जर्मनी के लैपर्ड टैंक की क्या है खासियत, जिसे कहा जाता है युद्ध में 'गेम चेंजर'

इसका इंजन बहुत शक्तिशाली है, जो MTU MB 873 डीजल इंजन से लैस है। यह 1,500 हॉर्सपावर की ताकत देता है, जिससे यह 70 किमी/घंटा की अधिकतम गति हासिल कर लेता है।
1/5 Image Source : AP
इसका इंजन बहुत शक्तिशाली है, जो MTU MB 873 डीजल इंजन से लैस है। यह 1,500 हॉर्सपावर की ताकत देता है, जिससे यह 70 किमी/घंटा की अधिकतम गति हासिल कर लेता है।
2/5 Image Source : AP
इसका सुरक्षा कवच काफी उन्नत है, जो मॉड्यूलर कंपोजिट आर्मर है। यह बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रदान करता है और IEDs व एंटी-टैंक हथियारों से बचाव करता है। इसमें Rheinmetall 120mm स्मूथबोर गन हैं, जो लंबी दूरी पर सटीक निशाना साध सकती है और विभिन्न प्रकार के गोले दाग सकती है।
3/5 Image Source : AP
इसमें डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम है, जो लेजर रेंजफाइंडर और स्टेबलाइज्ड गन के साथ, जो रात-दिन सटीक फायरिंग सुनिश्चित करता है।
4/5 Image Source : AP
इसकी रेंज 500 किमी और उत्कृष्ट ऑफ-रोड क्षमता, जो जटिल इलाकों में तेजी से दौड़ सकता है। इसमें 4 सदस्यीय क्रू (कमांडर, गनर, लोडर, ड्राइवर) के लिए NBC (न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल, केमिकल) प्रोटेक्शन और एयर कंडीशनिंग होती है।
5/5 Image Source : AP
रूस के खिलाफ यूक्रेन इस लैपर्ड टैंक का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें मशीन गन सिस्टम है। दो 7.62mm मशीन गन (कोएक्सियल और रूफ-माउंटेड), जो इन्फैंट्री और हल्के लक्ष्यों के खिलाफ प्रभावी हैं। साथ ही उन्नत थर्मल इमेजिंग और नाइट विजन सिस्टम, जो कम दृश्यता में भी दुश्मन को पहचानने में मदद करते हैं।