पिठोरी अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें इन मंत्रों का जप, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

पिठोरी अमावस्या के दिन व्रत रखने के साथ ही पितरों की पूजा करने से भी विशेष लाभ होते हैं। श्राद्ध आदि की अमावस्या 22 अगस्त को रखी जाएगी जबकि स्नान-दान की अमावस्या 23 जुलाई को रहेगी। ऐसे में अमावस्या तिथि के दौरान आपको कुछ मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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पिठोरी अमावस्या के दिन व्रत रखने के साथ ही पितरों की पूजा करने से भी विशेष लाभ होते हैं। श्राद्ध आदि की अमावस्या 22 अगस्त को रखी जाएगी जबकि स्नान-दान की अमावस्या 23 जुलाई को रहेगी। ऐसे में अमावस्या तिथि के दौरान आपको कुछ मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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पिठोरी अमावस्या के दिन आपको 'ॐ पितृ देवतायै नमः' मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आप पर पितृ कृपा बरसती है और साथ ही पितृ दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है।
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इस पितृ गायत्री मंत्र- 'ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्:' का भी आप जप कर सकते हैं। यह मंत्र पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है, साथ ही आपके जीवन के भी कई दुख इसका जप करने से दूर हो जाते हैं।
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इस दिन जो लोग पितरों का तर्पण करने वाले हैं उनको तर्पण करते समय 'ॐ नमः पित्र तर्पयामि: नम:' मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करते हुए पितरों का तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होकर आप पर कृपा बरसाते हैं।
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अगर आप भी पितृ दोष से पीड़ित हैं या जीवन में परेशानियों का सामना आपको करना पड़ रहा है, तो आपको पिठोरी अमावस्या के दिन ऊपर बताए गए मंत्रों का जप करके लाभ मिल सकता है।