सिर पर राहु चढ़ने का क्या होता है अर्थ, ये क्यों माना जाता है घातक

क्या आपने किसी को ये कहते सुना है कि किसी व्यक्ति के सिर पर राहु चढ़ गया है। ऐसा अमूमन तब बोला है जब कोई व्यक्ति नकारात्मक काम करने लगता है। ज्योतिष की मानें तो जब राहु कुंडली में गलत जगह पर बैठकर व्यक्ति की बुद्धि को नष्ट करने लगता है तो उसे राहु का सिर पर चढ़ना कहते हैं। इस स्थिति में सोचने-समझने की शक्ति काफी कमजोर हो जाती है। चलिए जानते हैं राहु के सिर पर चढ़ने यानी कमजोर होने का कैसे पता चलता है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
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क्या आपने किसी को ये कहते सुना है कि किसी व्यक्ति के सिर पर राहु चढ़ गया है। ऐसा अमूमन तब बोला है जब कोई व्यक्ति नकारात्मक काम करने लगता है। ज्योतिष की मानें तो जब राहु कुंडली में गलत जगह पर बैठकर व्यक्ति की बुद्धि को नष्ट करने लगता है तो उसे राहु का सिर पर चढ़ना कहते हैं। इस स्थिति में सोचने-समझने की शक्ति काफी कमजोर हो जाती है। चलिए जानते हैं राहु के सिर पर चढ़ने यानी कमजोर होने का कैसे पता चलता है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
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सिर पर राहु चढ़ने के लक्षण - कमजोर राहु का पता लगाने के लिए आप अपनी कुंडली किसी ज्योतिष विशेषज्ञ को दिखा सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ विशेष लक्षणों से भी ये समझ सकते हैं कि राहु अशुभ स्थिति में है। अचानक से हर बात पर शक करना, दिमाग का अत्यधिक सक्रिय रहना, छोटी-छोटी चीजों को लेकर भी तनाव होना, अचानक गुस्सा आना, अप्रत्याशित घटनाएं, रिश्तों में खटास, कार्यों का बार-बार बिगड़ना ये कुछ सामान्य लक्षण हैं जिनसें ये पता चल जाता है कि राहु कमजोर है।
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क्यों माना जाता है इसे घातक? राहु सीधे तौर पर मस्तिष्क, भ्रम, निर्णय क्षमता और भावनाओं को प्रभावित करता है। ऐसे में यदि ये ग्रह अशुभ स्थिति में आ जाए तो गलत फैसले, क्रोध, भय, तनाव और धोखा मिलने की स्थितियां बढ़ जाती हैं। इस स्थिति में व्यक्ति काफी भ्रमित हो जाता है और हर चीज में गलत फैसले लेने लगता है।
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राहु के सिर पर चढ़ने पर काम बिगड़ने लगता है। घर में तनाव बना रहता है। धोखा मिलने की संभावना रहती है। नौकरी या बिजनेस में दिक्कतें आने लगती हैं। हर चीज से डर लगने लगता है। इसलिए इसे घातक माना जाता है।
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क्या करें उपाय - राहु के किसी भी मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। सात्विक भोजन करें। नारियल और काले तिल का दान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। शिवलिंग पर नियमित रूप से जल चढ़ाएं। ऐसा करने से आप राहु के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं।