चंडीगढ़/नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने अमृतसर (मध्य) सीट से उम्मीदवार दरबारी लाल की उम्मीदवारी भ्रष्टाचार के आरोपों में रद्द कर दी और कुछ ही घंटे बाद वह कांग्रेस में लौट गये और आरोप लगाया कि आप नेताओं की मानसिकता विनाशकारी है जो पंजाब के हितों के लिए नुकसानदेह है। दिल्ली में कांग्रेस में फिर शामिल हुए दरबारी लाल ने कहा कि राज्य को एकमात्र उम्मीद अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में है और उन्हें चुनाव के लिए टिकट की कोई लालसा नहीं है और केवल राज्य की सेवा करना चाहते हैं।
चंडीगढ़ में आप प्रवक्ता ने कहा कि अमृतसर :मध्य: विधानसभा सीट से लाल की उम्मीदवारी को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आने के बाद रद्द कर दिया गया। इससे पहले दिन में आप के पंजाब संयोजक गुरप्रीत सिंह गुग्गी ने कहा था कि लाल की उम्मीदवारी उनके खराब स्वास्थ्य के कारण रद्द की गई है और जल्द ही नये उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। गुग्गी ने कहा कि लाल को पिछले कुछ दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया है और वह क्षेत्र में प्रचार नहीं कर पा रहे हैं।
एक हफ्ते में दूसरी बार आप ने अमृतसर :मध्य: से अपना उम्मीदवार बदला है। आप ने छह जनवरी को पूर्व कांग्रेस नेता दरबारी लाल को राजिंदर कुमार की जगह उम्मीदवार नामित किया था। कुमार को उम्मीदवार बनाने के 24 घंटे के अंदर ही हटा दिया गया था। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने एक बयान में कहा कि लाल ने कुछ असंतोष के चलते कांग्रेस छोड़ दी थी और अब उनकी शिकायतों को सुलझा लिया गया है और उन्होंने फिर से पार्टी में आने का फैसला किया। वह अमृतसर में पार्टी उम्मीदवारों की मदद करेंगे।
लाल तीन बार कांग्रेस से विधायक रहे हैं और राज्य विधानसभा में उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वह 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में आप में चले गये। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए चार फरवरी को मतदान होगा।
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