दिल्ली की सड़कों पर रात में भीख मांगता था यह मुगल शहजादा, लाल किले में हुआ जन्म, जानें कौन था

मुगलों का इतिहास खास रहा है। मुगल साम्राज्य का आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर, जिसे अंग्रेजों के हाथों अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी। साम्राज्य के पतन के बाद, मुगल वंशजों की जिंदगी बदहाल हो गई थी।
1/9 Image Source : wikipedia
मुगलों का इतिहास खास रहा है। मुगल साम्राज्य का आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर, जिसे अंग्रेजों के हाथों अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी। साम्राज्य के पतन के बाद, मुगल वंशजों की जिंदगी बदहाल हो गई थी।
2/9 Image Source : public domain
एक मुगल शहजादा ऐसा भी था जिसका जन्म लाल किले में हुआ था लेकिन वह दिल्ली की गलियों में रात को भीख मांगने को मजबूर हो गया था।
3/9 Image Source : wikipedia
मुगल शहजादे मिर्जा जवान बख्त, जिनका जन्म लाल किले में हुआ था। लेकिन, सत्ता छिनने के बाद, वह रात को दिल्ली की सड़कों पर भीख मांगा करते थे, ताकि उनकी पहचान भी किसी के सामने न आए और उनका खर्चा भी चल पाए।
4/9 Image Source : public domain
एक और मुगल शहजादे के भीख मांगने की बात ख्वाजा हसन निजामी की किताब 'बेगमात के आंसू' में भी कही गई है। उनका नाम कमर सुल्तान बहादुर बताया जाता है।
5/9 Image Source : wikipedia
कमर सुल्तान बहादुर के बारे में कहा जाता है कि वो बहादुरशाह के पोते थे। बताया जाता है कि वह भीख मांगते वक्त कहते थे, 'या अल्लाह, मुझे इतना दे कि मैं अपने खाने के लिए सामान खरीद पाऊं।'
6/9 Image Source : unsplash
बताया जाता है कि 1857 में अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर को म्यांमार भेज दिया था और उनके कई बच्चों और पोतों की हत्या कर दी गई थी।
7/9 Image Source : unsplash
भारत के अलग-अलग हिस्सों में कुछ लोग मुगलों के वंशज होने का दावा करते हैं और यह भी बताते हैं कि उन्हें कोई खास सहायता नहीं मिल रही है। पाकिस्तान में भी मुगलों के कुछ वंशज मौजूद हैं।
8/9 Image Source : unsplash
मिर्ज़ा मुगल, अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पांचवें पुत्र थे, जो बाद में ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों द्वारा मारे गए।
9/9 Image Source : unsplash
मुगल काल में शहजादों को अक्सर साम्राज्य चलाने, कला, दर्शन या साहित्य का संरक्षक होने या सैन्य अभियानों का नेतृत्व करने जैसे महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी जाती थीं।