अमावस्या के दिन बाल धोने चाहिए या नहीं?

आज यानी 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। जब भी अमावस्या तिथि आती है तो ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर रहता है कि क्या इस दिन बाल धोने चाहिए या नहीं। दरअसल कई हिंदू त्योहारों में बाल धुलने का रिवाज है। लेकिन क्या अमावस्या पर भी ये बात लागू होती है चलिए इस बारे में आपको बताते हैं।
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आज यानी 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। जब भी अमावस्या तिथि आती है तो ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर रहता है कि क्या इस दिन बाल धोने चाहिए या नहीं। दरअसल कई हिंदू त्योहारों में बाल धुलने का रिवाज है। लेकिन क्या अमावस्या पर भी ये बात लागू होती है चलिए इस बारे में आपको बताते हैं।
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शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही बाल नहीं धोने चाहिए। खासतौर से सुहागिन महिलाओं और व्रत रखने वालों को तो भूलकर भी इस दिन बाल नहीं धुलने चाहिए। अमावस्या पितरों की तिथि होती है। ऐसे में इस दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा बाल धुलने से पितर नाराज हो जाते हैं। जिससे जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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पौराणिक मान्यताओं अनुसार अमावस्या के दिन बाल धुलने से पति और संतान के जीवन में भी कष्ट आने की संभावना रहती है। इसी कारण से शादीशुदा महिलाएं इस दिन बाल नहीं धुलती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या के दिन बाल धोने से कुंडली में चंद्र दोष लग सकता है। जिससे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
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बाल काटने के अलावा इस दिन बालों में तेल लगाने और नाखून काटने से भी बचना चाहिए। इसके अलावा इस दिन तामसिक भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। किसी से लड़ाई-झगड़ा भी नहीं करना चाहिए।
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जहां अमावस्या पर कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है तो वहीं इस दिन कुछ काम करना अत्यंत शुभ भी माना जाता है। जैसे इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देना बेहद फलदायी होता है।
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इसके अलावा इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस पावन दिन पर पीपल के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाकर पेड़ की कम से कम 11 बार परिक्रमा जरूर करनी चाहिए।
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इसके अलावा सोमवती अमावस्या पर दान करने का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों के नाम से अन्न, जल, वस्त्र और पैसों का दान अवश्य करना चाहिए।