मथुरा: पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मथुरा में जवाहरबाग में व्यक्तियों को कथित तौर पर प्रशिक्षण देने वाला आरएसएस कार्यकर्ता आगरा का नहीं बल्कि जिले के ही दीन दयालधाम का रहने वाला था। एसएसपी बब्लू कुमार ने संवाददाताओं से कहा, हमारे पास कुछ सूचना है कि राजवीर सिंह आगरा का नहीं बल्कि मथुरा के दीनदयाल धाम का रहने वाला था जो रामवृक्ष यादव के सुरक्षा अधिकारी विरेश कुमार के अनुसार जवाहरबाग के व्यक्तियों को प्रशिक्षित कर रहा था।
उन्होंने कहा कि पुलिस उसका पता लगाने के लिए सभी प्रयास करेगी। एसएसपी ने कहा कि विरेश की पत्नी ललिता देवी ने दावा किया है कि वह अक्सर जवाहरबाग आती जाती थी। ललिता के हवाले से कहा गया, मैं जवाहरबाग में स्थायी तौर पर नहीं रहती थी, मेरे पति वहां रहते थे। उसने दावा किया कि दो जून को गोलीबारी शुरू होने के बाद वह अपने पति के साथ चहारदिवारी फांदकर भागी थी।
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जवाहरबाग में दो जून को अतिक्रमणकारियों तथा पुलिस के बीच हुई झड़प में दो पुलिस अधिकारियों सहित 29 लोग मारे गए थे। विरेश अतिक्रमणकारियों के मुखिया रामवृक्ष यादव का सुरक्षा अधिकारी था और उसे पुलिस ने सदर बाजार पुलिस थानाक्षेत्र के बालाजी पुरम कालोनी से उसकी पत्नी और दो बच्चों के साथ मंगलवार की रात को पकड़ा था। इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की मदद करने के लिए आरएसएस की निंदा की है।
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