PHOTOS: राष्ट्रपति मुर्मू के जन्मदिन पर ओडिशा के पहाड़पुर पहुंचे PM मोदी, तस्वीरों में देखें उनका दौरा

ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव में शनिवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने आदिवासी परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की और स्थानीय लोगों से संवाद किया। यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों से भरपूर रहा, जिसमें गांव को विशेष रूप से सजाया गया था। बता दें कि आज 20 जून को राष्ट्रपति मुर्मू का जन्मदिन भी है।
1/14 Image Source : x.com/narendramodi
ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव में शनिवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने आदिवासी परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की और स्थानीय लोगों से संवाद किया। यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों से भरपूर रहा, जिसमें गांव को विशेष रूप से सजाया गया था। बता दें कि आज 20 जून को राष्ट्रपति मुर्मू का जन्मदिन भी है।
2/14 Image Source : x.com/narendramodi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहाड़पुर आगमन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच और मीडिया की नजरों से दूर हुआ। गांव में पहले से मौजूद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ दोनों नेताओं का स्वागत किया। पूरे गांव में उत्साह का माहौल था और लोगों ने इस पल को ऐतिहासिक बताया।
3/14 Image Source : x.com/narendramodi
दोनों नेताओं ने सबसे पहले गोसानी पीठ का दौरा किया, जिसे आदिवासी परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसके बाद वे पैदल चलकर संथाली और हो जाहेरा स्थलों पर पहुंचे। यहां उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और पौधरोपण भी किया। इस दौरान आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
4/14 Image Source : x.com/narendramodi
जाहेरा स्थलों में प्रवेश से पहले राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित सुरक्षा कर्मियों को पारंपरिक संथाली वस्त्र भेंट किए गए। यह परंपरा आदिवासी रीति-रिवाजों का हिस्सा है। इन पवित्र उपवनों में आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, जबकि गोसानी पीठ में पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती है। इस पूरे आयोजन ने आदिवासी संस्कृति की गहराई को उजागर किया।
5/14 Image Source : x.com/narendramodi
संथाली भाषा की विद्वान दमयंती बेसरा ने बताया कि, 'जाहेरा वे पवित्र उपवन हैं, जहां आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, जबकि गोसानी में पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती है। यह ओडिशा के आदिवासियों के लिए एक अविस्मरणीय दिन है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने आदिवासी उपवनों में पूजा की।'
6/14 Image Source : x.com/narendramodi
इसके बाद दोनों नेता उस स्कूल में पहुंचे जिसकी स्थापना राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू और अपने दो बेटों लक्ष्मण और सिपुन की स्मृति में की थी। उन्होंने श्याम चरण मुर्मू और दोनों बेटों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राष्ट्रपति के निजी जीवन की कठिनाइयों और उनके संकल्प की चर्चा भी हुई।
7/14 Image Source : x.com/narendramodi
प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक संदेश में कहा, 'यह सम्मान की बात है कि मैं राष्ट्रपति के साथ पहाड़पुर में हूं, जो उनका जन्मस्थान है। उनका जीवन और कार्य प्रेरणादायक है। मैं उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना करता हूं।'
8/14 Image Source : x.com/narendramodi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद राष्ट्रपति का समर्पण प्रेरणा देता है। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को साल 2009 से 2014 के बीच अपने दोनों बेटों और पति को खोने का असहनीय दुख झेलना पड़ा था। महज 4 साल के अंतराल में उनके परिवार में तीन लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई, जिसने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया था।
9/14 Image Source : x.com/narendramodi
मोदी ने एक अन्य संदेश में कहा, 'मैं पहाड़पुर गांव के स्कूल में आया, जहां राष्ट्रपति शिक्षा ढांचे को बेहतर बनाने और युवाओं को अवसर देने में अग्रणी रही हैं। यहां के बच्चों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा में यह प्रयास सराहनीय है।' उन्होंने छात्रों से बातचीत भी की और उनके प्रयासों की सराहना की।
10/14 Image Source : x.com/narendramodi
स्किल डेवलपमेंट सेंटर के दौरे पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह देखकर खुशी होती है कि राष्ट्रपति इस क्षेत्र पर ध्यान दे रही हैं और गांव के विकास को गति दे रही हैं। यहां के युवा ऐसे कौशल सीख रहे हैं जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।' यह केंद्र रोजगार और प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
11/14 Image Source : x.com/narendramodi
प्रधानमंत्री ने संथाली और हो जाहेरा में पूजा करते हुए कहा, 'हमने इन पवित्र उपवनों में पूजा की, जो प्रकृति और आदिवासी परंपराओं के गहरे संबंध को दर्शाते हैं। ये परंपराएं भारत की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं और हम इन्हें आगे भी संरक्षित करेंगे।'
12/14 Image Source : x.com/narendramodi
गोसानी पीठ के दौरे पर उन्होंने कहा, 'गोसानी पीठ आदिवासी संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।' इस दौरान दोनों नेताओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की और क्षेत्रीय संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
13/14 Image Source : x.com/narendramodi
इस अवसर पर ओडिशा में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का संयुक्त रूप से शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना, कनेक्टिविटी सुधारना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
14/14 Image Source : x.com/narendramodi
इन परियोजनाओं में 600 मेगावाट की ऊपरी इंद्रावती पंप भंडारण परियोजना, आईबी ताप विद्युत संयंत्र, कोल गैसीफिकेशन परियोजना, काठजोड़ी नदी पर पुल, बौध अस्पताल, रेलवे परियोजनाएं और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्य शामिल हैं। साथ ही खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं भी शुरू की गईं।