हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार (19 जुलाई) को सभी सरकारी स्कूलों की प्रबंधन समितियों से सीधा संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए हरियाणा सरकार सभी सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना चाहती है। वहीं, स्कूल प्रबंधन समितियां भी इसी तरीके से मुख्यधारा में लाई जाएंगे। सरकार ने अपनी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 19 जुलाई को प्रदेशभर की स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के सदस्यों के साथ लाइव संवाद करेंगे। 19 जुलाई को दोपहर 1 बजे यह कार्यक्रम शुरू होगा। सभी सदस्य ऑनलाइन लाइव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य स्कूलों की गुणवत्ता, विकास कार्यों, समस्याओं और सुधारों पर सीधा फीडबैक लेना है।
कैसे होगा कार्यक्रम?
हर जिले से एक चयनित स्कूल की स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री सीधा संवाद करेंगे। प्रदेश के बाकी सभी सरकारी स्कूलों की स्कूल मैनेजमेंट कमिटी सदस्य ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम देख सकेंगे और अपनी बात रख सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस कार्यक्रम को लेकर सभी जिलों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। जिला परियोजना समन्वयक को मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसे क्या जिम्मेदारी मिली?
- जिला परियोजना समन्वयक का काम स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के सदस्यों की संख्या, तकनीकी व्यवस्था और पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना होगा।
- चयनित स्कूलों में प्रधानाचार्य, स्कूल मैनेजमेंट कमिटी अध्यक्ष और अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
- हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद कार्यक्रम का ऑनलाइन लिंक उपलब्ध कराएगा।
- सभी जिलों में कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
स्कूल मैनेजमेंट कमिटी का सक्रिय होना जरूरी
हरियाणा सरकार का मानना है कि स्कूल मैनेजमेंट कमिटी को स्कूल प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस संवाद के जरिए मुख्यमंत्री सीधे ग्राउंड लेवल की समस्याएं सुनना चाहते हैं। इनमें स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं, शिक्षण गुणवत्ता, मिड-डे मील, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और अन्य मुद्दे शामिल हैं। स्कूल मैनेजमेंट कमिटी में अभिभावक, शिक्षक और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
बेहतर होगी स्कूल शिक्षा व्यवस्था
यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समस्याओं का पता चलेगा, बल्कि स्कूल मैनेजमेंट कमिटी सदस्यों में भी स्कूल सुधार को लेकर जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ेगी। कार्यक्रम का प्रसारण सभी सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा स्कूल मैनेजमेंट कमिटी सदस्य जुड़ सकें।
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