साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को, जानिए कहां-कहां दिखाई देगा

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। पंचांग अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त की सुबह 8 बजकर 04 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगी। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इसी के साथ यह साल का आखिरी ग्रहण भी होगा। इस ग्रहण की परम अवस्था के समय चन्द्रमा का अधिकांश भाग पृथ्वी की प्रच्छाया से छिप जायेगा। जिससे चांद कटा हुआ दिखाई देगा। जानिए यह ग्रहण कहां-कहां दिखाई देने वाला है।
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साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। पंचांग अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त की सुबह 8 बजकर 04 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगी। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इसी के साथ यह साल का आखिरी ग्रहण भी होगा। इस ग्रहण की परम अवस्था के समय चन्द्रमा का अधिकांश भाग पृथ्वी की प्रच्छाया से छिप जायेगा। जिससे चांद कटा हुआ दिखाई देगा। जानिए यह ग्रहण कहां-कहां दिखाई देने वाला है।
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यह चन्द्र ग्रहण उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, प्रशान्त महासागर के पूर्वी भागों और अटलांटिक महासागर से दिखायी देगा। वियना, पेरिस, रोम, बर्लिन, प्राग, ब्रुसेल्स, मैड्रिड, लन्दन, रियो डी जेनेरियो, न्यूयॉर्क, जोहान्सबर्ग और ब्यूनस आयर्स कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहां यह चन्द्र ग्रहण अच्छे से दिखायी देगा।
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28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत, बांग्लादेश, चीन, जापान, नेपाल, श्रीलंका और एशिया के अधिकांश भागों से दिखायी नहीं देगा। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भागों और पश्चिमी प्रशान्त महासागर से भी यह ग्रहण दिखायी नहीं देगा।
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इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल नहीं लगेगा क्योंकि यह ग्रहण भारत से दिखाई नहीं दे रहा है। बता दें वैसे चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है।
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चंद्र ग्रहण के समय भोजन खाने और पकाने से मना किया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान भोजन दूषित हो जाता है। इसके साथ ही गर्भवती स्त्रियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जैसे उन्हें घर से बाहर निकलने से मना किया जाता है। इसके अलावा ग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों को वस्त्र आदि काटने या सिलने से भी मना किया जाता है। मान्यता है कि राहु व केतु के दुष्प्रभाव के कारण शिशु शारीरिक रूप से अक्षम हो सकता है इसलिए ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को ये सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।