नई दिल्ली: पंजाब के अबोहर में दो दलितों के हाथ-पैर काटने की घटना पर लोकसभा में मंगलवार को भी हंगामा हुआ। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने हंगामे के बीच सदन से वॉकआउट किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों ने उस समय विरोध जताया, जब लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रश्नकाल के बाद इस पर बात रखने को कहा।
कांग्रेस सदस्यों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष के आसन के सामने नारेबाजी करने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि एक निर्वाचित सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्य पहले अध्यक्ष के आसन के सामने आकर निर्वाचित सरकार का अपमान करते हैं और फिर सदन में मुद्दा उठाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा, "यह रोजमर्रा की बात हो गई है। कृपया सदन की भावनाओं को समझें।"
कांग्रेस सदस्यों ने अबोहर के अपराध के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंजाब की शिरोमणि अकाली दल-भाजपा की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस पर नायडू ने कहा कि इस हिसाब से तो दादरी में एक आदमी की पीट पीटकर हुई हत्या की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार को भी बर्खास्त कर देना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि राज्यों से जुड़े मामले सदन में नहीं उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सिंधिया से ऐसा नहीं करने के लिए कहा। सिंधिया ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद बीते 18 महीनों में दलितों और महिलाओं पर अत्याचार की कई घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय मुद्दा है।"
सिंधिया ने कुछ दिन पहले एक बस द्वारा एक छात्र के कुचले जाने का मामला उठाया। बस कथित रूप से एक अकाली नेता की कंपनी की थी। सिंधिया ने इस घटना के लिए जैसे ही पंजाब में सत्तारूढ़ दल के नेतृत्व पर उंगली उठाई, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने खड़े होकर विरोध जताना शुरू कर दिया।
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