योगी सरकार का बड़ा कदम: लखनऊ के डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में लाइट एंड साउंड शो शुरू, क्यों खास है ये कदम?

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी की राजधानी लखनऊ के डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में लाइट एन्ड साउंड शो शुरू किया है। शो में डॉ अम्बेडकर के बचपन, शिक्षा, संघर्ष और संविधान निर्माण तक के सफर को लाइट, साउंड और विजुअल इफेक्ट्स के जरिये दिखाया जाएगा।
1/6 Image Source : Reporter
योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी की राजधानी लखनऊ के डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में लाइट एन्ड साउंड शो शुरू किया है। शो में डॉ अम्बेडकर के बचपन, शिक्षा, संघर्ष और संविधान निर्माण तक के सफर को लाइट, साउंड और विजुअल इफेक्ट्स के जरिये दिखाया जाएगा।
2/6 Image Source : Reporter
लखनऊ के डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में शुरू किए गए लाइट एंड साउंड शो में डॉ अंबेडकर के बचपन, उनकी शिक्षा, जीवन के संघर्ष और संविधान निर्माण तक के सफर को लाइट, साउंड और विजुअल इफेक्ट्स के जरिये दिखाया जाएगा।
3/6 Image Source : Reporter
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने करीब साढ़े अठारह करोड़ की लागत से ये प्रोजेक्ट तैयार कराया है। मायावती जब 1995 में पहली बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं तब उन्होंने इस पार्क की आधारशिला रखी थी। तब इस पार्क का नाम डॉ भीमराव अंबेडकर उद्यान था। बाद में इसका नाम डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल रख दिया गया। बाद में 2007 में यूपी में बहुमत की सरकार बनाने के बाद मायावती ने इसे और भव्य बनाया। पार्क में डॉ अंबेडकर के अलावा दलित महापुरुषों- ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, शाहूजी महाराज की मूर्तियां भी हैं।
4/6 Image Source : Reporter
सरकार के इस कदम को दलित वोटों से जोड़कर देखा जा रहा है। यूपी में करीब 22 फीसदी दलित वोट हैं। 2014 के पहले ज़्यादातर दलित वोट मायावती की पार्टी बसपा को मिलता था। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़े पैमाने पर मायावती के दलित वोट में सेंध लगाई। अब मायावती की पार्टी का एक भी सांसद नहीं है और विधानसभा मे सिर्फ एक विधायक है।
5/6 Image Source : Reporter
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ी तादाद में दलित वोट बीजेपी से खिसक कर इंडिया गठबंधन में चल गया और इंडिया गठबंधन यूपी में 80 लोकसभा सीटों में से 43 जीत गया और बीजेपी को सिर्फ 33 सीट मिली और सहयोगी दलों को तीन। लोकसभा चुनाव में एनडीए को दलितों में जाटवों का 24 फीसदी और गैर जाटवों का 29 फीसदी वोट मिला। इंडिया गठबंधन को दलितों में जाटवों का 25 फीसदी और गैर जाटवों का 56 फीसदी वोट मिला।
6/6 Image Source : Reporter
आपको बता दें कि अगले साल 2027 के शुरुआती महीनों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का आयोजन होना है। भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। इस चुनाव में बीजेपी की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा दलित वोट पाया जा सके।