चेहरे पर मुंह का लार लगाने से क्या होता है?

लार में एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर और हिस्टैटिन्स नामक प्रोटीन होते हैं। ये त्वचा की कोशिकाओं को तेजी से पुनर्जीवित करने और छोटे-मोटे कट या खरोंच को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं।
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लार में एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर और हिस्टैटिन्स नामक प्रोटीन होते हैं। ये त्वचा की कोशिकाओं को तेजी से पुनर्जीवित करने और छोटे-मोटे कट या खरोंच को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं।
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लार में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। सुबह की बासी लार को पिंपल्स पर लगाने से उनमें मौजूद बैक्टीरिया कम हो सकते हैं, जिससे सूजन और लालिमा कम होने में मदद मिलती है।
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माना जाता है कि बासी लार में मौजूद एंजाइम्स समय के साथ चेहरे के काले धब्बों और आंखों के नीचे के काले घेरों को कम करने में प्रभावी होते हैं। इसे नियमित रूप से लगाने से रंगत साफ होती है।
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लार में लाइसोजाइम और लैक्टोफेरिन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो प्राकृतिक रूप से कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता रखते हैं। यह त्वचा पर संक्रमण पैदा करने वाले बाहरी तत्वों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
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लगातार कुछ हफ्तों तक मस्सों पर सुबह की बासी लार लगाने से वे धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।