सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप मनोबल गिराने वाला: सुंदरराज
रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक ने कहा है कि सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप उनके मनोबल को कम करने के लिए लगाया जाता है। राज्य के

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक ने कहा है कि सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप उनके मनोबल को कम करने के लिए लगाया जाता है।
राज्य के धुर नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के उप पुलिस महानिरीक्षक तथा प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र में काम कर रहे सुरक्षा बलोंं पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन कई बार जांच में पाया गया है कि यह आरोप केवल बल के मनोबल को कम करने के लिए ही लगाए जाते हैं।
सुंदरराज ने कहा कि क्षेत्र में अभियान के दौरान सुरक्षा बल के जवान अधिक सतर्क रहते हैं और ऐसे में ग्रामीणों के साथ अभद्रता नहीं करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि जवानों पर आरोप तो लगते हैं लेकिन सिद्ध नहीं होते हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस जवानों के खिलाफ जो भी शिकायतें होती है उनकी जांच की जाती है लेकिन ज्यादातर मामलों में पाया जाता है कि यह केवल सुरक्षा बल को बदनाम करने और उनके मनोबल को कम करने की कोशिश है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर क्षेत्र में पिछले दिनों वर्ष 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सुंदरराज पी को दंतेवाड़ा क्षेत्र के नए उप पुलिस महानिरीक्षक के रूप में नियुक्त किया था। वहीं लंबी छुट्टी में गए आईजी कल्लूरी ने जब अन्य स्थान पर नियुक्ति देने की मांग की तब संुदरराज को बस्तर क्षेत्र का प्रभार दे दिया गया। कल्लूरी को बगैर कोई प्रभार दिए पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है।
बस्तर क्षेत्र में आईजी रहने के दौरान कल्लूरी अपनी कार्यप्रणाली के कारण चर्चित रहे तथा सुरक्षा बल के जवानों पर क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इन मामलों को संग्यान में लिया है।
सुंदरराज ने बातचीत के दौरान कहा कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा तथा सुरक्षा बलों ने अब नक्सलियों को पीछे धकेल दिया है।
राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और राजनांदगांव जिलों मंे पुलिस अधीक्षक रहे सुंदरराज ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा हैं उनमें सफलता मिल रही है।
उनसे पूछा गया कि क्या आपरेशन ग्रीन हंट जैसा आपरेशन क्षेत्र में फिर से शुरू हो सकता है तब उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहे हैं और सुरक्षा बल के जवान अब उन जगहों पर पहुंच रहे हैं जहां पहले नहीं पहुंचा जा सकता था। अभियान जारी रहेगा लेकिन इस अभियान को कोई नाम नहीं दिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ कई स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा बल के जवान सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं विकास कार्य के माध्यम से भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। नक्सल प्रभावित जिलों के कलेक्टर भी बेहतर कार्य कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र की जनता भी अब सुरक्षा बल के साथ हैं। वह माओवादियों को समर्थन नहीं दे रहे हैं।
पिछले दो सालों मंे नक्सलियों के खिलाफ अभियान में डीआरजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसे लेकर प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि केवल डीआरजी ही नहीं बल्कि एसटीएफ, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी को बराबरी से साथ में लेकर अभियान चलाया जाएगा।
सुंदरराज ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में वह क्षेत्र की संवेदनशील जनता और संगठनों का स्वागत करते हैं।