'वो बवासीर की तरह हैं', कन्नड़ विवाद पर सोनू निगम ने दी सफाई, क्यों दिया था पहलगाम हमले का हवाला

बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम अक्सर ही अपने खरे बयानों के लिए सुर्खियों में बने रहते हैं। बीते दिनों बेंगलुरु में अपना म्यूजिक कॉन्सर्ट करने पहुंचे सोनू निगम ने एक बात ऐसी कही कि हल्ला मच गया। इतना ही नहीं कन्नड़ भाषा के समर्थकों ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई है और खूब विरोध किया है। अब इस विवाद के बाद सोनू निगम ने भी अपना बयान दिया है। सोनू निगम ने एक वीडियो शेयर कर इसको लेकर बात की है और कहा कि कुछ लोग बवासीर की तरह बन जाते हैं। अब सोनू निगम का ये वीडियो वायरल हो रहा है।
1/6 Image Source : Instagram
बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम अक्सर ही अपने खरे बयानों के लिए सुर्खियों में बने रहते हैं। बीते दिनों बेंगलुरु में अपना म्यूजिक कॉन्सर्ट करने पहुंचे सोनू निगम ने एक बात ऐसी कही कि हल्ला मच गया। इतना ही नहीं कन्नड़ भाषा के समर्थकों ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई है और खूब विरोध किया है। अब इस विवाद के बाद सोनू निगम ने भी अपना बयान दिया है। सोनू निगम ने एक वीडियो शेयर कर इसको लेकर बात की है और कहा कि कुछ लोग बवासीर की तरह बन जाते हैं। अब सोनू निगम का ये वीडियो वायरल हो रहा है।
2/6 Image Source : Instagram
कन्नड़ समर्थक संगठन कर्नाटक रक्षण वेदिके (केआरवी) द्वारा बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में बॉलीवुड गायक सोनू निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला उत्तरी बेंगलुरु के अवलाहल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। सोनू निगम पर बीएनएसएस की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए धारा 352 (1), आपराधिक मानहानि के लिए धारा 351 (2) और धार्मिक या भाषाई भावनाओं का अपमान करने के लिए धारा 353 शामिल है।
3/6 Image Source : Instagram
कर्नाटक रक्षण वेदिके के बेंगलुरु जिला अध्यक्ष धर्मराज गौड़ा द्वारा प्रस्तुत शिकायत और वीडियो के आधार पर दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि निगम की टिप्पणी का उद्देश्य कन्नड़ भाषी और अन्य भाषाई समूहों के बीच हिंसा और अन्य भाषा-आधारित मांगों से तुलना करके नफरत पैदा करना था। एफआईआर में निगम पर धारा 351 (2) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें कहा गया है कि निगम द्वारा की गई टिप्पणी ने कन्नड़ समुदाय को बदनाम किया है।
4/6 Image Source : Instagram
सोनू निगम ने स्पष्टीकरण के तौर पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में घटना कैसे हुई। उन्होंने कहा कि समर्थन में नारे लगाने के दो तरीके हैं और फिर धमकी भरे अंदाज में 'कन्नड़' चिल्लाने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि इसे कहने के तरीके में अंतर है। दर्शकों में चार या पांच 'गुंडे जैसे' लोग थे। जब वे चिल्ला रहे थे, तो कई लोग उन्हें शांत रहने के लिए कह रहे थे और लड़कियां भी उनसे कह रही थीं कि वे सीन को खराब न करें।
5/6 Image Source : Instagram
सोनू निगम ने कहा, 'उन चार या पांच लोगों को यह याद दिलाना जरूरी है कि जब पहलगाम में घटना हुई और लोगों से अपनी पैंट उतारने के लिए कहा गया, तो उनसे यह नहीं पूछा गया कि वे कौन सी भाषा बोलते हैं। कन्नड़ लोग बहुत प्यारे लोग हैं। अगर आप कमेंट देखें, तो यह न सोचें कि वहां कोई लहर चल रही है। ऐसा कुछ नहीं है।' सोनू निगम ने आगे कहा, 'हर जगह, हर राज्य में कुछ लोग होते हैं जिन्हें आप दर्शकों के रूप में आपको धमकाने या गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। दुनिया भर में हमें प्यार मिलता है। हम कन्नड़ गानों के पूरे एक घंटे के सेट के साथ तैयार होकर आते हैं। मैंने मंच पर भी इसका जिक्र किया था। लेकिन जो लोग लोगों को भड़काते हैं, उन्हें रोकना जरूरी है, नहीं तो वे बाद में 'बवासीर' बन जाते हैं।'
6/6 Image Source : Instagram
दरअसल बीते दिनों सोनू निगम का बेंगलुरु में म्यूजिकल कॉन्सर्ट चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने कन्नड़ भाषा की पैरवी करते हुए कुछ बातें बोलीं। इन बातों से कॉन्सर्ट का माहौल बिगड़ा तो सोनू निगम को भी गुस्सा आ गया। उन्होंने भी ताव में आकर कह दिया कि कन्नड़-कन्नड़ न करें क्योंकि पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों ने नहीं पूछा था कि कौन सी भाषा बोलते हो। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कन्नड़ भाषा की पैरवी करने वाले संस्थान ने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज करा दी है।