केला और शमी का पौधा किस दिशा में लगाएं? भूल से भी न करें ये गलती, जानिए क्या है वास्तु के नियम

प्रकृति में कई ऐसे पौधे हैं जिनका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व बहुत गहरा है। शमी और केले का पौधा लगाना शुभ माना गया है। कहते हैं कि  ये पौधे लगाने से देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। लेकिन इन्हें गलत दिशा में लगा दिया जाए, तो घर में अशांति बढ़ सकती है।
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प्रकृति में कई ऐसे पौधे हैं जिनका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व बहुत गहरा है। शमी और केले का पौधा लगाना शुभ माना गया है। कहते हैं कि ये पौधे लगाने से देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। लेकिन इन्हें गलत दिशा में लगा दिया जाए, तो घर में अशांति बढ़ सकती है।
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शमी के पौधे को शनि देव का प्रिय माना गया है। वास्तु के अनुसार, यह पौधा घर में समृद्धि और संपत्ति लाता है। लेकिन इसे घर के अंदर या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इससे पारिवारिक तनाव और मानसिक अशांति बढ़ सकती है। शमी का पौधा घर के आंगन में लगाना चाहिए।
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वास्तु में दिशा का बहुत महत्व है। शमी का पौधा कभी भी उत्तर दिशा में नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है। शमी का पौधा दक्षिण दिशा में लगाना सबसे शुभ होता है। शनिवार को सूर्यास्त के बाद शमी का पौधा लगाना और इस दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ फल देता है।
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केले का पौधा भगवान विष्णु को अर्पित किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार के सामने या छत पर केले का पौधा लगाना अशुभ होता है। इससे परिवार में कलह और आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। केले का पौधा घर के पीछे या पूर्व-उत्तर दिशा यानी कि ईशान कोण में लगाना शुभ होता है।
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वास्तु के अनुसार, केले के पौधे को कभी भी गुलाब या कांटेदार पौधों के पास नहीं लगाना चाहिए। ऐसे पौधे नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करते हैं, जिससे केले के पौधे का शुभ प्रभाव कम हो जाता है। अगर आप सही दिशा, शुभ दिन और विधि से ये पौधे लगाते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का वास होता है।