अयोध्या में राम मंदिर के अलावा घूमने के लिए कौन-कौन सी जगहें हैं?

अयोध्या, सदियों से भारतीय संस्कृति, आस्था और इतिहास का केंद्र रहा है। हाल के वर्षो में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण ने इसे एक प्रमुख तीर्थ स्थल बना दिया है। परंतु, अयोध्या की पहचान केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं है। यह शहर कई प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक घाटों के लिए भी मशहूर है। तो अगर आप अयोध्या घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राम मंदिर के दर्शन के बाद इन अद्भुत स्थानों को देखना न भूलें।
1/5 Image Source : PTI/ Website - ayodhyadham
अयोध्या, सदियों से भारतीय संस्कृति, आस्था और इतिहास का केंद्र रहा है। हाल के वर्षो में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण ने इसे एक प्रमुख तीर्थ स्थल बना दिया है। परंतु, अयोध्या की पहचान केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं है। यह शहर कई प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक घाटों के लिए भी मशहूर है। तो अगर आप अयोध्या घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राम मंदिर के दर्शन के बाद इन अद्भुत स्थानों को देखना न भूलें।
2/5 Image Source : INSTAGRAM - @storiesofkashi
हनुमान गढ़ी: हनुमान गढ़ी, अयोध्या के सबसे मशहूर मंदिरों में से एक है। राम मंदिर के दर्शन से पहले यहां हनुमान जी के दर्शन करना शुभ माना जाता है। यह पहुँचने के लिए लगभग 76 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। माना जाता है कि यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति शहर की रक्षा करती है।
3/5 Image Source : INSTAGRAM - @bumrooo
कनक भवन: कनक भवन का अर्थ है 'सोने का घर'। यह मंदिर भगवान राम और माता सीता को समर्पित है। यह भवन कैकेयी ने सीता जी को उनके विवाह के उपहार स्वरूप दिया था। यह मंदिर अपनी सुंदर और भव्य वास्तुकला और भगवान राम और सीता की मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।
4/5 Image Source : INSTAGRAM - @sharma.kunj
सरयू नदी और घाट: सरयू नदी अयोध्या के पास से बहती है। सरयू नदी में स्नान करना पवित्र माना जाता है। राम की पौड़ी यहाँ का सबसे प्रसिद्ध घाट है जहाँ शाम को होने वाली आरती का नज़ारा बेहद मनमोहक होता है। यहाँ बैठकर नदी की शांति और सुंदरता का अनुभव करना अद्वितीय है।
5/5 Image Source : INSTAGRAM - @beardgrapher_official
दशरथ भवन: दशरथ भवन वह स्थान है जहाँ माना जाता है कि भगवान राम के पिता राजा दशरथ का मूल महल था। यह एक शांत और सुंदर मंदिर है। यहाँ राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों के साथ एक छोटा सा मंदिर परिसर है, जहाँ साधु-संत भजन-कीर्तन करते हुए मिल जाएंगे।