इस खूबसूरत लड़की से डरते हैं ISIS के आतंकी, मारने वाले को 7 करोड़ का इनाम
Published : Dec 22, 2016 09:09 am IST, Updated : Dec 22, 2016 09:09 am IST
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आतंकी संगठन आईएसआईएस जो पूरी दुनिया के लिए आतंक का पर्याय बन चुका, अब एक खूबसूरत कुर्दिश डेनिस महिला से खौफ खाता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामिक स्टेट इस युवती की हत्या करने वाले को दस लाख डॉलर (लगभग 7 करोड़ रुपए) का इनाम देने का ऐलान किया है। इस लड़की ने आईएस से मुकाबला करने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी है।
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आईएस आतंकियों से सीरिया व ईराक में लोहा ले रहीं कुर्दिश सेना की लेडी फाइटर जोआना पलानी आईएसआईएस प्रमुख बगदादी के लिए सिर दर्द बन गईं हैं। जिसके चलते इस्लामिक स्टेट ने घोषणा की है कि जो कोई भी पलानी को जान से मारेगा उसे 10 लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा।
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23 वर्षीय जोआना पलानी ने सीरिया और ईराक में आतंकी समूह से लड़ने के लिए 2014 में यूनिवर्सिटी को छोड़ दिया था। फिलहाल वह डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन की एक जेल में बंद हैं और उन पर मुकदमा चल रहा है।
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इसके पीछे वजह यह है कि जून 2015 में उन पर 12 महीने का ट्रैवल बैन लगाया गया था। अगर उन्हें दोषी पाया जाता है तो उन्हें दो साल की सजा हो सकती है।
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डेनमार्क वापसी के मद्देनजर पलानी को अक्सर दोनों तरफ से धमकियां मिलती रहती हैं। लेकिन हाल ही में आईएस ने उसकी हत्या का फरमान जारी किया है और हत्या करने वाले को बतौर इनाम 10 लाख डॉलर देने की पेशकश भी की है। आईएस ने यह फरमान सप्ताह के अंत में अरब मीडिया के माध्यम से कई भाषाओं में जारी किए हैं।
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पलानी ने पिछले साल पुलिस द्वारा अपना पासपोर्ट जब्त कर लिए जाने के बाद फेसबुक पर लिखा था, 'मैं कैसे डेनमार्क या किसी और देश के लिए खतरा बन सकती हूं।
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मैं खुद उस आधिकारिक सेना का हिस्सा हूं, जिसे डेनमार्क ही (आईएस के खिलाफ) लड़ने के लिए प्रशिक्षित करता है। 2014 में आईएस के खिलाफ लड़ने के लिए पलानी ने राजनीति विषय की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद वह उत्तरी सीरिया में कुर्दिश पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिटों (वाईपीजी) की तरफ से लड़ने लगी।
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पलानी ने बीते दिनों फेसबुक पर लिखा, 'मैं डेनमार्क और दूसरे देशों के लिए खतरा कैसे हो सकती हूं। मैंने यहां ही मिलिट्री ट्रेनिंग ली है और मैं आईएसआईएस के खिलाफ लड़ रही थी।' एक पोस्ट में ये भी लिखा, 'एक डेनिश लडक़ी होने के नाते मैंने ये सीखा कि महिलाओं के अधिकारों, डेमोक्रेसी और यूरोपियन वेल्यूज के लिए लड़ना है।'