A
  1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. हरियाणा में पहली बार कैबिनेट की मीटिंग गुरुग्राम में क्यों हुई? बैठक में क्या फैसले लिए गए, जानें

हरियाणा में पहली बार कैबिनेट की मीटिंग गुरुग्राम में क्यों हुई? बैठक में क्या फैसले लिए गए, जानें

गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। यह पहली बार है जब इस जिले में ऐसी कोई बैठक आयोजित की जा गई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी- India TV Hindi
Image Source : REPORTER मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

गुरुग्रामः हरियाणा में पहली बार कैबिनेट बैठक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में आयोजित की गई। इसको लेकर प्रशासन ने लघु सचिवालय के आस पास सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए थे। आमतौर पर कैबिनेट की बैठक चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में ही की जाती रही है लेकिन दिल्ली के उद्यमियों के साथ प्रस्तावित संवाद प्रोग्राम को देखते हुए इस बार यह बैठक गुरुग्राम में रखी गई।  

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया गया कि हरियाणा कैबिनेट की बैठक में हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है। एकदिवसीय विशेष सत्र आगामी 27 अप्रैल को होगा। हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 विधानसभा के स्पेशल सत्र में लाया जाएगा। 

ग्रुप डी के कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए नियम बनाने पर बनी सहमति

मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बनी है। कॉमन कैडर ग्रुप डी के जिन कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस की पूरी वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल होंगे। हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस बिल 2026 के मसौदे को भी मंजूरी दी गई। ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का प्रावधान किया गया। साथ ही 5% एक्स ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई। 

सीएम सैनी ने विपक्ष पर साधा निशाना

कैबिनेट की मीटिंग के बाद सीएम सैनी ने कहा कि 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ उसने विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर किया। विपक्षी दलों का असली चरित्र महिला विरोधी और सत्ता का लोभी है। यह दिन देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हुआ। विपक्षी दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा लेकिन निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला विरोधी दलों को करारा जवाब देंगी।