुड एक्ट्रेस

1950 के दशक में इराक की राजधानी बगदाद से बॉलीवुड में एक ऐसी हसीना आई जो देखते ही देखते लोगों के दिलों पर राज करने लगी और हिंदी सिनेमा जगत में छा गई। उस दौर में जब अभिनेत्रियां सादगी भरे अंदाज के लिए जानी जाती थीं, इस 23 साल की एक्ट्रेस ने अपने बोल्ड अंदाज और वैंप रोल से सबकों चौंका दिया था। जिस एक्ट्रेस की हम बात कर रहे हैं ये कोई और नहीं बल्कि 'मुड़ मुड़ कर न देख...' फेम नादिरा थीं, जिन्होंने कुछ ही फिल्मों में काम करने के बाद अपनी अलग पहचान बना ली थी।
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1950 के दशक में इराक की राजधानी बगदाद से बॉलीवुड में एक ऐसी हसीना आई जो देखते ही देखते लोगों के दिलों पर राज करने लगी और हिंदी सिनेमा जगत में छा गई। उस दौर में जब अभिनेत्रियां सादगी भरे अंदाज के लिए जानी जाती थीं, इस 23 साल की एक्ट्रेस ने अपने बोल्ड अंदाज और वैंप रोल से सबकों चौंका दिया था। जिस एक्ट्रेस की हम बात कर रहे हैं ये कोई और नहीं बल्कि 'मुड़ मुड़ कर न देख...' फेम नादिरा थीं, जिन्होंने कुछ ही फिल्मों में काम करने के बाद अपनी अलग पहचान बना ली थी।
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ये एक्ट्रेस हमेशा तेजतर्रार किरदारों को निभाती ही नजर आया करती थीं और रियल लाइफ में भी इनका किरदार ऐसा ही था। दिलचस्प बात यह है कि वह हिंदी सिनेमा की पहली अभिनेत्री थीं, जिन्होंने दुनिया की सबसे महंगी कारों में से एक रोल्स रॉयस खरीदी थी। नादिरा का जन्म 5 दिसंबर 1932 को बगदाद के एक यहूदी परिवार में हुआ था। अभिनेत्री का असली नाम फ्लोरेंस एजेकील था, लेकिन वह सिल्वर स्क्रीन पर नादिरा के नाम से मशहूर हुईं।
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जब 'मुड़ मुड़ के न देख...' गाना आया, तब अभिनेत्री की उम्र सिर्फ 23 साल थी। उनकी खूबसूरती और नजाकत ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वह फिल्मों में अपने बोल्ड रोल और बेबाक अंदाज के लिए भी मशहूर थीं, लेकिन राज कपूर के साथ काम करने की जिद ने उन्हें हमेशा के लिए बदल दिया। नादिरा पहली बार 10 साल की उम्र में हिंदी फिल्म 'मौज' में नजर आईं। इसके बाद उन्हें फिल्म 'आन' से इंडस्ट्री में आने का मौका मिला।
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इस फिल्म में नादिरा के साथ दिलीप कुमार मुख्य भूमिका में थे। 'आन' का निर्देशन महबूब खान ने किया था। वह पहले फिल्म में नरगिस को लेना चाहते थे, लेकिन एक्ट्रेस उस समय राज कपूर की फिल्म 'आवारा' की शूटिंग कर रही थीं। ऐसे में महबूब खान की नजर बेहद खूबसूरत नादिरा पर पड़ी, जो उस समय काम की तलाश में थीं। फिर क्या, महबूब खान ने उन्हें 'आन' में कास्ट कर लिया। उन्होंने ही फ्लोरेंस एजेकेल को नादिरा नाम दिया।
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'आन' रिलीज होते ही सिनेमाघरों में हिट हो गई और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की। इसके बाद नादिरा ने 'वारिस', 'जालान', 'नगमा', 'डाक बाबू' और 'रफ़्तार' समेत कई फिल्मों में काम किया, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि अचानक एक्ट्रेस का करियर डगमगाने लगा। 1956 में रिलीज हुई 'श्री 420' में नादिरा एक क्लब डांसर की भूमिका में नजर आईं। फिल्म में उन्होंने शानदार अभिनय किया।
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उनके सामने नरगिस भी फीकी पड़ गईं, लेकिन यह फिल्म नादिरा के लिए घातक साबित हुई, लेकिन इसी फिल्म के बाद वो हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने रोल्स रॉयस खरीदी थी। अपने करियर के उस पड़ाव पर वह सबसे ज्यादा फीस लेने वाली भारतीय अभिनेत्रियों में से एक थीं, जबकि पहली सैलरी के तौर पर नादिरा को 1200 रुपये मिले थे जो उस दौर में काफी ज्यादा बड़ी रकम थी।