सर्वपितृ अमावस्या के दिन इन स्थानों पर जलाएं दीपक, पितरों के साथ ही देवी लक्ष्मी की भी बरसेगी कृपा

सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025 को है। इसी दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इस दिन पितरों की पूजा के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
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सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025 को है। इसी दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इस दिन पितरों की पूजा के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
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अगर आप पितरों और माता लक्ष्मी की पूजा ना भी कर पाएं तो घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाकर आप पितृ देवताओं और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको घर के ऐसे ही कुछ विशेष स्थानों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
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अमावस्या तिथि के दिन आपको घर की दक्षिण दिशा में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। यह दिशा पितरों की मानी गई है। ऐसे में यहां दीपक जलाने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। इसके साथ ही पितरों की तस्वीर के पास भी इस दिन आपको दीपक जरूर जलाना चाहिए।
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घर के मुख्यद्वार के दोनों ओर भी आपको सर्वपितृ अमावस्या के दिन दीपक जरूर जलाने चाहिए। ऐसा करने से पितरों के साथ ही माता लक्ष्मी भी बेहद प्रसन्न होती हैं। यहां दीपक जलाने से आपके जीवन में आ रही धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
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सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर आपको उत्तर-पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में भी दीपक जलाना चाहिए। यह दिशा देवी-देवताओं की कही जाती है। यहां दीपक जलाने से आपके जीवन सुख-समृद्धि आती है। साथ ही देवी लक्ष्मी की कृपा से आप करियर के क्षेत्र में भी प्रगति करते हैं।